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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बटन दबाकर किया कृषक उन्नति योजना का शुभारंभ, जिले के लगभग सवा लाख किसानों के खातों में 647 करोड़ 98 लाख रूपए अंतरित

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जिले के लगभग सवा लाख किसानों के खातों में 647 करोड़ 98 लाख रूपए अंतरित

किसानों को सबसे ज्यादा आदान सहायता राशि देने का काम कर रहीं छत्तीसगढ़ सरकार : विधायक अग्रवाल

एकमुश्त राशि मिलने से जिले के किसान गदगद
बिलासपुर 12 मार्च 2024/जिले के किसानों के लिए आज का दिन यादगार रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषक उन्नति योजना का शुभांरभ एवं आदान सहायता राशि का अंतरण बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में किया। कृषक उन्नति योजना के तहत जिले के 1 लाख 24 हजार 885 किसानों के बैंक खाते में लगभग 647 करोड़ 98 लाख रूपये डीबीटी के जरिए आदान सहायता राशि का अंतरण किया गया।

कोनी स्थित कृषि महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य कार्यक्रम से जिला मुख्यालय एवं जनपद मुख्यालय वर्चुअली जुड़े थे। कार्यक्रम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, संभागायुक्त शिखा राजपूत तिवारी, कलेक्टर अवनीश शरण, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान, रामदेव कुमावत, कृषि विभाग के संभाग आयुक्त मनोज चौहान, कृषि विश्वविद्यालय के डीन श्री आर के एस तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण है। जिसमें किसानों को आदान सहायता के रूप में बड़ी राशि का अंतरण किया गया है। किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल है। किसानों की चिंता करते हुए हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत एक और गारंटी को पूरा किया है। इस गारंटी के पूरा होने से अब किसानों को आदान सहायता राशि देने में हमारी सरकार सबसे आगे है। हमारी सरकार किसानों की हितैषी है और यही कारण है कि हमारी सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।

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अग्रवाल ने कहा कि किसानों को कर्ज माफी की सौगात और ब्याज दर में कमी से किसानों की स्थिति में सुधार हुआ है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को लाभ मिला है और अब युवा भी कृषि कार्य और उससे जुड़ी पढ़ाई के लिए आगे आ रहे है। कृषक उन्नति योजना से एकमुश्त पैसा आने से किसानों को राहत मिलेगी। पहले किसानों को चार किश्त में बोनस की राशि दी जाती थी, जिससे उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कृषि में सुधार के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू किया है।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि अन्नदाता किसानों को हमारी सरकार ने संकल्प पत्र के अनुरूप यह सौगात दी है जिससे किसान प्रगति की ओर अग्रसर होंगे। विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने सरकार की इस योजना के लिए आभार प्रकट किया और कहा की एकमुश्त मिलीं ये राशि उनके बहुत काम आयेगी।

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कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा धान के अंतर की राशि का किसानों के बैंक खातों में आज अंतरण किया गया। जिले के लगभग 1 लाख 24 हजार 885 किसानों के खातों में 647 करोड़ 98 लाख रूपये डीबीटी के जरिए आदान सहायता राशि का अंतरण किया गया है। इस राशि के मिलने से किसानों में उत्साह है और वे बढ़-चढ़कर खेती-किसानी के कार्याें में रूचि लेंगे। कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान आज आदान सहायता की राशि मिलने से गदगद थे। किसान बंधुओं ने सरकार की इस योजना के लिए आभार प्रकट किया और कहा की एकमुश्त मिलीं ये राशि उनके बहुत काम आयेगी। ग्राम सिलदहा के किसान धनाऊ राम और ज्ञानीक दिनकर ने कहा कि एकमुश्त मिली यह राशि उनके लिए बड़ी मददगार साबित होगी।

पहले चार किश्तों में राशि मिलने से कुछ बड़े प्रयोजन में इसका इस्तेमाल हम नहीं कर पाते थे लेकिन अब एकमुश्त मिलने से शादी-ब्याह जैसे कार्याें में इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। महिला किसान चंद्रकली भारद्वाज और श्रीमती विमला लस्कर ने कहा कि सरकार ने किसानों की सुध ली है। योजना से मिली राशि से वे अपने कई काम पूरे कर पाएंगे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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