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छत्तीसगढ़

दिनेश पाण्डेय बने भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ के प्रदेश उपाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने किया सम्मान

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बिलासपुर| भिलाई इस्पात मज़दूर संघ (बीएमएस) के महामंत्री दिनेश कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर आज यूनियन कार्यालय सेक्टर 5 में यूनियन के समस्त पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं द्वारा दिनेश कुमार पाण्डेय का सम्मान किया गया.

इस अवसर पर बोलते हुए यूनियन के उपाध्यक्ष हरिशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि यह भिलाई -दुर्ग सहित समस्त छत्तीसगढ़ भारतीय मजदूर संघ कार्यकर्ताओं के लिए हर्ष और गौरव का विषय है की छत्तीसगढ प्रदेश में पहली बार प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत किसी बीएमएस नेता को मौका मिला है.

यूनियन के उप महामंत्री सनी इप्पन ने कहा कि हमारे प्रिय साथी दिनेश कुमार पांडेय पिछले दो कार्यकाल से भिलाई इस्पात संयंत्र में बीएमएस संबद्ध यूनियन भिलाई इस्पात मज़दूर संघ के महामंत्री हैं, महामंत्री के पूर्व एक कार्यकाल वे यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं इनके कार्यकाल में भिलाई में बीएसपी कर्मियों के बीच बीएमएस को एक पहचान मिली और पिछले मान्यता के लिए हुए चुनाव में भी वोटों में बढ़ोतरी हुई, अब प्रदेश स्तर पर भिलाई से दिनेश पाण्डेय का नेतृत्व मिलने पर भिलाई में बीएमएस और मजबूत होगा.

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यूनियन के सचिव अशोक माहोर ने कहा कि हमारे महामंत्री के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर हम सब गौरवान्वित महसूस करते हैं.यूनियन उपाध्यक्ष और पूर्व जिला मंत्री आई पी मिश्रा ने कहा कि दिनेश पाण्डेय जी पूर्व में दो बार भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री का सफलतम दायित्व निभा चुके हैं वर्तमान में वे सेल के एसईएसबीएफ के ट्रस्टी भी हैं ऐसे साथी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर मेरी, समस्त साथियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई देता हूं.

आशीर्वचन उद्बोधन देते हुए यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एस एम पांडेय ने कहा कि हर सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी भी होती है दिनेश जी ने संगठन भिलाई बीएसपी में बढ़ाने के लिए भरपूर व सफलतम प्रयास किया, जिसका परिणाम है की आज उन्हें प्रदेश स्तर पर उपाध्यक्ष नियुक्त कर छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण जिला बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा जिला का प्रभारी भी बनाया गया है, राष्ट्रीय स्तर पर भिलाई को प्रतिनिधित्व मिले करके दिनेश पाण्डेय जी को ऑल इंडिया स्टील फेडरेशन बीएमएस का राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी है, सभी कार्यकर्ताओं के विश्वास पर खरे उतरे ऐसी मेरी शुभकामना है.

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कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश पाण्डेय ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेतृत्व ने जो विश्वास व्यक्त किया है उसपर खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा.

इस अवसर पर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एस एम पांडेय पूर्व जिला मंत्री व यूनियन के उपाध्यक्ष इंद्रमणि मिश्रा उपाध्यक्ष हरिशंकर चतुर्वेदी, डॉक्टर सोम भारतीय, राजेश चौहान, सुनील वर्मा, देवगिरी गोस्वामी उप महामंत्री सनी इप्पन, राम जी यूनियन के सचिवगण गंगाराम चौबे, अशोक माहोर, अनिल गजभिए, श्रीनिवास मिश्रा कोषाध्यक्ष रवि चौधरी यूनियन के पूर्व उपमहामंत्री दीनानाथ प्रसाद, जिला कार्यसमिति से रोहित सिंह, अवधेश पांडेय, अनिल शुक्ला, मजूमदार दादा, प्रशांत मिश्रा, विशेष रुप से वासनिक सहित अन्य साथीगण उपस्थित थे.

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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