Connect with us

छत्तीसगढ़

त्योहारी सीजन में लायें चेहरे पर खूबसूरत निखार, मिले मेडिजेनिक्स डॉक्टर प्रिया दीवाकर से

Published

on

Bring beautiful glow on the face in the festive season, meet Medigenix doctor Priya Diwakar

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सर्दियों की आहट आ गई है और साथ ही सादियों का सीजन भी जल्द शुरू होने वाला है। सर्दी के मौसम में आपके चेहरा काफी डल लगने लगता है। चेहरे के सही रखरखाव ना हो पाने की वजह से चेहरा काफी रूखा, बेजान और काला पड़ने लगता है। चेहरे पर झुर्रियां भी दिखने लगती हैं। खासकर,  शादी के सीजन में अगर ऐसा हो तो, कहीं भी आने जाने में काफी शर्मिंदगी महसूस होता है। इनसे बचने के लिए आप मेडिजेनिक्स, रायपुर में डर्मेटोलॉजिस्ट  डा. प्रिया दिवाकर ((Dr. Priya Diwaker, Dermatologist)) से सलाह ले सकते हैं।

डर्मेटोलॉजिस्ट डा. प्रिया दिवाकर देश के कई शहरों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। चेहरे से जुड़ी परेशानियों के बारे में पूछने पर वे बताती हैं कि क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप तनाव में होते हैं तो पिम्पल्स ज्यादा निकलते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि तनाव आपके शरीर को कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बनाने का कारण बनता है, जो आपकी त्वचा में मौजूद ग्रंथियों में अधिक तेल का उत्पादन करते हैं। तैलीय त्वचा में मुंहासे और अन्य समस्याएं होने का खतरा अधिक होता है।

हम सभी यह जानते हैं कि चेहरे की सुंदरता शरीर के अंदर से शुरू होती है। भले ही आप कितने भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर लें या ढेरों घरेलू उपाय आजमा लें। अगर आप खुश नहीं हैं, तो आपकी त्वचा भी मुरझायी हुई दिखेगी। तनाव आपके शरीर में एक रासायनिक प्रतिक्रिया का कारण बनता है, जो त्वचा को अधिक संवेदनशील बनाता है।

यह भी पढ़ें   CG Crime: नाबालिग को बनाया शिकार, शराब पिलाकर की...

यहां जानते हैं कि कैसे आपका शरीरिक और मानसिक तनाव आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है:

सन डैमेज और यूवी रेज

तनाव आपके शरीर की सन डैमेज और यूवी रेज से बचने की प्राकृतिक क्षमता को खत्म कर देता है। सूरज के संपर्क में आने से कार्सिनोजेन, त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यूवी रेज के अत्यधिक संपर्क से काले धब्बे, तिल और यहां तक कि त्वचा कैंसर भी हो सकता है।

इन्फ्लेमेशन और त्वचा संक्रमण

तनाव सोरायसिस, रोसैसिया और एक्जिमा को बढ़ा सकता है। यह पित्ती और अन्य प्रकार की त्वचा पर चकत्ते का कारण बन सकता है। कई अध्ययन से पता चलता है कि जब आपका मस्तिष्क तनाव में होता है तो यह वास्तव में आपकी त्वचा की सुरक्षात्मक क्षमताओं खत्म कर सकता है। इन्फ्लेमेशन से भी मुंहासे हो सकते हैं, लेकिन याद रखें, त्वचा की कुछ स्थितियां जैसे रोसैसिया भी मुंहासों की तरह दिख सकती हैं।

ज्यादा एक्ने और ब्रेकआउट

मेडिजेनिक्स गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं डरमेटोलॉजी हॉस्पिटल रायपुर (MediGenix Gastroenterology and Dermatology Centre, Raipur) की प्रसिद्ध डॉक्टर प्रिया दिवाकर (Dr. Priya Diwaker, Dermatologist) कहती हैं कि विज्ञान भी इस बात को मानता है कि महिलाओं की एक्ने या पिम्पल्स की समस्या के पीछे एक ही कारण जुड़ा हुआ है और वो है मानसिक तनाव। तनाव की वजह से आपकी त्वचा में सीबम का उत्पादन ज्यादा होता है जिसकी वजह से मुहांसे निकलने लगते हैं। लेकिन डर्मेटोलॉजी में ऐसी सभी समस्याओं का इलाज है।

यह भी पढ़ें   लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहा बिजली विभाग, मई माह का बिल ऑनलाइन नहीं होने से बिल कलेक्शन सेंटर में लग रही भीड़
पतली और अधिक संवेदनशील त्वचा

असामान्य रूप से उच्च कोर्टिसोल के स्तर के मामलों में, त्वचा पतली हो सकती है। कोर्टिसोल के परिणामस्वरूप त्वचा का प्रोटीन का टूटना शुरू हो जाता है, जिससे त्वचा लगभग कागज के जैसी पतली दिखाई दे सकती है, साथ ही आसानी से चोट लग सकती है और फट सकती है। यह लक्षण कुशिंग सिंड्रोम के भी हो सकते हैं जो हार्मोनल बदलाव का कारण बनती है।

स्किन केयर या डर्मेटोलॉजी से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए संपर्क करें

Dr. Priya Diwaker

Dermatologist (MBBS, DDVL) | M: 074894 92554

MediGenix Gastroenterology and Dermatology Centre, Raipur

Fellowship in Aesthetic Dermatology & Lasers (Indore)

Fellowship in Dermatological Lasers and Dermatosurgery (Thailand)

Ex Consultant Medica Superspeciality Hospital, Kolkata

Consultant Dermatologist and Trichologist

Address: 1st floor, Indian Chilli Square, Shankar Nagar Rd, Shankar Nagar, Raipur, Chhattisgarh

MediGenix Gastroenterology and Dermatology Centre, Raipur Facilities:

हेयरफॉल थेरेपी Hair fall Therapy | पीआरपी PRP | हाईड्राफेशियल Hydrafacial Treatment | मेडिफेशियल Medi-facial | डर्मल फिलर्स Dermal Fillers | बोटॉक्स Botox | नाखून की समस्या का इलाज Nail Problem Treatment | डर्मेटोसर्जरी (Dermatologic Surgeries) | केमिकल पीलिंग (Chemical Peeling) | काले दाग और झाई का ईलाज Treatment of Dark Spots and Freckles | लेज़र द्वारा – समय से पहले त्वचा में झुर्रियों का ईलाज By Laser Treatment – Premature Skin Wrinkles | टैटू हटाना Tattoo Removal by Laser Treatment | अनचाहे बालों को कम करना Reduce Unwanted Hair by Laser Treatment

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   नेशनल पुलिस मेमोरियल: शहीद श्रद्धांजलि समारोह में रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने किया सिम्स कॉलेज व हॉस्पिटल का निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 5151 नए पॉजिटिव मरीज, 483 हुए स्वस्थ

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 5151 नए पॉजिटिव मरीज, 483 हुए स्वस्थ

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने किया सिम्स कॉलेज व हॉस्पिटल का निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending