Connect with us

बिलासपुर

बिलासपुर जिले में आयोजित वरिष्ठ आरक्षकों के लिए विवेचना प्रशिक्षण

Published

on

पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में पांच दिवस चली यह कार्यशाला

क्रमोन्नति प्राप्त कर वेतन मैट्रिक्स 6 लेवल प्राप्त कर रहे 523 वरिष्ठ आरक्षक हुए प्रशिक्षित

नवीन कानूनों भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संबंध में दिया गया प्रशिक्षण

राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के द्वारा दिया गया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण एवं लिखित परीक्षा उपरांत अब इस वरिष्ठ आरक्षकों को दिए जाएंगे विवेचना के अधिकार

छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग द्वारा अधिसूचित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत, 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके एवं क्रमोन्नति प्राप्त कर वेतन मैट्रिक्स 6 लेवल प्राप्त कर रहे वरिष्ठ आरक्षकों को विवेचना का अधिकार दिया गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए विवेचना के अधिकार देने से पूर्व सभी वरिष्ठ आरक्षकों को प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। इस संदर्भ में प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी श्रीमती अर्चना झा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में दिनांक, 29 जुलाई 2024 से 2 अगस्त 2024 तक 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन पुलिस लाइन स्थित अरपा सभाभवन में किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा कुमार (सिटी कोतवाली), श्री उमेश प्रसाद गुप्ता (सिविल लाइन), श्री निमितेश सिंह (चकरभाठा), श्री सिद्धार्थ बघेल (सरकण्डा) एवं श्री उदयन बेहार (उप पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय) के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ। जिले के थाना प्रभारीगण, जिन्हें पूर्व में ही नवीन कानूनों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका था, ट्रेनर की भूमिका में थे।

यह भी पढ़ें   यात्रीगण कृपया ध्यान दे! रेलवे ने रद्द की हावड़ा-मुम्बई रूट की ये ट्रेनें

पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह ने इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की मॉनिटरिंग स्वयं की और प्रशिक्षण के गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। तथा प्रतिदिन उपस्थित होकर सभी वरिष्ठ आरक्षकों को मार्गदर्शन देकर उनका मनोबल बढ़ाया।

उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW) सुश्री अनिता प्रभा मिंज एवं सुश्री अंजना केरकेट्टा ने महिला संबंधी अपराध एवं मिथ्या साक्ष्य संबंधी मामलों में विवेचना का प्रशिक्षण दिया। श्री हरीश तांडेकर एवं प्रदीप आर्या ने मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले मामलों में प्रशिक्षण दिया, जबकि श्री विजय चौधरी एवं श्री किशोर केंवट ने लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराध एवं लोक सेवकों द्वारा किये गए अपराध के मामलों में प्रशिक्षण प्रदान किया। श्री तोपसिंह नवरंग एवं श्री नवीन देवांगन ने लोक स्वास्थ्य, क्षेम, सुविधा आदि पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के संबंध में, तथा श्री राहुल तिवारी एवं श्री नरेश चौहान ने संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के मामलों में विवेचना का प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण उपरांत, सभी आरक्षकों के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई ताकि इस प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान का परीक्षण किया जा सके। इस लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवीणता को ध्यान में रखते हुए आरक्षकों को विवेचना का अधिकार दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें   Bilaspur: अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के 05 मामले दर्ज जेसीबी हाईवा एवं ट्रेक्टर जप्त कर की गई कार्रवाई

इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग में विवेचना की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के अंतर्गत पंजीबद्ध अपराधों में विवेचना का अधिकार प्राप्त करने वाले आरक्षक न केवल अपने ज्ञान को विस्तार देंगे बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा, “इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे आरक्षकों को नवीन कानूनों के तहत विवेचना करने के अधिकार प्रदाय करने से पूर्व उनको दक्ष करना है। यह पहल न केवल हमारी पुलिस बल की दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि न्याय प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी तथा पेंडेंसी को भी कम करेगी।”

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजपत्रित अधिकारियों एवं ट्रेनरों का विशेष योगदान रहा है। उनके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से आरक्षकों को न केवल कानूनी प्रावधानों का ज्ञान प्राप्त हुआ बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण से विवेचना करने की क्षमता भी विकसित हुई।

बिलासपुर पुलिस की यह पहल कानून व्यवस्था की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में निरंतर सुधार होता रहे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

बिलासपुर को मिली नई सौगात

Published

on

Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital

बिलासपुर। क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Chouksey Group of Colleges के अंतर्गत नया Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital अब राष्ट्रीय आयुर्वेद आयोग (NCISM), नई दिल्ली से संबद्ध हो गया है।

यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गौरव की बात है, क्योंकि अब जिले को अपना पहला और एकमात्र निजी बीएएमएस (BAMS) कॉलेज मिल गया है।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष होने वाली काउंसलिंग में चौकसे आयुर्वेद कॉलेज में NEET 2025 के आधार पर प्रवेश (Admission) दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

यह भी पढ़ें   Bilaspur: अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के 05 मामले दर्ज जेसीबी हाईवा एवं ट्रेक्टर जप्त कर की गई कार्रवाई

ज्ञात रहे कि इस वर्ष Chouksey Group के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक प्रवेश (Admissions) हुए हैं। साथ ही डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे B.Com, Law, BBA, BCA, PGDCA की सभी सीटें भी पूर्ण रूप से भर गई हैं। यह विद्यार्थियों के बीच चौकसे ग्रुप की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।

चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष जायसवाल ने कहा —
“हमारा संकल्प विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बिलासपुर में पहला निजी बीएएमएस कॉलेज खुलना न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह कॉलेज आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”

Continue Reading

blog

Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

Published

on

LCIT Group of College bilaspur

बिलासपुर: LCIT Group of Institutions – Bilaspur, जो हर साल एडमिशन के दौरान बड़े-बड़े वादे और लुभावने दावे करता है, उसकी सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। दावा किया जाता है कि यहां आधुनिक लैब्स, अनुभवी फैकल्टी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा — लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

बारिश आई, लैब्स ने छलनी बनकर स्वागत किया!
हमें मिले वीडियो में कॉलेज की लैब्स से टपकती छतें साफ़ दिखाई दे रही हैं। जहां स्टूडेंट्स को मशीनों के साथ प्रैक्टिकल करना चाहिए था, वहां अब पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियाँ रखी जा रही हैं। सवाल ये उठता है कि जब प्रयोगशालाएं ही सुरक्षित नहीं, तो शिक्षा कितनी सुरक्षित होगी?

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: नाबालिक लड़की के साथ शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी पर सरकण्डा पुलिस का प्रहार

फैकल्टी? बस कागज़ों पर!
सूत्रों के अनुसार, यहां कई फैकल्टी सदस्य केवल ऑन पेपर मौजूद हैं। यानी नाम तो है, पर काम में कहीं नजर नहीं आते। छात्रों का कहना है कि कई विषयों की क्लास ही नियमित नहीं होती।

इंजीनियरिंग प्रिंसिपल भी सिर्फ नाम के!
कहा जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रिंसिपल भी फुल टाइम नहीं है, बल्कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए कागजों पर मौजूद हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।

स्टाफ की नियुक्ति पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि अधिकांश स्टाफ या तो यहीं के पुराने छात्र हैं या फिर अन्य कॉलेज से किसी वजह से हटाए गए लोग हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है।

यह भी पढ़ें   यात्रीगण कृपया ध्यान दे! रेलवे ने रद्द की हावड़ा-मुम्बई रूट की ये ट्रेनें

🎙 बिलासपुर के इस संस्थान की मार्केटिंग चमचमाती है, लेकिन हकीकत में ढहती छतें, दिखावटी स्टाफ और खोखले दावे छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज़रूरत है कि शिक्षा को सिर्फ व्यापार न बनाकर, जिम्मेदारी समझा जाए

Continue Reading

बिलासपुर

Bilaspur News: सट्टा के खिलाफ संगठित अपराध और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई

Published

on

बिलासपुर: नगदी रकम 11,600/- रूपये, मोचाईल, सट्टा प‌ट्टी पर्ची जप्त

अपराध क्रमांक 1268/2024 धारा- 06 ख जुआ प्रतिशेध अधिनियम 2022 तथा धारा 112(2) बीएनएस०
नाम गिर० आरोपी :– आकाश सारथी पिता राजेश सारथी उम्र 28 साल नि० दुर्गा मंदीर के पास, कस्तुरबा नगर थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर छ०ग०

विवरण इस प्रकार है कि उपरोक्त आरोपी कल्याण सट्टा नाम से अंको के माध्यम से हारजीत का दाव लगाकर स‌ट्टा लिख रहा था। मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी को गुरुद्वारा के सामने सिन्धी कॉलोनी थाना सिविल लाईन के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ करने पर मोबाईल नंबर धारक व्यक्ति कथित खाईवाल के कहने पर तथा उससे मिलकर कर स‌ट्टा प‌ट्टी लिखना, जिसके एवज में प्रतिदिन कमीशन के रूप में नगदी रकम प्राप्त होना बताया। आरोपी के बताये अनुसार प्रकरण में मोबाईल नंबर धारक व्यक्ति कथित खाईवाल को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियो के विरुध्द जुआ अधिनियम तथा संगठित अपराध की धारा के अंतर्गत कार्यवाही की गई।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: नाबालिक लड़की के साथ शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी पर सरकण्डा पुलिस का प्रहार
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending