छत्तीसगढ़
Chhattisgarh Assembly Elections: कांग्रेस उम्मीदवारों की टिकट को लेकर रायपुर से आई बड़ी खबर…

रायपुर| विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है प्रदेश में सियासी सरगर्मी बढ़ती ही जा रही है। जहां एक ओर पक्ष विपक्ष के नेता चुनावी मैदान में उतरकर जनता को रिझाने में लगे हुए हैं तो दूसरी ओर उम्मीदवारी कर रहे नेताओं की दिल्ली दौड़ भी शुरू हो चुकी है। लेकिन इस बीच शुक्रवार देर रात कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं के नाम पर चर्चा हुई।
वहीं, बैठक से पहले स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अजय माकन ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची पर कल दिल्ली में बैठक हुई है। दिल्ली में 10 से 12 घंटे तक नामों पर चर्चा की गई। नेट्टा डिसूजा, एल हनुमंथा ने सभी जिलों का दौरा कर जो रिपोर्ट सौंपी है, उसी के आधार पर प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ नेताओं के साथ भी नाम पर रायशुमारी होगी।
CG Congress Candidate 1st List
- भूपेश बघेल, पाटन
- TS सिंहदेव, अंबिकापुर
- ताम्रध्वज साहू, दुर्ग ग्रामीण
- रविंद्र चौबे, साजा
- मो अकबर, कवर्धा
- शिव डहरिया, आरंग
- अमरजीत भगत, सीतापुर
- गुरु रुद्रकुमार, नवागढ़
- कवासी लखमा, कोंटा
- उमेश पटेल, खरसिया
- मोहन मरकाम, कोंडागांव
- जय सिंह अग्रवाल, कोरबा
- अनिला भेड़िया, डौंडीलोहारा
- चरणदास महंत, सक्ती
- संतराम नेताम, केशकाल
- अरुण वोरा, दुर्ग शहर
- अमितेश शुक्ला, राजिम
- धनेंद्र साहू, अभनपुर
- विकास उपाध्याय, रायपुर पश्चिम
- गुलाब कमरो,भरतपुर सोनहट
- दलेश्वर साहू, डोंगरगांव
- द्वारिकाधीश साहू, खल्लारी
- आशीष छाबड़ा, बेमेतरा
- विक्रम मंडावी, बीजापुर
- उत्तरी जांगड़े, सारंगढ़
- लखेश्वर बघेल, बस्तर
- रामपुकार सिंह, पत्थलगांव
- लालजीत राठिया, धर्मजयगढ़
- पुरषोत्तम कंवर, कटघोरा
- शैलेश पांडे, बिलासपुर
- विनोद चंद्रकार, महासमुंद
बता दें कि इस तरह लगभग 31 सीटों पर कांग्रेस का सिंगल नाम तय हो गया है। इसमें CM भूपेश बघेल समेत सभी मंत्रियों का सिंगल नाम है। विस स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नाम भी सिंगल हैं। कई वरिष्ठ विधायकों के भी सिंगल नाम तय हैं। 8 सितंबर को स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर फैसला करेगी। पहली बार चुनकर आए कई विधायकों के नाम भी सिंगल नाम के बतौर शामिल है। आज मंत्री रविंद्र चौबे ने भी कहा था कि करीब आधी सीटों पर सिंगल नाम तय हो चुका है, फाइनल मुहर लगना बाकी है। इसी आधार पर हमने संभावित लोगों के नामों की लिस्ट निकाली है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















