छत्तीसगढ़
उपसंचालक कृषि, बिलासपुर और कृषि वैज्ञानिकों ने संयुक्त नैदानिक भ्रमण कर किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी

बिलासपुर, जिले के विभिन्न ग्रामों में धान की फसल गभोट से लेकर दूधिया अवस्था में है। कुछ शीघ्र पकने वाली किस्में परिपक्वन अवस्था में है। इस अवस्था में दिन का तापमान ज्यादा होने एवं रात का तापमान तुलनात्मक रूप से कम होने तथा सतत् वर्षा होने के कारण कीड़े एवं बिमारियों के लिए अनुकूल परिस्थिति है। किसानों के खेतों में फसल की निगरानी हेतु को कृषि विज्ञान केन्द्र एवं उपसंचालक कृषि बिलासपुर के संयुक्त निरीक्षण दल ने मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम जयरामनगर-खैरा में किसानों के खेतों में भ्रमण कर कीट-व्याधि प्रकोप का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान लगभग 100 एकड़ में लगी धान की किस्म सम्पदा एवं राधे स्वर्णा में तना छेदक कीट का अत्यधिक प्रकोप पाया गया। अनुमानतः 25-30% तक क्षति होने की आशंका है। इस वर्ष तनाछेदक कीट का प्रकोप बढ़ने का मुख्य कारण कीट के अनुकूल जलवायु, दवाओं के प्रयोग के उपरांत वर्षा हो जाने से दवाओं का असर न होना तथा कीट में दवाओं के प्रति प्रतिरोधिता का विकसित होना है। चंूकि धान की फसल अब मिल्किंग तथा परिपक्वन अवस्था में है, विभिन्न दवाओं का प्रयोग करने के कारण अब अनुशंसित दवाएं क्लोरानट्रेनिलिप्रोल 18.5% SC60 मि.ली. प्रति एकड़ या कार्टाफ हाइड्रोक्लोराइड 50% SP 400 ग्राम प्रति एकड़ कारगर नहीं होंगी एवं काफी नुकसान की आशंका है।
नैदानिक भमण में यह पाया गया कि धान की बालियों में दाने भरने की अवस्था में लगभग 25% से अधिक बालियां तनाछेदक के आक्रमण से सूख चुकी है तथा वयस्क कीटों की संख्या भी आर्थिक क्षति स्तर से अधिक पायी गयी।
उपसंचालक कृषि, श्री पी.डी. हथेस्वर ने उन किसानों को जिनके खेत में धान गभोट अवस्था में है सलाह दीकि नत्रजन युक्त रासायनिक उर्वरकों का अनुशंसित मात्रा अनुरूप ही उपयोग करें,खेतों का लगातार निरीक्षण करते रहें तथा कीड़े बिमारियों का प्रकोप दिखने पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को सूचित कर सिफारिश की गई दवाओं का ही उपयोग करें।
कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी ने किसानों को समझाइस दी कि किसी भी कीड़े बिमारी का प्रकोप दिखने के बाद भारत सरकार द्वारा जारी किसान काल सेंटर के निःशुल्क दूरभाष नंबर 18001801551 पर डायल कर विशेषज्ञ से परामर्श के उपरांत ही दवा का छिड़काव करें या कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से परामर्श उपरांत कीड़े बिमारियों का प्रबंधन करें। प्रायः देखने में आ रहा है कि किसान भाई दवा की ज्यादा मात्रा का प्रयोग गलत समय पर कर देते हैं।
जिसके कारण कीट व्याधियों का नियंत्रण नहीं होता तथा उनमें प्रतिरोधिता विकसित होती है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि कीड़े बिमारी से ग्रसित फोटो खींच कर वाट्सएप के माध्यम से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित क्रॉप डॉक्टर एप में अपलोड कर वैज्ञानिक परामर्श के अनुसार दवाओं का प्रयोग करें।
पौध रोग विशेषज्ञ श्री जयंत साहू ने सलाह दी कि जिन खेतों में धान गभोट अवस्था में है वहां भी तना छेदक का प्रकोप होने की आशंका है, इसके प्रबंधन के लिए किसान प्रकाश प्रपंच एक प्रति हेक्टेयर की दर से या 5 फेरोमॉन ट्रेप प्रति एकड़ की दर से धान के खेतों में लगाएं एवं पीले स्टिकी ट्रेप का प्रयोग करें। डॉ. साहू ने किसानों को सलाह दी कि आर्थिक क्षति स्तर को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों से परामर्श के उपरांत ही अनुशंसित दवाओं का प्रयोग करें। धान की फसल मे विगत वर्षों में शीथ ब्लाइट नामक बिमारी का प्रकोप ज्यादा उत्पादन देने वाली धान की किस्मों में देखा जा रहा है
इससे बचाव के लिए किसानों को गभोट अवस्था में ही थायोफ्लूजामाइड 24% SC का 150 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करने की सलाह दी। कीट वैज्ञानिक, डॉ. एकता ताम्रकार ने किसानों को सलाह दी कि दो या दो से अधिक रासायनिक कीटनाशक, कवकनाशक दवाओं का प्रयोग करने के पहले कम्पैटिबिलिटी के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर व्हाइट इयर हेड (पोचे दाने वाली बाली) 1-2 प्रति वर्गमीटर से ज्यादा पाए जाने पर कीटनाशक दवाओं क्लोरानट्रेनिलिप्रोल 18.5% SC 60मि.ली. प्रति एकड़ या कार्टाफ हाइड्रोक्लोराइड 50% SP 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से शाम के समय वर्षा न होने की दशा में होलोकॉन नोजल से छिड़काव करें।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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