छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल: बेलतरा क्षेत्र के 12 गांवों को अब मिलेगा सिंचाई का पानी

Initiative of Chief Minister Shri Vishnu Dev Sai: 12 people of Beltara area will now get sealed water.
खारंग जलाशय के समीप के 12 गांवों को पानी देने बजट में लिफ्ट एरिगेशन का प्रावधान
किसानों ने विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया
सिंचाई सुविधा की वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी,विधायक सुशांत शुक्ला ने किया था प्रयास
2500 एकड़ में किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा
बिलासपुर, 28 फरवरी 2024/ बिलासपुर जिले के बेलतरा क्षेत्र के 12 गांवों की खेती-किसानी अब बिलकुल बदल जाएगी, यह पूरा क्षेत्र लहलहा उठेगा। यहां खेतों में सिंचाई लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम से की जाएगी। इस सिस्टम से खारंग जलाशय से 2500 एकड़ में सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के पहले बजट में बेलतरा क्षेत्र के खारंग जलाशय के नजदीक के 12 गांवों को लिफ्ट एरिगेशन योजना के जरिए सिंचाई का पानी देने के लिए किए गए बजट प्रावधान से इन ग्रामीणों में 75 वर्षों से अधिक पुरानी अपनी मांग के पूरा होने का विश्वास जगा है। इन उत्साहित ग्रामीणों ने राजधानी रायपुर में विधानसभा पहुंचकर आज बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात की और बजट प्रावधान करने के लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया।
गौरतलब है कि बेलतरा क्षेत्र के नेवसा, गिधौरी, कर्रा, जाली, टेकर, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हू, बेलतरा, कड़री, सलखा, लिम्हा (लिम्हा जलाशय) खारंग जलाशय के नजदीक हैं, वर्षों से यहां के किसान खेतों में पानी पहुंचाने की मांग करते रहे, लेकिन इन्हें सिंचाई की सुविधा नहीं मिली। विधायक श्री सुशांत शुक्ला द्वारा वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए प्रस्ताव दिया गया था,जिसके बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बजट में प्रावधान करने के बाद इन गांवों में पानी पहुंचाने के लिए नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा इससे इन गांवों की 2500 एकड़ जमीन की सिंचाई हो सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि उद्वहन सिंचाई योजना में लगभग 45 करोड़ रूपए की लागत आयेगी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक अजय चन्द्रकार, श्री भैइयालाल राजवाड़े, गोमती साय,अनुज शर्मा, गजेन्द्र यादव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इन ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि आपके आशीर्वाद से नई सरकार बनी है। यह किसानों की हितैषी सरकार है। हमारा देश कृषि प्रधान है। अधिकांश लोग खेती से जुड़े हैं। सिंचाई सुविधा मिलने से आप लोग और बेहतर तरीके से खेती कर सकेंगे। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है, 3100 रूपए प्रति क्विंटल दाम भी देंगे। अभी किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया है। अंतर की राशि भी एकमुश्त जल्द ही दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की सरकार में किसान क्रेडिट कार्ड योजना प्रारंभ हुई। किसानों को बिना किसी ब्याज पर ऋण की सुविधा मिली। पहले महाजनों से कर्ज लेना पड़ता था और मूलधन का डेढ़ गुना चुकाना पड़ता था। किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को सुविधा हुई। फसल बीमा योजना का सरलीकरण भी उन्हीं के कार्यकाल में हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई है। कृषि मंत्रालय का नाम बदलकर कृषक कल्याण मंत्रालय कर दिया गया है। आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए किसान चैनल प्रारंभ किया गया है। पीएम सिंचाई योजना शुरू की गई। पशुपालन एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। 12 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलने से दो फसल ले सकेंगे। किसानों की आय बढ़ेगी।छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
खेल4 days agoIPL 2026: रायपुर पहुंची RCB की टीम, 10 मई को MI से होगा मुकाबला
देश4 days agoकल सुबह 11 बजे शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक बनेंगे डिप्टी सीएम
खेल11 hours agoRCB vs KKR IPL 2026: रायपुर आएंगे बॉलीवुड किंग शाहरुख खान, कोलकाता नाइट राइडर्स का बढ़ाएंगे हौसला, मुकाबले की तैयारियां जोरों पर




















