Connect with us

रायपुर

Raipur: वर्ल्ड टाइगर डे 2024: छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी, वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता

Published

on

Raipur: World Tiger Day 2024: भारत में बाघों की जनसंख्या में विश्व में अव्वल, इधर अचानकमार टाइगर रिजर्व में 5 से बढ़कर 10 तक पहुंच गया, घासीदास टाइगर रिजर्व में की संख्या 5 है..

World Tiger Day 2024: दिनेश यदु. भारत में बाघों की जनसंख्या को लेकर गर्व की बात यह है कि यहां सबसे ज्यादा बाघ पाए जाते हैं। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बाघों की संख्या 3167 है। यह संख्या दुनिया के कुल बाघों की आबादी का 75 प्रतिशत है। भारत में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ जैसे प्रयास चलाए जा रहे हैं, जो कि इस दिशा में काफी सफल साबित हो रहे हैं।

World Tiger Day 2024: छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में वृद्धि
छत्तीसगढ़ राज्य में भी बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। ( World Tiger Day 2024) 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, अब यह बढ़कर लगभग 23 हो गई है। यह वृद्धि राज्य के विभिन्न टाइगर रिजर्व और अभ्यारणों में सफल संरक्षण प्रयासों का परिणाम है।

बाघों की जनसंख्या: वैश्विक परिप्रेक्ष्य
भारत के अलावा, 12 अन्य देशों में भी बाघ पाए जाते हैं। इनमें रूस, बांग्लादेश, नेपाल, और इंडोनेशिया प्रमुख हैं। रूस में साइबेरियन टाइगर की संख्या 580 के करीब है, जबकि इंडोनेशिया में सुमात्रा टाइगर की संख्या लगभग 370 है। नेपाल में 355, मलेशिया में 120, बांग्लादेश में 106, और थाईलैंड में 148 बाघ हैं।
भारत में बाघों की स्थिति

यह भी पढ़ें   पार्ले-जी के रैपर 'डार्क' सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, यूजर्स कर रहे हैं कमेंट्स

भारत में बाघों की संख्या में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। यहां के जंगलों और टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए अनुकूल वातावरण और संरक्षण प्रयास प्रमुख भूमिका निभाते हैं। भारत के विभिन्न टाइगर रिजर्वों में बाघों की तादाद बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों ने इनकी संख्या को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।मध्यप्रदेश में बाघों की तादाद सबसे ज्यादा है, जहां 785 बाघों का बसेरा है। यहां की सरकार और वन विभाग ने बाघ संरक्षण के लिए कड़ी मेहनत की है। मध्यप्रदेश के अलावा कर्नाटक, उत्तराखंड, और महाराष्ट्र में भी बाघों की अच्छी खासी संख्या है।

गोमर्ड अभ्यारण्य में बाघ की मौत से एक संख्या घटी
जनवरी में सारंगढ़ परिक्षेत्र के अन्तर्गत कनकबीरा परिसर के कक्ष क्र 927 पी.एफ. में घोराघाटी जंगल मे कुछ शिकारियों द्वारा जंगली सुअर का शिकार करने के लिए करेंट का तार बिछाए थे। जिसके चपेट मे आकर एक नर बाघ आ गया। जिससे उसकी मौत मौके पर हो गई थी। प्रदेश में विगत 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में बाघो की संख्या 2010 में 26 बाघ प्रदेश में थे, जो 2014 में बढ़कर 46 हो गई थी। 2018 में बाघों की संख्या एकाएक घटकर 19 हो गई। वर्तमान में 2022 की गणना में बाघों की संख्या घटकर सिर्फ 17 रह गई। छत्तीसगढ़ वन मंड़ल के अनुसार 2023-24 में 23 बाघ है।

यह भी पढ़ें   Raipur : रेंज साइबर थाना, रायपुर की कार्यवाही, शेयर ट्रेडिंग के नाम से ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

