छत्तीसगढ़
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति

रायपुर| स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों ने आज देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और शास्त्रीय नृत्य-संगीत की अनुपम छटा बिखेरी। अलग-अलग स्कूल के बच्चों ने अपने विद्यालय से वर्चुअल रुप से शानदार प्रस्तुति दे कर अतिथियों का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कोरबा से इस कार्यक्रम में जुड़े स्कूल शिक्षा मंत्री ने डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विधायक द्वय मोहित राम केरकेट्टा और श्री पुरुषोत्तम कंवर भी कोरबा से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना काल में भी हमारे शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पढ़ने-पढ़ाने का काम जितनी लगन के साथ जारी रखा। यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हर बच्चें को एक जैसी सुविधा और गुणवत्ता के साथ शिक्षा मिल पाए। इसलिए प्रदेश में 172 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के विकास हो और वे जिन्दगी की हर चुनौतियों का मुकाबला आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में उत्कृष्ट शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही अच्छी लाईब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब जैसे जरूरी इंतजाम भी किए गए हैं। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तरह अब हिन्दी माध्यम स्कूलों में भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। इन स्कूलों के लिए 14500 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महापुरूषों ने जिस तरह के स्वतंत्र भारत का सपना देखा था, वैसे ही भारत का निर्माण हम सबको मिलकर करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। धमतरी के कक्षा पांचवीं के छात्र तन्मय वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोक गीत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के धुर्रा-माटी’’, रायपुर के बी.पी. पुजारी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्र ऋषभ शुक्ला ने हारमोनियम पर राग-यमन, अनन्या मोहंती ने नृत्य और भिलाई सेक्टर-3 की विशेष्ठा साहू ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। इसी तरह राजनांदगांव स्कूल की दिशा तम्बोली ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, धमधा दुर्ग स्कूल के रामकृष्ण तिवारी ने एकल गान और सूर्या साहू ने पियानों पर गीत की प्रस्तुति दी। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन वर्चुअल रूप से किया जा रहा है। आने वाले समय में स्थिति में सुधार होने पर राज्य स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आभार प्रदर्शन स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने किया।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















