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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए वर्चुअल स्कूल में जल्द शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया

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रायपुर: वर्तमान में कोविड-19 महामारी के कारण न केवल सभी स्कूल बंद है बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के विद्यार्थी भी संपर्क केन्द्रों में जाकर अध्ययन नहीं कर पा रहे है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर एक वर्चुअल स्कूल की स्थापना की जाये। अतः छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ वर्चुअल स्कूल की स्थापना की गयी है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए वर्चुअल स्कूल में शीघ्र प्रवेश प्रारंभ होगा।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास के कारण अनेक देशों ने प्रौद्योगिकी का उपयोग कर वर्चुअल स्कूलों की स्थापना की गई है। संयुक्त राज्य अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पिछले कई वर्षों से वर्चुअल स्कूल संचालित हैं। यह वर्चुअल स्कूल ऐसे विद्याथियों को पढ़ाने का कार्य करते हैं जो नियमित रूप से स्कूलों में अध्ययन नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ में ऐसे विषयों की पढ़ाई का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल को दिया गया है। अभी तक छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा ऐसे विद्यार्थियों को पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध करायी जाती है तथा कुछ दिनों के लिये अध्ययन केन्द्रों पर समक्ष पढ़ाई का अवसर भी दिया जाता है जिसके पश्चात् ये विद्यार्थी छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रमाण पर प्राप्त करते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल का प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रमाण पत्र के समतुल्य है।

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छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के सचिव प्रोफेसर व्ही.के. गोयल ने बताया कि वर्चुअल स्कूल के अंतर्गत कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के छात्र प्रवेश ले सकेंगे। इसके अंतर्गत छात्र प्रवेश, पढ़ाई एवं परीक्षा आदि समस्त कार्य ऑनलाईन पद्धति से होंगे। कक्षा 9वीं 10वीं के लिए हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान आदि छः विषयों की पढ़ाई होगी। इसी प्रकार कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लिए कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होगी। कक्षा 9वीं एवं 10वीं के लिए सभी छः विषय अनिवार्य होंगे तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लिए छात्र कला, विज्ञान (जीवविज्ञान या गणित) एवं वाणिज्य संकाय लेकर प्रवेश ले सकते हैं।

छत्तीसगढ़ वर्चुअल स्कूल के पोर्टल का निर्माण एनआईसी द्वारा किया जा रहा है जो virtualschool.cg.nic.in में उपलब्ध होगा। इस पोर्टल में विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुसार, पात्रतानुसार किसी भी पाठ्यकम में प्रवेश ले सकते हैं। इस पोर्टल में विषयवार लर्निंग वीडियोस, स्टडी मटेरियल, असाइनमेंट, क्विज़ आदि उपलब्ध रहेंगे जिसे विद्यार्थी कहीं से भी इंटरनेट के माध्यम से देख सकते हैं। विद्यार्थी को अपने चुने हुए मेंटर से शंका संबंधी प्रश्न पूछने व वार्तालाप करने की भी सुविधा होगी। वर्चुअल स्कूल का पाठ्यक्रम, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के पाठ्यक्रम में लगभग 30 प्रतिशत कटौती कर तैयार किया गया है। वर्चुअल स्कूल के अंतर्गत प्रत्येक विषय के पाठ्यकम को 10 इकाई में विभाजित किया जायेगा प्रत्येक इकाई से संबंधित पाठ्य सामग्री पीडीएफ फाईल के रूप में वेबसाईट पर अपलोड की जायेगी तथा आवश्यकतानुसार प्रत्येक इकाई के लिए वीडियो लेक्चर तैयार करवाकर वेबसाईट पर अपलोड किये। जायेंगे। प्रत्येक विषय के प्रत्येक इकाई के लिए असाइनमेंट जारी किये जायेंगे। सर्वप्रथम छात्र को प्रथम इकाई के आधार पर असाइनमेंट जारी किया जायेगा।

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जब छात्र प्रथम इकाई के असाइनमेंट में उत्तीर्ण हो जायेगा तो वह द्वितीय इकाई की पाठ्य सामग्री, वीडियो लेक्चर एवं असाइनमेंट को देख सकेगा इसी प्रकार सभी असाइनमेंट को उत्तीर्ण करने के पश्चात् ही वह मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पात्र होगा। वर्चुअल स्कूल के अंतर्गत कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु कक्षा 8वीं उत्तीर्ण या कक्षा 9वीं अनुत्तीर्ण होना चाहिए। कक्षा 10वीं में प्रवेश हेतु कक्षा 9वीं उत्तीर्ण या कक्षा 10वीं अनुत्तीर्ण होना चाहिए इसी प्रकार कक्षा 11वीं में प्रवेश हेतु कक्षा 10वीं उत्तीर्ण या कक्षा 11वीं अनुत्तीर्ण एवं कक्षा 12वीं में प्रवेश हेतु कक्षा 11वीं उत्तीर्ण या कक्षा 12वीं अनुत्तीर्ण होना चाहिए।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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