पीसीसीएफ सुधीर अग्रवाल ने पत्रिका को बताया कि प्रदेश में बाघों की जनसंख्या में हुई इस वृद्धि से हम अत्यंत हर्षित हैं। यह हमारे संरक्षण प्रयासों और सतत पर्यावरणीय योजनाओं का परिणाम है। वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमने विभिन्न उपायों को अपनाया है, जिनमें वन्य जीव अभयारण्यों का विस्तार, अवैध शिकार पर सख्त निगरानी, और समुदायों को शामिल कर जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, हमने जैव विविधता को बनाए रखने के लिए सतत वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान को भी प्राथमिकता दी है। आगे भी, हम इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे वन और वन्य जीव सुरक्षित और स्वस्थ बने रहें।

छत्तीसगढ़ टाइगर रिजर्व व अभ्यारण में बाघों की संख्या
अचानकमार टाइगर रिजर्व – 10
भोरदेव अभ्यारण -1
गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व -5
बारनवापारा – 1 बाघ
इंद्रावती टाइगर रिजर्व – 6
उंदती सीतानदी टाइगर रिजर्व – 0

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

अग्रसेन धाम में गूँज रही श्रीमद्भागवत कथा, आस्था का उमड़ा सैलाब

Published

on

Shrimad Bhagwat Katha is resonating in Agrasen Dham, a flood of faith has surged

रायपुर। अग्रसेन धाम, छोकरा नाला में गोयल परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।

श्रीधाम वृंदावन वाले सुप्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य श्री आनंद कृष्ण ठाकुर जी महाराज अपने मधुर श्रीमुख से कथा वाचन कर रहे हैं। उनके मुखारविंद से झर रही श्रीकृष्ण कथा श्रद्धालुओं के हृदयों को भक्ति रस में सराबोर कर रही है।

हर दिन दोपहर 3 बजे से रात्रि 9 बजे तक चल रही कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में भक्तजन आकर कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: संतोषी मंदिर के पास चाकू और पिस्टल जैसे लाइटर से लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार

पूरे परिसर में निरंतर हरिनाम संकीर्तन, भजनों और आध्यात्मिक ऊर्जा की गूँज से वातावरण अलौकिक हो गया है।

Continue Reading

news

हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन महिला विंग की प्रदेश अध्यक्षा बबीता अग्रवाल को मिला राष्ट्रीय अग्र ज्योति अलंकरण सम्मान

Published

on

State President of Helping Hands Club Foundation Women's Wing Babita Agarwal received the National Agra Jyoti Alankaran Samman

सबसे अग्रणी संस्था में अहम भूमिका सामाजिक कार्यों से लेकर महिला सशक्तिकरण में अहम योगदान के लिए हुई सम्मानित

