छत्तीसगढ़
CG: प्रत्येक जिले में अब पांरपरिक बाजारों की जगह बनेंगे स्मार्ट बाजार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के हर जिले में अब पारंपरिक बाजार की जगह अब स्मार्ट बाजार बनेगा, जहां आम जनता के लिए पार्किंग सुविधा, टायलेट, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था रहेगी। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में एक स्मार्ट बाजार बनाया जाएगा। साथ ही शहरी क्षेत्र के बाजारों को भी स्मार्ट बाजार में तब्दील किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के व्यापारियों के लिए राजधानी में नए चैंबर भवन के लिए रियायती दर पर भूमि देने की घोषणा की। चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी से उन्होंने कहा, चैंबर राजस्व की कोई उपयुक्त जगह देख ले, उसे चैंबर भवन के लिए तत्काल आवंटित कर दिया जाएगा। चैंबर द्वारा पूर्व में की गई मांग के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक निर्माण काे नियमित करने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की। श्री बघेल ने कहा, 31 दिसंबर तक दिए गए आवेदनों को 31 मार्च तक निराकृत कर दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन चैंबर महामंत्री अजय भसीन ने किया।
इस मौके पर वनमंत्री मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। औद्योगिक पार्क की योजना का उठाएं फायदा, बेरोजगारों को स्वरोजगार पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में चैंबर के वार्षिक सम्मेलन में 33 जिलों से जुटे व्यापारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आव्हान किया, नई ग्रामीण और औद्योगिक पार्क योजना का लाभ उठाएं। खासतौर पर मिलेट्स के प्रसंस्करण उद्याेग जरूर लगाएं। प्रदेश में टमाटर का उत्पादन बहुतायत से हो रहा है, पर उत्पादक किसानों को इसका सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए प्रसंस्करण इकाई लगाकर न केवल किसानों, बल्कि स्थानीय बेरोजगारों को भी रोजगार दे सकते हैं। रीपा के तहत लघु और कुटीर उद्योग लगाएं।
व्यावसायिक परिसरों में अब बिजली का मल्टी कनेक्शन सुविधा
चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया, रवि भवन सहित अन्य बड़े व्यावसायिक परिसरों में दुकानदारों को सिंगल बिजली कनेक्शन दिया जाता है, जिसका सबमीटर से व्यापारियों को कनेक्शन दिया जाता है। इससे व्यापारियों पर बिजली बिल का अनावश्यक भार बढ़ता है। चैंबर ने पूर्व में प्रतिवेदन देकर इसमें राहत की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक परिसरों में मल्टी कनेक्शन देने की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री का काॅपियों से किया तुलादान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को व्यापारियों ने काॅपियों से तौलकर तुलादान किया। तौली गई काॅपियों को गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियो को निशुल्क वितरित करने का ऐलान चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानंद जैन ने संयुक्त रूप से किया। चैंबर के इतिहास में यह पहला मौका रहा, जब कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि को काॅपियों से तौला गया।
जीएसटी पर अलग सेे सत्र
सम्मेलन के प्रथम सत्र में जीएसटी विशेषज्ञ जतिन हरजाई ने प्रदेशभर से आए व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जीएसटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी, जिसमें अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया जाना, तकनीकी पूछताछ, डिपार्टमेंट ऑडिट, शोकाज से संबंधित जानकारियों को साझा किया। श्री हरजाई ने उपस्थित व्यापारियों, पदाधिकारियों को कोर्ट द्वारा दिए गए जजमेंट का उदाहरण देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
चैंबर अध्यक्ष हुए ‘तथास्तु’ के कायल
चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी ने अपने उद्बोधन में कहा, प्रदेश के मुखिया के पास जब भी हम व्यापारी हित में जो मांगने गए, उन्होंने सहृदयता से तथास्तु कहकर स्वीकार किया। हमें कभी निराश नहीं किया। मंडी टैक्स में छूट, होलसेल व्यापार के लिए काॅरिडोर, स्मार्ट बाजार और चैंबर भवन के लिए भूमि की साैगात से व्यापारियों में बेहद उत्साह है। छत्तीसगढ़ के व्यापार जगत में एवं चैंबर के इतिहास में यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री ने चैंबर के मंच से व्यापारियों के हित में इतनी घोषणाएं एक साथ की हैं।
दूसरे सत्र में शामिल हुए भाजपा नेता
दूसरे सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, सांसद सुनील सोनी, रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। दोनों वरिष्ठ नेताओं को चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने जीएसटी, आयकर व रेलवे से संबंधित ज्ञापन सौंपे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















