छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की पहली सबसे लम्बी कोल्डमिक्स तकनीक से सड़क बनने से अब नहीं करना पड़ता लोगों को 12 किमी का अतिरिक्त सफर

धमतरी| नगरी मुख्यमार्ग (भण्डारवाही) से सिंगपुर तक लगभग साढ़े 12 किलोमीटर लम्बी सड़क बनने से क्षेत्रवासियों को जिला मुख्यालय जाने के लिए बड़ी राहत मिली है। इस पक्के मार्ग के निर्माण से सिंगपुर, कमईपुर सहित आठ गांवों के ग्रामीणों की राह आसान हो गई है। पक्की सड़क बनने के पहले हिचकोलंे खाते दुपहिया वाहनों में अक्सर दुर्घटना की आशंका लोगों में बनी रहती थी, अब सिर्फ 15 से 20 मिनट में सिंगपुर-कमईपुर के लोग नगरी मुख्यमार्ग पर पहुंच रहे हैं। इस रोड की एक खासियत यह भी है कि यह कोल्ड मिक्स तकनीक से बनी प्रदेश की पहली पक्की सड़क है, जिसकी लम्बाई 12.400 किलोमीटर है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-1 के तहत वर्ष 2019-20 में स्वीकृत नगरी मुख्यमार्ग से सिंगपुर तक पक्की सड़क का निर्माण 8 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से 12 किलोमीटर 400 मीटर लम्बी तारकोल सड़क का निर्माण किया गया। इस मार्ग के बनने से मगरलोड विकासखण्ड के आठ गांव सिंगपुर, कमईपुर, भण्डारवाही, सोनझरी, धनोरा, राउतमुड़ा पालवाड़ी और मुरूमडीह के लगभग साढ़े पांच हजार की जनसंख्या को आवागमन की उत्कृष्ट सुविधा मिली है। ग्राम पंचायत सिंगपुर के ग्रामीण श्री शिवप्रसाद कंवर ने बताया कि इस मार्ग के बनने से जिला मुख्यालय धमतरी जाने की सुविधा बेहद आसान हो गई है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल सहित विभिन्न प्रकार की खरीदारी के लिए अक्सर धमतरी जाना पड़ता है, जिससे नगरी मुख्यमार्ग तक पहुंचना काफी सुगम हो गया। इसी गांव के श्री शनिराम कंवर और श्री बिशेसर ध्रुव ने बताया कि धमतरी जाने के लिए पहले 12-13 किलोमीटर दुगली जाना पड़ता था, उसके बाद बस पकड़कर वे धमतरी जाते थे, जिससे अतिरिक्त समय और श्रम लगता था। धमतरी जाने और आने में दिनभर का समय बर्बाद होता था। अब सायकल से भी सिर्फ आधे घण्टे में ही नगरी-धमतरी मुख्यमार्ग पर पहुंचकर बस से धमतरी पहुंच जाते हैं। ग्राम कमईपुर से सिंगपुर पढ़ने आई कक्षा नवमीं की छात्रा कु. अश्वनी यादव ने बताया कि पहले यह मार्ग बेहद उबड़-खाबड़ था, जिससे स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब तो सिर्फ 8-10 मिनट में ही स्कूल पहुंच जाती हैं।
ग्राम कमईपुर के श्री लोकेश मण्डावी, टेकराम, राजेश डहरिया, टिकेश्वर यादव और हेमलाल मण्डावी ने बताया कि पक्की सड़क बनने से पहले यह बेहद जर्जर मार्ग था। इस रोड पर लोग सिर्फ दुपहिया वाहनों से ही आना-जाना करते थे। अब तो इस रोड के बनने से न सिर्फ आसपास के ग्रामीण, बल्कि, सिंगपुर, मोहेरा, मारागांव होते हुए गरियाबंद जिला जाने वाले लोग भी इसी रोड का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले लोग शाम होने से पहले घर आ जाते थे, अब ग्रामीण देर शाम तक इस मार्ग पर आवाजाही करते हैं। ग्राम सोनझरी की श्रीमती घुरईन बाई विश्वकर्मा और रमलीबाई ने बताया कि इस रोड के निर्माण के समय उन्हें काफी लम्बे समय तक रोजगार मिला। सिंगपुर जाने में भी काफी सुविधा मिली है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