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन का नवम अग्र अलंकरण समारोह में डॉक्टर रमन सिंह के हाथों मिला सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन का नवम अग्र अलंकरण समारोह 28 अगस्त को एस एन पैलेस रायपुर में सम्पन्न हुआ इस समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 18 विभूतियों का सम्मान किया जाएगा। इस राष्ट्रीय अलंकरण समारोह में पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना चुकी प्रदेश की सबसे अग्रणी संस्था हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्षा रायपुर निवासी श्रीमती बबीता अग्रवाल को अग्र ज्योति अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपको बता दे कि हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के अध्यक्षा के रूप में बबीता अग्रवाल ने अनेकों सामाजिक गतिविधियों में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है इनके इस दायित्व में इन्होंने पूरे प्रदेश में महिला समूहों में एक अलग अलख जगाई है। एवं आज के समय में हेल्पिंग हैंड्स क्लब की महिला विंग में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल है। विगत दिनों राखी विथ रक्षक का महा आयोजन राजधानी रायपुर के पुलिस ग्राउंड में किया गया था जो अपने आप में एक इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गया। जिसमें हजारों रक्षक देश के जवानों को हेल्पिंग हैंड्स की बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। बबीता अग्रवाल शुरू से ही सामाजिक कार्यों में निस्वार्थ भाव से लोगो की मदद करने में दूसरों का दर्द दूर करने में सामाजिक बुराइयों को नष्ट करने में आगे रहती है। वही बबीता अग्रवाल ने बताया कि यह सम्मान उनके जीवन में एक नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के फाउंडर एवं प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है अंकित अग्रवाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मानवसेवा माधवसेवा का साक्षात् उदाहरण जीवन में उतारा है जिस वजह से आज वो इस मुकाम पर है। एवं हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन एक एनजीओ नहीं एक परिवार की तरह रहता है एवं कार्य करता है। उन्होंने आगे कहा कि अग्रवाल समाज के वरिष्ठ विधायक संपत अग्रवाल, अशोक सियाराम अग्रवाल,सुनील रामदास अग्रवाल,रमेश अग्रवाल , मनोज गोयल, अशोक मोदी , योगेश अग्रवाल हमेशा उनके प्रेरणाश्रोत रहे है। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि हेल्पिंग हैंड्स महिला विंग की उनके साथीगण बहने हमेशा ही उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर अग्रणी होकर कार्य करती है एवं यह मेरा नहीं मेरी पूरी टीम का सम्मान है यह सम्मान में अपनी पूरी टीम को समर्पित करती हु। साथ ही में छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन का इस पल के लिए इस सम्मान के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त करती हु।
हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के प्रदेश संरक्षक डॉ रमेश अग्रवाल मनोज गोयल, अध्यक्ष अंकित अग्रवाल,उपाध्यक्ष विन्नी सलूजा तरुण अग्रवाल, अमित केडिया , रजत अग्रवाल , उदित अग्रवाल , विवेक श्रीवास्तव, रिंकू केडिया ,भारती मोदी,सुनीता पांडे, ज्योति अग्रवाल, पूजा छाबड़ा, एकता मलिक , अल्पना शर्मा , अंकुर अग्रवाल, मयंक जैन ,सुमित अग्रवाल,राकेश बोथरा,सुकुमार चटर्जी, अनामिका मिश्रा ,सेजल खंडेलवाल एवं अन्य सभी सदस्यों ने बबीता अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की।

यह भी पढ़ें   कैंसर से जंग के बीच नीले समंदर की सैर करती दिखी Hina Khan, सोशल मीडिया पर मिनटों में वायरल हुई तस्वीरें

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर धरसीवां के उद्योगपति अग्रवाल दंपत्ति ने जीता ‘मोस्ट एक्सपीरियंस कपल’ अवार्ड

Published

on

Industrialist Agrawal couple from Raipur Dharsiwan won the 'Most Experienced Couple' award

रायपुर। जेसीआई रॉयल कैपिटल द्वारा छत्तीसगढ़, ओडिशा और विदर्भ ज़ोन के लिए वार्षिक कार्यक्रम “प्यार का नग़मा – कपल ट्रेनिंग प्रोग्राम” बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम का संचालन इंटरनेशनल ट्रेनर जेसी पीपीपी जेएफआर राजेश अग्रवाल ने किया, जिसमें कुल 36 जोड़े शामिल हुए।

इवेंट में विभिन्न सत्रों और गतिविधियों के दौरान कपल्स ने संवाद, समझ और आपसी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इस अवसर पर रायपुर धरसीवां के राइस मिलर जेसी जेएफएम महेश अग्रवाल और श्रीमती अंजलि अग्रवाल को “Most Experienced Couple Award” से सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर महेश अग्रवाल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि..

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: सड़क सुरक्षा बैठक,सीएम साय ने दिए यातायात नियमों के सख्त पालन के निर्देश

पायलट फैकल्टी का ट्रेनिंग एक्ट बेहद प्रेरणादायक और उपयोगी रहा। इस कार्यक्रम ने हम सबकी प्रतिभा को निखारने का अवसर दिया। इसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देता हूँ।

कार्यक्रम में ज़ोन के विभिन्न शहरों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे कपल रिलेशनशिप को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending