Connect with us

छत्तीसगढ़

CG: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद पर निकली बंपर भर्ती

Published

on

नारायणपुरः कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता/सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद नियुक्त किया जाना है। परियोजना अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत् नगरीय क्षेत्र के डीएनके वार्ड में सहायिका के एक पद, ग्राम पंचायत गरांजी और ग्राम पंचायत एड़का में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के एक-एक पद और एड़का ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के एक पद पर नियुक्ति हेतु 10 अक्टूबर 2022 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना नारायणपुर में सीधे अथवा डॉक के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है।

 उक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जावेगी। आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबा़ड़ी केन्द्र स्थित है। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड ग्राम में निवासरत रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो मान्य किया जावेगा।

यह भी पढ़ें   कांग्रेस से इस्तीफा के बाद वरिष्ठ आदिवासी नेता ने किया नई पार्टी का ऐलान!

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं अथवा 11वीं बोर्ड तथा आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं बोर्ड उत्तीर्ण होनी चाहिए। उक्त ग्रामों में कोई आवेदिका न मिलने पर कार्यकर्ता पद हेतु शैक्षणिक योग्यता शिथिल मानकर दसवीं बोर्ड रखी जावेगी। इस अनुसार भी आवेदिका न मिलने पर पुनः शिथिल मानकर आठवी बोर्ड एवं इसके उपरांत भी आवेदिका न मिलने पर पांचवीं बोर्ड उत्तीर्ण रखी जावेगी।

सहायिका पद में भी शैक्षणिक योग्यता वाली आवेदिका न मिलने पर शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधान शिथिल कर कम शैक्षणिक योग्यता के आवेदन पत्र पर भी विचार किया जावेगा। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह सहायिका होने पर गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिया जावेंग। दावा आपत्ति अवधि में किसी प्रकार के नये दस्तावेज मान्य नहीं होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जावेगा।

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh Corona Update: आज 509 नए कोरोना मरीज, 7 लोगों की मौत

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: निलंबित IPS जीपी सिंह की याचिका के बाद राज्य सरकार ने दाखिल की कैविएट

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   Bilaspur: चोरी के किराना समान के साथ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   कांग्रेस से इस्तीफा के बाद वरिष्ठ आदिवासी नेता ने किया नई पार्टी का ऐलान!

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   एनएसयूआई छात्रों ने कन्या छात्रावास में घुसकर चक्काजाम के लिए उकसाया, एफआईआर दर्ज"

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: निलंबित IPS जीपी सिंह की याचिका के बाद राज्य सरकार ने दाखिल की कैविएट

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending