छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: पुलिसवालों से इतनी नफरत, गर्म तेल डाला, कांस्टेबल की पत्नी-बेटी के अर्धनग्न शव खेत में फेंके

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में इन दिनों बवाल मचा हुआ है. मामला है दोहरे हत्याकांड (Chhattisgarh Double Murder) का. एक पुलिसकर्मी की पत्नी और उसकी 16 साल की बेटी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया, वो भी इसलिए कि आरोपी उस पुलिसकर्मी को मारने में नाकाम रहा.
इसलिए इसकी कीमत उसकी मासूम पत्नी और बेटी को चुकानी पड़ी. मारने वाला एक हिस्ट्रीशीटर है. उसने कथित तौर पर बेरहमी से दोनों की हत्या की और फिर लाशों को दूर खेत में फेंक दिया. सूरजपुर के लोगों को जैसे ही इस हत्याकांड की खबर लगी उन्होंने तो बवाल मचाकर रख दिया.
गुस्साई भीड़ ने आरोपी के घर में लगाई आग
दरअसल हत्या का आरोपी कुलदीप साहू हिस्ट्रीशीटर होने के साथ ही कांग्रेस नेता भी है. हेड कांस्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या से गुस्साई भीड़ कुलदील साहू के घर पहुंची और वहां आग लगा दी. गुस्साई भीड़ ने तो SDM जगन्नाथ वर्मा को भी नहीं बख्शा, उनको खूब दौड़ाया. जिसके बाद एसडीएम साहब और उनके सुरक्षाकर्मियों को आखिरकार जान बचाकर वहां से भागना पड़ा.![]()
शवों को अर्धनग्न कर खेत में फेंका, आरोपी फरार
पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी के शव अर्धनग्न हालत में पाए गए थे. पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर गोली चलानी शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन फिर भी आरोपी वहां से भागने में कामयाब रहा.
गाड़ियां फूंकी, घर में लगाई आग, सूरजपुर में हुआ क्या?
इस घटना के बाद शहर में गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उग्र भीड़ ने शहर को बंद कर दिया और पहले तो आरोपी कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले किया और फिर उसके घर पर भी धावा बोल दिया. हालांकि घटना के समय आरोपी और उसका परिवार उस मकान में मौजूद नहीं था. इस घटना के बाद से सूरजपुर इन दिनों छावनी में तब्दील हो गया है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है. तनाव को देखते हुए दूसरे जिलों से भी पुलिस बुलाई गई है.![]()
पुलिसकर्मी की पत्नी-बेटी की हत्या
पुलिस का कहना है कि कांग्रेस की युवा शाखा का जिला महासचिव कुलदीप साहू 13 अक्टूबर को हेड कांस्टेबल तालिब शेख के घर में घुसा और कथित तौर पर उनकी 35 साल की पत्नी महनाज़ और बेटी आलिया की धारदार हथियार से हत्या कर दी. इससे पहले आरोपी दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल से भिड़ गया था. उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी पर गर्म तेल डाल दिया था. इस घटना में कांस्टेबल गंभीर रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिसकर्मी की पत्नी-बेटी को क्यों मारा?
हेड कांस्टेबल तालिब शेख और उनकी टीम कुलदीप साहू को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी. लेकिन शातिर आरोपी ने पुलिसकर्मी को कार से कुचलने की कोशिश की, गनीमत रही कि पुलिसकर्मी समय रहते वहां से निकल गया. वहीं इस बीच कुलदीप भी वहां से फरार हो गया. जब शेख और उनकी टीम उसका पता लगाकर उसे पकड़ने की प्लानिंग कर ही रहे थे कि आरोपी हेड कांस्टेबल के घर पहुंचा और उसकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी.![]()
घर का दरवाजा खुला था, पत्नी-बेटी गायब
शेख ड्यूटी से जब घर वापस लौटे तो घर का दरवाजा टूटा हुआ था. पत्नी-बेटी घर से गायब थे. घर के भीतर खून के धब्बे देखते ही उन्होंने पुलिस को मामले की खबर दी. उन्होंने दोनों को तलाशना शुरू कर दिया. शहर में जैसे ही ये बात फैली, गुस्साए लोगों ने शहर को बंद कर पहले तो पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. बाद में कुलदीप साहू के घर पहुंचकर वहां तोड़फोड़ की और वाहनों के साथ ही घर को भी आग के हवाले कर दि.या.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















