छत्तीसगढ़
CG: देर रात तक चला भाजपा के दिग्गजों का मंथन, अब किसी भी वक़्त जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट

भिलाई: नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं की माथापच्ची खत्म हो गई है। भाजपा ने भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों में से एक-दो वार्ड को छोड़कर शेष वार्डों के लिए प्रत्याशियों के नाम का पैनल तैयार कर प्रदेश संगठन को भेज दिया है। देर रात प्रत्याशियों के नाम चयन को लेकर भाजपा के दिग्गज नेता मंथन करते रहे और हर वार्ड से नामों का चयन कर एक पैनल तैयार किया है। इसके बाद इसी पैनल से प्रत्याशी के नाम का चयन कर भिलाई नगर निगम सहित चरौदा, रिसाली और जामुल की लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
नाम फाइनल करने को लेकर दुर्ग संभागीय समिति की बैठक में चुनाव प्रभारी संतोष पांडेय से लेकर, रिसाली नगर निगम चुनाव के संचालन प्रभार धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष, चुनाव प्रभारी किरण देव समेत भाजपा के सभी बड़े नेता मौजूद रहे। उनके द्वारा नाम फाइनल करने को लेकर आपसी खींचतान भी चली। ऐसा बताया जा रहा रहा है कि कई वार्डों में उन नामों को भी पैनल में डाला गया है, जिन्होंने उस वार्ड से दावेदारी के लिए आवेदन भी नहीं दिया। ऐसे में प्रत्याशियों में नाराजगी भी दिख रही है।
कई प्रत्याशियों का कहना है कि पार्टी को उन्हीं नामों पर विचार करना चाहिए, जिन्होंने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन दिया है। दूसरे वार्ड के दावेदार को दूसरे वार्ड से लड़ने के लिए कहना भी गलत है।
भाजपा से इनका बना पैनल
• वार्ड-1 जुनवानी- राकेश धनकर या योगेश्वर साहू
• वार्ड-2- स्मृतिनगर- राजीव चौबे
• वार्ड-3 मॉडल टाउन- रमेश दादर
• वार्ड-4 नेहरू नगर- मीरा बोरकर
• वार्ड-5 कोसानगर- जेपी यादव या मनोज तिवारी
• वार्ड-6 प्रियदर्शनी परिसर- नरेंद्र बांधे, राजमति
• वार्ड-7 राधिका नगर- विशाल सिंह, प्रमोद सिंह, मदन सदन, शैलेंद्र
• वार्ड-8 कृष्णा नगर- संतोष श्रीरांगे
• वार्ड-9 सुपेला- रानीदेवी केशरवानी
• वार्ड-10 लक्ष्मीनगर- दीपक रवाना
• वार्ड-11 फरीदनगर कोहका- महेश वर्मा
• वार्ड-12 गोपाल साहू या कन्हैया सोनी
• वार्ड-13 सुमन साहू या अनिता वर्मा
• वार्ड-14 ललित मोहन या ऋषि भसीन
• वार्ड-15 आंबेडकर नगर- रिकेश सेन या संतोष मौर्या
• वार्ड-16 सुपेला- धनेश्वरी साहू
• वार्ड-17 नेहरू भवन वार्ड- भोजराज सिन्हा
• वार्ड-19 राजीव नगर कोहका- रामानंद मौर्या
• वार्ड-20 वैशालीनगर- स्मृता दोड़के या प्रमिला सिंह
• वार्ड-21 कैलाश नगर कुरुद- ऋता सिंह
• वार्ड-22 कुरुद बस्ती- नीता वर्मा, लता साहू
• वार्ड-23 घासीदास नगर- गायत्री यादव
• वार्ड-24 हाउसिंग बोर्ड- सिद्धार्थ ‘सन्नी’ यादव
• वार्ड-26 रामनगर मुक्तिधाम- विजय साहू, संजय साहू
• वार्ड-28 प्रेमनगर- अर्चना मनोज यादव, पूजा गुप्ता
• वार्ड-29 वृंदानगर- संजय सिंह, अयप्पा राव
• वार्ड-30 प्रगतिनगर- सिन्नी डेविड, बबीता भगत, डोंडे सपना कृष्णा, अनिता सोनी
• वार्ड-32 बैकुंठधाम- लक्ष्मी धर्मेंद्र दिवाकर, श्रीमती प्रकाश कुर्रे
• वार्ड-33 संतोषी पारा- धार्मिन सोहन देवांगन
• वार्ड-34 वीर शिवाजी नगर- छोटेलाल चौधरी
• वार्ड-35 शारदापारा- रवि साहू, दीपक जंघेल
• वार्ड-36. श्यामनगर- विनोद चेलक
• वार्ड-37 पीयूष मिश्रा, मुर्गेश सोनी, अमित सिंह
• वार्ड-38 सोनिया गांधी नगर- निखिलेश शुक्ला, बबलू मिश्रा, हनुमान गुप्ता
• वार्ड-39 चंद्रशेखर आजाद नगर- सीमा राय, संगीता वर्मा
• वार्ड-45 बालाजी नगर- श्यामसुंदर राव
• वार्ड 52 सेक्टर-3- रिंकू साहू, मिलन, ओंकार
• वार्ड-53 से-1 उत्तर- पी. गीता राव, शकुंतला साहू
• वार्ड-54 से-1 दक्षिण- रश्मि सिंह, डिंपी, सूर्यकांत पांडेय, आशीष झा, गीता दुबे
• वार्ड-55 से-2 पूर्व- नूतन साहू, नीलम साहू
• वार्ड-56 से-2 पश्चिम- जे. ललिता श्रीनिवास राव
• वार्ड-57 से-4 पूर्व- कन्हैया, निर्मला नायडू, दिनेश सिंह, प्रवीण बिस्वाल
• वार्ड-59 से-5 पूर्व- शिवप्रकाश शिबू
• वार्ड-64 सिविक सेंटर सेक्टर – 10, उपासना साहू, सुमन कन्नौजिया
• वार्ड-65 सेक्टर-10 – सुमन उन्नी, सविता नहक
• वार्ड-68 सेक्टर-8 – अनिता सिंह
• वार्ड-70 हुडको – दिनेश यादव, लल्लन मिश्रा, संजय दानी, राहुल भोसले और रितेश
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















