Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर : राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत 25 हजार 500 से अधिक भूमिहीन परिवारों ने दिया आवेदन, पंजीयन 30 नवम्बर तक

Published

on

बिलासपुर| राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष से संचालित राजीव गांधी ग्राामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत् जिले में अब तक 25 हजार 500 से अधिक भूमिहीन परिवारांे के आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना अंतर्गत पंजीयन का कार्य 30 नवम्बर तक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार की पहचान कर इन परिवारों को 6 हजार रूपए वार्षिक आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे उनके शुद्ध आय में वृद्धि होगी। योजना अंतर्गत पंजीयन के लिए कृषि मजदूरों से जिले के 483 ग्राम पंचायतों में 1 सितम्बर 2021 से आवेदन लिए जा रहे है। बिल्हा जनपद पंचायत के 127 ग्राम पंचायतों में अब तक 6 हजार 819 आवेदन प्राप्त हुए है। इसी तरह कोटा के 131 ग्राम पंचायतों में 4 हजार 214 आवेदन, मस्तूरी के 103 ग्राम पंचायतों में 8 हजार 736 आवेदन और तखतपुर जनपद पंचायत के 122 ग्राम पंचायतों में 5 हजार 766 आवेदन प्राप्त हो चुके है।  

यह भी पढ़ें   रायपुर ब्रेकिंग : एक और इलाका डेंगू की चपेट में, मिले 23 नए मरीज

योजना अंतर्गत ग्रामीण भूमिहीन कृषि परिवार के मुखिया को आदान सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी ग्राामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल rggbkmny.cg.nic.in  पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत परिवारों को अनुदान की पात्रता नहीं होगी। पंजीकृत हितग्राही परिवार की मुखिया की मृत्यु हो जाने पर उस परिवार के द्वारा पात्रता अनुसार नया आवेदन प्रस्तुत करना होगा। यदि असत्य जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की जाएगी तब विधिक कार्यवाही करते हुए हितग्राही से भू राजस्व के बकाया के रूप में राशि वसूल की जाएगी। पंजीयन के लिए हितग्राही परिवार को आवश्यक दस्तावेज आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन सूची ग्राम पंचायत के पास जमा करना होगा। आवेदन में यथासंभव मोबाईल नंबर का उल्लेख करना होगा। आवेदन की पावती ग्राम पंचायत सचिव देंगे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   कोण्डागांव : लता के घर कभी थी आर्थिक तंगी अब कहलाती हैं बैंक दीदी, समूह से जुड़कर बैंक सखी के साथ फैंसी एवं कपड़ों की खोली दुकान

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ : टैक्स संग्रहण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी होंगे पुरस्कृत

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   आयुष चिकित्सा अधिकारी संघ ने किया मंत्री डॉ. डहरिया का सम्मान

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   कोण्डागांव : लता के घर कभी थी आर्थिक तंगी अब कहलाती हैं बैंक दीदी, समूह से जुड़कर बैंक सखी के साथ फैंसी एवं कपड़ों की खोली दुकान

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Breaking : कोंडागांव में DRG जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, 2 नक्सली ढेर

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending