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छत्तीसगढ़

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के कार्यों में तेजी लाने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात

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प्रदेश की विभिन्न नगरीय निकायों की बड़ी योजनाओं पर की चर्चा, प्रधानमंत्री आवास योजना में 19,906 नए आवास स्वीकृत करने का किया आग्रह

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 516 करोड़ और वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी प्लांट के लिए 400 करोड़ की स्वीकृति का किया अनुरोध

नगरीय निकायों की संपूर्ण कार्य प्रणाली को आईटी-इनेबल्ड बनाने 200 करोड़ का अनुदान भी मांगा

बिलासपुर. 4 जुलाई 2024. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न नगरीय निकायों की बड़ी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने शहरों की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य की शहरों के विकास की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए यहां संचालित केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री को दी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में हुई मुलाकात के दौरान वर्तमान में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत या आगामी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत बीएलसी घटक (Beneficiary Led-construction) के अंतर्गत 19 हजार 906 नए आवास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने श्री खट्टर को बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 516 करोड़ 20 लाख रुपए का एक्शन प्लान स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। रायपुर, दुर्ग एवं भिलाई निकायों के क्लस्टर तथा बिलासपुर, रतनपुर, बोदरी एवं मुंगेली में सूखे कचरे के निपटान के लिए 10 मेगावाट का वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी प्लांट लगाने के लिए करीब 400 करोड़ रुपए की परियोजना का प्रस्ताव भी भेजा गया है। उन्होंने इन दोनों कार्यों के लिए राशि मंजूर करने के साथ ही रायपुर और बिलासपुर को छोड़कर शेष नगर निगमों में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी की स्थापना के लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

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उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भारत सरकार के नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के अंतर्गत नगरीय निकायों की संपूर्ण कार्य प्रणाली को आईटी-इनेबल्ड (IT Enabled) बनाने 200 करोड़ रुपए के अनुदान की स्वीकृति का आग्रह केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री से किया। उन्होंने राज्य के नवगठित 15 नगरीय निकायों को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शामिल कर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं वेस्ट वाटर मैनेजमेंट परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि प्रदान करने का अनुरोध किया। श्री साव ने मिशन अमृत तथा अमृत 2.0 में शामिल नगरीय निकायों के साथ ही अन्य नगरीय निकायों में भी जलप्रदाय योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर करने का आग्रह किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने श्री साव की मांगों पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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