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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का क्रियान्वयन 1 सितम्बर से कलेक्टर ने दिया आवश्यक निर्देश

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बिलासपुर|  राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत् 1 सितम्बर से ग्राम पंचायतों में आवेदन लिए जाएंगे। कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने सभी ग्राम पंचायतों में इसके लिए आवदेन प्रपत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक निर्देश आज टीएल की बैठक में दिया।

कलेक्टर ने सभी पंचायत सचिव को ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहकर आवेदन लेने और आवेदनों की जांच के लिए पटवारी तथा ग्राम कृषि विस्तार अधिकारी को रोस्टर बनाकर ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सभी एसडीएम सतत् इसकी माॅनिटरिंग करेंगे।

शत् प्रतिशत त्रुटिरहित गिरदावरी के लिए हरेक खेत में जाकर करें सत्यापन-

कलेक्टर ने शत् प्रतिशत त्रुटिरहित गिरदावरी के लिए हरेक खेत में जाकर गिरदावरी कार्य का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को उनके लिए आबंटित गांव में 10 प्रतिशत खसरों की जांच करनी है। शासन के इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत् जिन किसानों ने सामान्य धान के बदले  सुगंधित धान या अन्य फसल लगाए है, उनके रकबे की एंट्री प्राथमिकता से करने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत् अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए निर्देश दिए गए।

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गोधन न्याय योजना के तहत् नगरीय क्षेत्र के गौठानों में गोबर खरीदी बढ़ाने एवं गोबर से निर्मित जैविक खाद की बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिया। गौठानों में निर्मित सुपर कम्पोस्ट खाद का उपयोग वृक्षारोपण हेतु करने के लिए प्रोत्साहित करें। सार्वजनिक एवं निजी प्रतिष्ठान, खदान क्षेत्रों में किए जा रहे वृक्षारोपण में इन खादों का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाए। गौठानों में खाद बनाने के कार्य में लगे स्व सहायता समूहों को उनके लाभांश की राशि का भुगतान सर्वाेच्च प्राथमिकता से करने कहा।

गौठानों में विकसित किए गए चारागाहों में पानी की व्यवस्था के लिए जल्द से जल्द बोर खनन के निर्देश दिए गए।

वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए माइक्रो प्लानिंग

बैठक में कलेक्टर ने कोविड-19 के वैक्सीनेशन की समीक्षा की। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग कर वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों द्वारा घर-घर जाकर वैक्सीनेशन से छुटे हुए लोगों का सर्वे करने, जिन क्षेत्रों में ज्यादा लोग टीके से वंचित है वहां टीम बनाकर टीकाकरण कराने तथा टीकाकरण सत्र बढ़ाने का निर्देश दिया। बिल्हा, मल्हार, तखतपुर नगरीय निकायों में टीकाकरण की प्र्रगति को देखते हुए इन निकायों में शत प्रतिशत टीकाकरण जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की समीक्षा करते हुए इस योजना के क्रियान्वयन में जिले को अग्रणी बनाने कहा। क्लिनिक में हर प्रकार की दवा तथा जांच सुविधा उपलब्ध हो जिससे प्रत्येक हाट बाजार क्लिनिक में  अधिक से अधिक मरीज लाभान्वित हो सके।

कलेक्टर ने नगर निगम बिलासपुर सहित तखतपुर एवं रतनपुर नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री सस्ती दवा दुकान तथा जिले में प्रगतिरत इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण पूर्ण करने कहा। बहतराई स्टेडियम के शेष बचे कार्य को भी शीघ्र पूर्ण कर खेल विभाग को हस्तांरित करने  का निर्देश पीडब्लूडी विभाग को दिया। अमृत मिशन कार्यां की समीक्षा की और 15 सितम्बर के बाद सड़कों के मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन व्यापार विहार स्मार्ट सड़क और प्लेटोनियम 20 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, नेशनल लोक अदालत, संग्रहण केन्द्रों से धान का उठाव और नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। 

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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