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छत्तीसगढ़: कोविड 19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए चुनाव सम्पन्न कराना है प्राथमिकता

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के संबंध में 12 नवंबर को सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त ने कहा कि कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करते हुए चुनाव कराना हमारी पहली प्राथमिकता है इसलिए मतदान केंद्र चिन्हांकित करने के पहले इस बात का विशेष ध्यान रखें ।उन्होंने कहा प्रशिक्षण,नाम निर्देशन के दौरान, मतदान सामग्री वितरण ,मतदान के दौरान,मतदान दलों की वापसी एवं मतगणना के समय कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें।

नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के संबंध में

फुली वेक्सीनेटेड हो मतदान कर्मी,55 साल से अधिक आयु के शासकीय कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी से दें राहत
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कोविड के बाद से बहुत बड़ा बदलाव आया है।इस महामारी ने सभी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में निर्वाचन ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के हित का भी ध्यान रखना ज़रूरी है। उन्होंने सलाह दी कि जहां तक हो सके कोशिश करें कि 55 वर्ष से अधिक आयु के शासकीय कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी से राहत मिले। उन्होंने कहा कि साथ ही इस बात पर विशेष रूप से ध्यान दें कि निर्वाचन ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कोविड 19 से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लग गई हों।

कर्मचारियों के हित का भी ध्यान रखना ज़रूरी है।
कमियाँ दूर करने के लिए दिया 17 नवंबर तक का समय
सिंह ने निर्वाचन की तैयारियों के प्रति असन्तोष ज़ाहिर किया है। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि आयोग को तैयारियों के संबंध में शत प्रतिशत श्योरिटी चाहिए ।उन्होंने कहा कि कोविड संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है इसलिए सुनिश्चित होना ज़रूरी है ।उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन नगरीय निकायों में आम निर्वाचन व उप निर्वाचन  होने हैं वहाँ 17 नवंबर तक सारी कमियाँ दुरुस्त कर लें।

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 निर्वाचन की तैयारियों के प्रति असन्तोष ज़ाहिर किया
इस बार भी दाखिल किए जा सकेंगे ऑनलाइन नॉमिनेशन
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 2019 से प्रत्याशियों को  ऑनलाइन नॉमिनेशन की सुविधा देने के लिए ओनो सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। खास बात ये है कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने सबसे पहले इस तरह के नवचार की शुरुआत की है। इसके विषय में 16 नवंबर को आयोग द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा।यह प्रशिक्षण उप सचिव श्री दीपक कुमार अग्रवाल देंगे।
बैठक में सचिव रिमिजुइस एक्का ने कहा कि जिला निर्वाचन कार्यालय को निर्वाचन में होने वाले व्यय जैसे मतदाता सूची में प्रकाशन आदि  हेतु  राशि जारी कर दी गई है। इसलिए कार्य के तुरंत पश्चात संबंधितों को भुगतान कर दें।उन्होंने कहा कि जिन जिलों में मतदान पेटियों की पर्याप्त उप्लब्ता नहीं है वो आस पास के जिलों से मतदान पेटी की व्यवस्था करें।इस संबंध में आयोग द्वारा पत्र जारी कर दिया जाएगा।साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि  वर्तमान में 2 प्रकार की मतपेटियों की उपलब्धता है एक एम पी टाइप और एक गोदरेज टाइप निर्वाचन के दौरान किसी एक प्रकार की मत पेटी का ही उपयोग किया जाए।सभी मत पेटियों की आवश्यक मरम्मत ऑयलिंग इत्यादि का कार्य इसी हफ्ते पूर्ण कर लिया जाए।उन्होंने कहा कि निर्वाचन के समय वाहनों की पर्याप्त उप्लब्धता सुनिश्चित करें।शासकीय वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दें।

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गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करें
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करें
निर्वाचन लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण कार्य है इसे सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के इमलिए निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अनिवार्य है।उप सचिव श्री दीपक अग्रवाल ने कहा कि आयोग द्वारा मार्गदर्शन हेतु बहुत सी प्रकाशित सामग्री सभी जिलों को उपलब्ध कराई गई है।इनका गहन अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को जागरूक करने निकाय स्तर पर जाबो कार्यक्रम का निकाय स्तर पर व्यापक  प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें।
बैठक में मतदान सामग्री की व्यवस्था,मतपत्र मुद्रण हेतु कागज़,स्टेशनरी, फार्म लिफाफे, स्याही, मतपेटियों, मतपेटी हेतु थैलियों,सुभिन्नक सील,एरोमार्क सील,पीतल सील आदि की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।इसके अलावा बैठक में मतदान कार्य हेतु वाहन व्यवस्था, रूट चार्ट, प्रभारी पीओएल,सेक्टर मजिस्ट्रेट व अधिकारियों की जानकारी मतदान व मतगणना दलों और निर्वाचन व्यय संपरीक्षक की व्यवस्था के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की उपलब्धता और प्रशिक्षण पर बात चीत हुई। साथ ही निर्वाचन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, व्यय प्रेक्षक और सामान्य प्रेक्षकों के प्रशिक्षण संबंधी चर्चा हुई। साथ ही सामग्री वितरण की व्यवस्था ,मतदान दलों की वापसी, स्ट्रांग रूम ,मतदान केंद्रों एवं मतगणना स्थलों पर कोविड गाइडलाइन के पालन के संबंध में भी चर्चा हुई।साथ ही आयोग द्वारा विकसित ओनो प्लेटफार्म के बहु आयामी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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