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छत्तीसगढ़

CG Weather: अगले दो दिनों तक शीतलहरी बरकरार, मौसम विभाग किया अलर्ट जारी

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रायपुर| शहर के भीतर भले ही शीतलहर जैसे हालात न हों, मगर आउटर के इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ चुके हैं। पिछले चौबीस घंटे में लभांडी का तापमान शहर के लगभग आधा यानी पांच डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। अगले दो दिन तक मौसम में बड़ा बदलाव संभव तो नहीं है, मगर कड़ाके की ठंड का दौर जारी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शहरी इलाके विभिन्न कारणों से रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है, मगर शहर के बाहरी इलाकों में रात का तापमान तेजी से और नीचे गया है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लभांडी का न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रायपुर की ऐतिहासिक गिरावट पांच डिग्री से .5 डिग्री सेल्सियस ही अधिक है। लभांडी का तापमान कृषि विवि में दर्ज किया जाता है। इसी तरह माना इलाके में भी तेज ठंड का प्रभाव है और वहां का पारा दस डिग्री से नीचे जाकर सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम हो चुका है। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि इस दौर में गिरावट अपने चरम दौर में पहुंच चुकी है, इसलिए बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नजर नहीं आ रही है। ठंड का प्रभाव अगले दो दिन तक रहने के आसार हैं। 10 जनवरी के बाद हवा की दिशा में बदलाव होने और न्यूनतम तापमान के पुन: ऊपर जाने की संभावना बन रही है।

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शीतलहर का अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा दुर्ग के कुछ हिस्सों समेत कवर्धा और कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, पेंड्रारोड में शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। कोरिया का तापमान अभी भी तीन डिग्री सेल्सियस है, वहीं चिल्फी घाटी और मैनपाट में भी ठंड की वजह से हालत खराब है। सुबह के वक्त अभी कोहरे जैसी स्थिति की संभावना बनी हुई है।

दिन सामान्य

अभी दिन में तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक जा रहा है। प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 29.4 दंतेवाड़ा का दर्ज किया गया, वहीं रायपुर का पारा 27.8 रिकार्ड किया गया है। अगले चौबीस घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव होने के संकेत नहीं हैं।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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