Connect with us

छत्तीसगढ़

शिविरों में किसान किताब, खाता विभाजन, नामांतरण के मामलों का प्राथमिकता से करें निराकरण: बिलासपुर कलेक्टर

Published

on

बिलासपुर| जिले के कलेक्टर सौरभ कुमार ने मंथन सभाकक्ष में समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक ली। उन्होंने राजस्व शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा की राजस्व शिविर केवल प्रमाण पत्र बनाने के लिए नहीं है बल्कि राजस्व के मूल काम जैसे खाता विभाजन, नामांतरण, किसान किताब वितरण पर ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों एवं किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को मौका-मुआयना कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करने के लिए भी निर्देशित किया। कलेक्टर ने बारिश के कारण जानहानि के मामलों में पीड़ितों को पूरी संवेदनशीलता के साथ तत्काल राहत दिलाने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के समय में घरों की टूँट-फूँट, सांप बिच्छू काटने तथा आकाशीय बिजली से मौत की घटनाएं ज्यादातर आती हैं।

ऐसे लोगों को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल राहत दिए जाएं। ऐसे प्रकरण कलेक्टर कोर्ट आने में विलम्ब नहीं होने चाहिए।  
कलेक्टर ने टीकाकरण की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जाहिर करते हुए लक्ष्यनुरूप टीकाकरण बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। फिलहाल प्रतिदिन लगभग 6 हजार टीके लग रहे हैं। कलेक्टर ने लोगों को मोबिलाइज कर टीकाकरण केन्द्रों पर लाने को कहा है। उन्होंने स्कूल और हाटबाजार में प्राथमिकता से टीका लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को टीके लगाना हमारा लक्ष्य है। इसकी प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर निर्धारित करें। कलेक्टर ने सहकारी समितियों में खाद उपलब्धता और वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को समिति कार्यालयों में खाद संबंधी दिक्कतें नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि समितियों में पर्याप्त खाद की उपलब्धता है। उन्होंने बैगा जैसी पिछड़ी जनजाति के लोगों को खेत सुधार के काम में लेने के लिए भी कहा। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि खेत मरम्मत के कार्य के लिए 2300 किसानों के प्रस्ताव बहुत जल्द स्वीकृत होंगे। मनरेगा के तहत इसकी मंजूरी भी दी जाएगी।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में 5 सितंबर के बाद फिर हो सकती है बारिश


बैठक में कलेक्टर ने कर्मचारी कल्याण से जुड़े मामलों पर भी विचार किया। उन्होंने जिला स्तरीय स्थापना वाले कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए साल में दो बार पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित करने भी निर्देशित किया।
कलेक्टर ने राजीव युवा मितान क्लब के गठन के संबंध में जानकारी ली तथा क्लबों के गठन में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने सी मार्ट, गौठानों में गोबर खरीदी, स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना, धान के बदले अन्य फसल, वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, सुपोषण अभियान, राजीव गांधी आश्रय योजना, भूमिहीन कृषि मजदूर योजना आदि योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए समय-सीमा में लक्ष्य अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

यह भी पढ़ें   जनजातिय समुदाय को अधिक से अधिक दें शासकीय योजनाओं की जानकारी अधिकारियों की बैठक में राज्यपाल उइके ने दिए निर्देश

राजस्व प्रकरणों का निराकरण तेजी से करें –
कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा, व्यपवर्तन, नक्शा-बंटाकन, डिजिटल हस्ताक्षर, खाता विभाजन, अभिलेख शुद्धता, नजूल आदि लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने पटवारी एवं तहसीलदारों को अपने-अपने मुख्यालयों में रहने और तत्परता से कार्य करने के लिए कहा।  
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयश्री जैन, एडीएम राम अघारी कुरूवंशी, वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त अजय त्रिपाठी सहित सभी अनुविभागों को एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   सेवानिवृत्त होने पर पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   Breaking: मुख्यमंत्री बघेल ने की बड़ी घोषणा, निजी स्कूलों के बच्चों को भी मिलेगा महतारी दुलार योजना का मिलेगा

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   धमतरी: पुल से नीचे गिरा सरकारी वाहन, दो अधिकारियों की मौके पर मौत

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   Urfi Javed को लोगों ने कहा थोड़ी तो शर्म करो, बिन कपड़े के नजर आईं मॉडल …

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   मंदिर में लगे टिन शेड पर नीम पेड़ के गिरने से 30 लोग दब गए, 7 की मौत...

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending