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छत्तीसगढ़

धमतरी : इंग्लिश मीडियम स्कूल में 14 विद्यार्थियों को महतारी दुलार योजना के तहत दिया गया प्रवेश

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धमतरी| मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा आज शाम सवा चार बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयारी, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की जिले में प्रगति की समीक्षा की गई। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल की समीक्षा के दौरान कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने बताया कि इस वर्ष तीन नए इंग्लिश मीडियम स्कूल कुरूद, मगरलोड के भैंसमुण्डी और नगरी में शुरू किए गए हैं। इसके अलावा पिछले साल से धमतरी स्थित बठेना में मेहत्तरूराम धीवर शासकीय उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित है। इन चारों इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 2560 सीटों में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है।

अब तक 1856 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा चुका है। मुख्य सचिव ने रिक्त सीटों में जल्द भर्ती के निर्देश दिए। इसके अलावा शासन की महत्ती महतारी दुलार योजना के तहत 239 विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश दिया गया है। इनमें 14 विद्यार्थियों को इंग्लिश मीडियम स्कूल, 175 को शासकीय तथा 50 विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। यह वह विद्यार्थी हैं जिनके माता-पिता अथवा काम करने वाले पालक की मृत्यु कोरोना की वजह से हुई है। बताया गया कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 64 ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है, जो कि पूर्व से संचालित इन स्कूलों में अध्ययनरत थे।

इसके अलावा जिले में संचालित नए स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल कुरूद, मगरलोड के भैंसमुण्डी और नगरी में प्रत्येक शाला 35-35 पद, कुल 105 पदों पर संविदा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। जिनमें दावा-आपत्ति के बाद पात्र-अपात्र की सूची के अनुसार मेरिट आधार पर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। यह साक्षात्कार आगामी 18 अगस्त से 23 अगस्त तक लिया जाएगा। बताया गया कि आगामी 31 अगस्त तक संविदा भर्ती की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा धमतरी के बठेना स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल में 17 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव डीपीआई रायपुर में भेजा गया है, जिसमें 12 का आदेश हो गया है, शेष पांच कर्मचारियों का प्रतिनियुक्ति आदेश लंबित है। मुख्य सचिव ने बैठक में सख्त निर्देश दिए कि लैब का काम आगामी 15 सितंबर तक हर हाल में कर लिया जाए ।

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धमतरी जिले में कोविड 19 की तीसरी लहर की आशंकाओं के मद्देनजर आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 169 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 25 प्रथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। इन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चार से पांच ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर उपलब्ध है। इसके अलावा गुजरा को छोड़ शेष चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्दों में 15 जम्बो सिलेण्डर उपलब्ध हैं। बताया गया कि जिला अस्पताल स्थित कोविड विंग में 80 में से 50 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर तथा ज़िले में कुल 32 वेंटीलेटर (29 कोविड विंग और एसएनसीयू में 03) उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ज़िला अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए एक पीएसए प्लांट 425 लीटर प्रति मिनट क्षमता का चालू है और एक प्लांट निर्माणाधीन है तथा 29 डी टाईप 55 बी टाईप जम्बो सिलेण्डर उपलब्ध हैं।  इसके अलावा बच्चों के लिए 12 आइसीयू बिस्तरों की उपलब्धता है।

इसी तरह डेडिकेटेड कोविड अस्पताल धमतरी (आइएलआइ) में सभी 40 बिस्तर ऑक्सीजनयुक्त हैं तथा चार वेंटीलेटर हैं। यहां 130 डी टाईप जम्बो सिलेण्डर की व्यवस्था है। यह भी बताया गया कि जिले में कुल चार पीएसए प्लांट स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें जिला चिकित्सालय के कोविड विंग में एक पीएसए प्लांट एनएचआई-डीआरडीओ द्वारा बनाया जा रहा है, सिविल काम पूर्ण तथा अगले दस दिनों में प्लांट भी आने की संभावना है। वहीं कुरूद सिविल अस्पताल में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा प्लांट स्थापित करने का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भखारा में सीजीएमएससी द्वारा स्थापित किए जा रहे प्लांट का सिविल कार्य प्रगति पर है। वहीं नगरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पीएसए प्लांट स्थापना का कार्य सीजीएमएससी द्वारा किया जाएगा। फिलहाल राज्य स्तर पर टेंडर प्रक्रियाधीन है।

बैठक में तीसरी लहर की तैयारी के लिए अब तक की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि जहां एक ओर आवश्यक तैयारियां की ली गई हैं, वहीं दूसरी ओर जिले में 381 कोरोना फाईटर्स की सूची तैयार है। भविष्य में हैल्थ केयर सेक्टर में कौशल विकास योजना के तहत कोरोना वॉरियर क्रैश कोर्स में इमरजेंसी मेडिकल बेसिक का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए ट्रेंड लोग आपातकाल में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेंगे।  इसके अलावा दो कोविड अस्पताल और सात कोविड केयर सेंटर तथा 13 निजी अस्पतालों में कोविड विंग संचालित है। ग्राम स्तर पर पूर्व में 397 कोरेन्टाईन सेंटर का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके अलावा वेंटीलेटर, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, सिरिंज पम्प, इसीजी मशीन इत्यादि उपकरण की मरम्मत के लिए जिले में इंजिनियर/मैकेनिक की सूची तैयार कर ली गई और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। यह भी बताया गया कि कोविड प्रबंधन में जिले से कुल 887 मानव संसाधन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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इसके अलावा जिले में शासन की महत्ती मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले चारों ब्लॉक में कुल 22 हाट-बाजार अलग-अलग दिनों में आयोजित किए जाते हैं। जिसमें एक अप्रैल 2021 से 14 अगस्त 2021 तक कुल 1646 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इनमें से 1446 को दवाईयां तथा 697 का अन्य जांच किया गया। बताया गया कि इन हाट-बाजारों में जहां 1010 रक्तचाप के, उच्च रक्तचाप के 244, मधुमेह के 890, उच्च संस्था में 126 मधुमेह के मरीजों को रिफर किया गया। टीबी के आठ, लेप्रोसी के एक मरीज का चिन्हांकन किया गया। वहीं 23 गर्भवती महिलाओं का एएनसी जांच और 211 मरीजों का नेत्र जांच किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की समीक्षा के अंत में मुख्य सचिव ने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी हाट-बाजारों के लिए डेडिकेटेड वाहन और दल होना चाहिए। बताया गया कि ज़िले में चार डेडीकेटेड वाहन हैं। बैठक में निर्देशित किया गया है कि अगस्त माह से  हाट-बाजार क्लिनिक का लोकेशन विभागीय पोर्टल में अद्यतन किया जाना अनिवार्य है, जो दल और वाहन हाट-बाजार क्लिनिक जा रहे। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी. के. तुर्रे और स्वास्थ्य अमले को इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आज की वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत प्रियंका महोबिया, ज़िला शिक्षा अधिकारी इत्यादि मौजूद रहे।  

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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