छत्तीसगढ़
अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
सफलता पाने युवावर्ग पूरी ताकत से करें परिश्रम: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन
विश्वविद्यालय की पत्रिका कन्हार, अटल दृष्टि सहित विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन
उत्कृष्ट शिक्षकों और बच्चों को बांटे पुरस्कार
बिलासपुर, 25 जून 2024/उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज यहां अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए l उन्होंनेे विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे सादर नमन किया। उन्होेंने यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा विश्वविद्यालय आज अपना 13वां स्थापना दिवस मना रहा है। अपने उद्बोधन की शुरूआत अटल जी की कविता से करते हुए उन्हे श्रद्धांजलि दी। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में पूरी ताकत और मनोयोग से परिश्रम करें तो आपको जरूर सफलता मिलेगी।
युवाओं को सच्चाई के मार्ग से कभी विचलित नहीं होने की सीख दी। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शिक्षकों और बच्चों को पुरस्कार बांटे। विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार और मासिक पत्रिका अटल दृष्टि सहित अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति एडीएन बाजपेई ने की। इसके अलावा कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे, अधिष्ठाता एच एस होता, भूपेन्द्र सवन्नी, रामदेव कुमावत भी मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मां सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय की कुलगीत का सम्मानपूर्वक गायन हुआ। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है। अल्पसमय में ही यूनिवर्सिटी ने सफलता के नये आयाम स्थापित किए है। मुझे यहां आकर बड़ी प्रसन्नता हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी को नये सोपान तय करने के लिए जो भी आवश्यकता होगी उसके लिए छत्तीसगढ़ शासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन में सफल होने के लिए शॉर्टकट न अपनाएं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि अल्पसमय में ही यूनिवर्सिटी ने शिक्षा जगत मेें अपनी विशेष पहचान बनाई है। किसी भी संस्थान के विकास में तेरह वर्ष का समय ज्यादा नहीं होता है लेकिन बावजूद इसके यूनिवर्सिटी ने नई उंचाईयों को छूआ है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री से बिलासपुर में फायर स्टेशन सहित कोनी में बेरोजगार युवाओं के लिए सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केन्द्र की मांग की जिसमें युवाओं को सेना में भर्ती के लिए मार्गदर्शन मिल सके।
कुलपति एडीएन बाजपेई ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई। इसके अलावा सतत नवाचार हेतु आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं आई.ओ.टी. पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने तुलसी का पौधा भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों की जानकारी से समारोह को अवगत कराया। कुलसचिव श्री शैलेन्द्र दुबे ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम में नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एल पी पटेल, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति श्रीमती अरूणा पलटा, डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री रविप्रकाश दुबे सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, विभिन्न कॉलेजो के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं एवं नागरिकगण मौजूद थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















