छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री भूपेश ने इस जिले को दी 232 करोड़ 37 लाख रुपए के 47 विकास कार्यों की सौगात

रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने दो दिवसीय जगदलपुर प्रवास के दौरान आज ग्राम आसना स्थित बादल एकेडमी परिसर में आयोजित समारोह में 186 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक के 32 कार्यों का लोकार्पण और 45 करोड़ 82 लाख रुपए से अधिक के 15 कार्यों का भूमिपूजन किया।
इसके तहत मुख्यमंत्री बघेल ने लगभग 6 करोड़ रूपए की लागत से बस्तर विश्व विद्यालय जगदलपुर में नव निर्मित एमबीए अध्ययन शाला भवन, 68 लाख रूपए की लागत से ग्राम कुरंदी में निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 95 लाख 35 हजार रूपए की लागत से जगदलपुर विकासखण्ड के पुसपाल में निर्मित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन, 23 करोड़ 17 लाख रूपए की लागत से जगदलपुर शहर में मां दन्तेश्वरी मंदिर से एनएमडीसी रेस्ट हाऊस तक 3.52 किलोमीटर लम्बी प्रगति पथ, 43 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत की 25.50 किलोमीटर नानगूर-नेतानार-कोलेंग मार्ग, 14 करोड़ 4 लाख रूपए की लागत से ग्राम-परपा मंे निर्मित 112 नग जी टाईप पुलिस आवासगृह, 22 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से निर्मित 29 किलोमीटर लंबी दरभा से कटेकल्याण मार्ग, 35 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से निर्मित 45 किलोमीटर लंबी चित्रकोट बारसूर मार्ग, लगभग 2 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से निर्मित सात किलोमीटर लंबी एरमुर से कस्तुरपाल मार्ग, लगभग 2 करोड़ 72 लाख रुपए की लागत से निर्मित 5 किलोमीटर लंबी लामकेर-टिकनपाल-बालेंगा मार्ग, लगभग 1 करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से निर्मित 3.20 किलोमीटर लंबी घाटपाली से महुपाल बरई मार्ग, लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से निर्मित 5.5 किलोमीटर लंबी केशरपाल-सोरगांव मार्ग, लगभग 2 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से निर्मित 7 किलोमीटर लंबी मुंडागांव से राजपुर मार्ग, 1 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से निर्मित 2.20 किलोमीटर लंबी दरभा से तीरथगढ़ मार्ग तथा 1 करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से तीरथगढ़ कटेकल्याण मार्ग, 69 लाख 30 हजार रूपए की लागत से 3-3 केव्ही के 6 स्थानों पर स्थापित सोलर स्ट्रीट लाईट संयंत्र, 4 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से ग्राम चित्तालुर में 6 स्थानों में स्थापित 120 एचपी का सामुदायिक सौर सिंचाई योजना, लगभग 2 करोड़ 66 लाख रूपए की लागत से 18 स्थानों में जल जवीन मिशन अन्तर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पम्प, लगभग 1 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से 20 स्थानों में पेजयल सोलर ड्यूल पम्प, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अन्तर्गत लगभग 49 लाख रूपए की लागत से जिला पंचायत जगदलपुर के पास सीएससी भूतल एवं प्रथम तल, लगभग 19 लाख रूपए की लागत से शहीद पार्क जगदलपुर में गढ़कलेवा में निर्मित कार्य, लगभग 2 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से जगदलपुर में निर्मित कन्या क्रीड़ा परिसर भवन, लगभग 1 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत से जिला पुरातत्व संग्रहालय भवन में निर्माण एवं अन्य मरम्मत कार्य, लगभग 1 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से दलपत सागर की उतरी छोर में बनाए गए पाथवे, पेंटिंग एवं विद्युतीकरण कार्य, लगभग 76 लाख रूपए की लागत से दलपत सागर के आईलैण्ड में सौन्दर्यीकरण के कार्य, लगभग 54 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तितिरगांव और कुम्हरावंड में निर्मित 2-2 एच टाईप स्टॉफ क्वार्टर, लगभग 16 लाख रूपए की लागत से हर्राकोडेर में निर्मित आयुर्वेदिक औषधालय भवन, 5 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से ग्राम आसना में निर्मित बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लैंग्वेज, 2 करोड़ 6 लाख रुपए की लागत से निर्मित बस्तर आर्ट गैलरी (कलागुड़ी), 87 लाख रुपए की लागत से लालबाग मैदान में स्थापित हाईमास्ट लाईट एवं 49 लाख रुपए की लागत से दलपत सागर में बाह्य विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण किया।
इसके साथ ही लगभग 9 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से जगदलपुर शहर के गोल बाजार के विकास कार्य एवं विद्युतीकरण कार्य, 50 लाख रूपए की लागत से माता रूकमणी सेवा संस्थान विनोबा ग्राम डिमरापाल जगदलपुर में मिनी फुटबाल ग्राउण्ड का निर्माण, 7 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से 150 स्थानों पर सोलर हाईमास्ट, 1 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्री बर्थ वेटिंग कक्ष, 20 लाख रूपए की लागत से धुरवा समाज के लिए सामाजिक भवन, लगभग 50 लाख रूपए की लागत से ग्राम छिन्दावाड़ा में आश्रम भवन का नवीनीकरण एवं प्रथम तल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, लगभग 1 करोड़ 89 लाख रूपए की लागत से ग्राम नगरनार के बाजार स्थल को विकसित करने का कार्य, लगभग 50 लाख रूपए की लागत से ग्राम बुरूंदवाड़ा सेमरा में अहाता निमार्ण कार्य, 2 करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज डिमरापाल जगदलपुर परिसर में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के परिवारजनों एवं सुश्रुषा करने वालों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण, 4 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत से विभिन्न मार्गों 24 मार्ग पर नवीनीकरण एवं पेच रिपेयर कार्य, लगभग 4 करोड़ 93 लाख रूपए की लागत से विभिन्न मार्गों 25 मार्ग पर नवीनीकरण एवं पेच रिपेयर कार्य, 5 करोड़ 46 लाख रूपए की लागत से बस्तर विकासखण्ड अन्तर्गत विभिन्न मार्गों 12 मार्ग पर नवीनीकरण एवं पेच रिपेयर कार्य का भूमिपूजन करेंगे। 5 करोड़ 1 लाख रूपए की लागत लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड अन्तर्गत विभिन्न मार्गों 18 मार्ग पर नवीनीकरण एवं पेच रिपेयर कार्य, 1 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड अन्तर्गत विभिन्न मार्गों 7 मार्ग पर नवीनीकरण एवं पेंच रिपेयर कार्य, 13 लाख 60 हजार रूपए की लागत से जगदलपुर विकासखण्ड अन्तर्गत दलपत सागर के उत्तरी छोर में दुकान निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















