छत्तीसगढ़
CG: ड्रॉपर विद्यार्थियों के लिए नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए और पीएटी परीक्षा तैयारी का सुनहरा अवसर

रायपुर| प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीण ऐसे विद्यार्थी, जो ड्रॉप लेकर नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए और पीएटी परीक्षा की तैयारी करने का सुनहरा अवसर है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा युवा कैरियर निर्माण योजना अंतर्गत इच्छुक विद्यार्थियों से 12 अक्टूबर को सायं 5 बजे तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इस संबंध में अन्य सभी नियम शर्तों के विस्तृत जानकारी के लिए विभाग की वेबसाईट ूूूण्जतपइंसण्बहण्हवअण्पद अथवा ीजजचेरूध्ध्ीउेजतपइंसण्बहण्दपबण्पद का अवलोकन किया जा सकता है।
आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग शम्मी आबदी इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है। युवा कैरियर निर्माण योजना अंतर्गत कुल 500 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया जाना है। इनमें अनुसूचित जनजाति के 150, अनुसूचित जाति के 100, अन्य पिछड़ा वर्ग के 200 तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग 50 अभ्यर्थी लाभान्वित होंगे। योजना का लाभ उठाने के लिए ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत या समतुल्य ग्रेड प्राप्त किया हो, वे आवेदन कर सकते है। अभ्यर्थियों का चयन प्राकच्यन परीक्षा में प्राप्त मेरिट अंक के आधार पर किया जाएगा, परंतु एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए निर्धारित शारीरिक मापदंड पूरा करना होगा। योजना अंतर्गत कोचिंग की अवधि अधिकतम एक वर्ष अथवा उस वर्ष के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा दिनांक, जो भी पहले हो, तक के लिए होगी। विद्यार्थियों की कोचिंग, आवास, भोजन, चिकित्सा, पुस्तक, परिवहन, प्रवेश-शुल्क आदि व्यवस्था निःशुल्क रहेगी।
प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण 500 अभ्यर्थी (अनुसूचित जनजाति के 150, अनुसूचित जाति के 100, अन्य पिछड़ा वर्ग के 200 तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग के 50), जो ड्रॉप आउट लेकर नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए और पीएटी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते है, ऐसे इच्छुक पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए है। ऑनलाईन आवेदन विभाग की वेबसाईट ूूूण्जतपइंसण्बहण्हवअण्पद अथवा ीजजचेरूध्ध्ीउेजतपइंसण्बहण्दपबण्पद पर 12 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते है।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















