क्राइम
बिलासपुर: बच्चा चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार, 72 घंटे के भीतर पुलिस ने दूधमुहे बच्चे को किया बरामद

बिलासपुर।
प्रार्थी – ईशाक बी, पति सफर शाह उम्र 21 साल साकिन गढ्ढापारा वार्ड
नंबर 01 करगी रोड कोटा थाना कोटा जिला बिलासपुर ।
घटना दिनांक:- 19.08.2021 के 10ः00 बजे ।
घटना स्थल:- सिम्स अस्पताल अंदर सीढी पास थाना सिटी कोतवाली, जिला
बिलासपुर ।
नाम आरोपी:- 01. रीता यादव पति मोहनीश यादव उम्र 24 वर्ष निवासी गुरूनानक
चौक तोरवा बिलासपुर।
- पुष्पेन्द्र गोड पिता गिरधारी लाल गोड उम्र 27 साल निवासी बंधवापारा एम.पी.ई.
बी आफिस के सामने तोरवा बिलासपुर। - हेमा कौशिक पिता ओम प्रकाश कौशिक पति खल्लू मराठी ग्राम बेल मुडी हिर्री
माइंस के पास बिलासपुर।
72 घंटो के भीतर मां को सौंपा गया दूधमुहा बालक:-
1 टीम बनाकर खंगाले गये 50 से अधिक सी.सी.टी वी फूटेज।
तरीका /मनसुबा अपराध:-
2 बच्चा चुराने,तीन हफ्तों से थी मौके की तलाश।
3 मनमुताबिक बच्चे की चाह पर कई बच्चों को किया गया चेक
4 सिम्स में चेकअप कराने पर पैसे मिलने का देती थी झांसा
5 बेक्रअप के डर से प्रेमी को गर्भवती होने का दिया झांसा।
6 पुनः प्रेमी का प्यार पाने बच्चा पैदा होने की दी झूठी सूचना।
7 पति से थी नाराज घर वालों से नही रहा सम्पर्क ।
8 घर वालों दोस्तो को गुमराह कर दिया घटना को अंजाम।
9 पूर्व प्रेमी का सहारा लेकर करने चली थी नये प्रेमी के साथ जीवन की शुरूआत। - विवरण :- घटना की मुख्य आरोपी रीता यादव अपने पहले प्रेमी द्वारा शादी से इंकार किये जाने पर वर्तमान पति से प्रेम विवाह कर ली थी जिसके साथ दाम्पत्य जीवन नही निभ पाने से पति को छोड नये प्रेमी की तलाश में हेगो गेम एप्स के माध्यम से युवक से संपर्क बढ़ाया गया जिसके द्वारा भी छोडे जाने की डर से अपने प्रेंगनेट होने की झूठी जानकारी दी गई।
- जिस पर प्रेमी द्वारा 8 माह बाद बच्चे की जानकारी लिये जाने पर लड़का पैदा होने की झूठी बात बताई गयी और प्रेमी के साथ नये शिरे से जीवन की शुरूआत करने की चाह में अपने सहेली हेमा कौशिक के साथ टिकरापारा में किराये के मकान में रहते हुये मिलकर बच्चे की तलाश करने लगी।
- इसी क्रम में रीता यादव द्वारा पूर्व प्रेमी पुष्पेन्द्र गोड को यह बोलकर कि वह एक संस्था वालो से जुडी हैं बच्चों को अस्पताल में ले जाकर चेकअप कराने पर बच्चे के परिवार को 7-10 हजार की राशि दी जाती हैं। रेल्वे स्टेशन में घुमने जाने के दौरान प्रार्थिया और उसके बच्चे को देखकर दिनांक 18.08.2021 को उनसे संपर्क बनाने का प्रयास किया गया।
- मन ही मन अपने मनसुबे को अमल में लाने अगले दिन पुनः अपने पूर्व प्रेमी के साथ प्रार्थिया के पास पहुचकर सिम्स में चेकअप कराने की बात कर साथ चलने को राजी कर लिया गया और अपने साथ ले जाकर मौका पाते ही बच्चे को लेकर अपने घर गुरूनानक चौक तोरवा पहुची।
- सालो बाद घर पहुंचकर साथ रखे बच्चे को अपना बताने लगी जिससे घर वालों को यकीन हो गया। एन मौके पर सहेली हेमा कौशिक द्वारा दिल्ली साथ चलने मना किये जाने पर अपने घर से अकेले दिनांक 21.08.2021 को अपने नये पति साहिज नर्सिंग के पास दिल्ली जाने पूर्व से रिजर्वेशन होना बता कर निकली थी जिसे उमरिया के पास आरपीएफ की मदद से बरामद किया गया।
- बिलासपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा (आईपीएस) के दिशा निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्रीमान उमेश कश्यप के मार्ग दर्शन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमान निमेष बरैया के नेतृत्व में उप पुलिस अधीक्षक स्नेहिल साहू के साथ टीम सिटी कोतवाली – निरीक्षक शीतल सिदार, उपनिरीक्षक मनीष कांत सहायक उपनिरीक्षक विजय शर्मा, प्र.आर. धनेश साहू ,प्र.आर.दिवाकर वर्मा ,आरक्षक गोकुल जांगडे, राजेश नारंग, अजय शर्मा, राकेश आनंद, रूपेश साहू, राजेश यादव, राकेश यादव, प्रदीप श्रीवास, सौरभ तिवारी, उमेश देवांगन, महिला आरक्षक रूपा सिंह टीम सायबर सेल – निरीक्षक प्रदीप आर्या, उपनिरीक्षक मनोज नायक, आरक्षक राकेश बंजारे, विकास राम , सतीश भारद्वाज , मनीष सिंग, दीपक यादव , नव आरक्षक अमन शर्मा ,म.आर. शकुंतला साहू, ईश्वरी कश्यप, – टीम आरपीएफ – बिलासपुर पोस्ट प्रभारी उनि .भास्कर सोनी, उपनिरीक्षक सोनम मिश्रा, सउनि. कमल सिंह, प्रआर. जगदेव राम, आरक्षक आर.के.पाल, के.एस. दृसराज, 5वी. वाहनी आरक्षक प्रदीप का विशेष योगदान रहा।
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















