छत्तीसगढ़
आयुक्त एवं अपर आयुक्त के मध्य कार्यविभाजन, प्रत्येक मंगलवार एवं बुधवार को संभागायुक्त करेंगे प्रकरणों की सुनवाई

बिलासपुर| बिलासपुर संभाग में नवपदस्थ अपर आयुक्त कुमार लाल चैहान (आईएएस) द्वारा पदभार ग्रहण करने के पश्चात् संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग द्वारा पूर्व में जारी कार्यविभाजन आदेश को निरस्त करते हुए प्रकरणों की सुनवाई, निवर्तन एवं कार्यालयीन कार्याें के निष्पादन के लिए आयुक्त एवं अपर आयुक्त के मध्य नया कार्यविभाजन किया गया है।
संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग के सुनवाई का क्षेत्राधिकार-जिला बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों के कलेक्टर्स के आदेशों के विरूद्ध समस्त प्रकरण, अनुविभाग-बिलासपुर, कोरबा, कटघोरा, पाली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, पथरिया, घरघोड़ा एवं मुंगेली के समस्त प्रकरण, जिला स्तरीय ओव्हर साईट कमेटी, भारतीय स्टाम्प एक्ट के अंतर्गत समस्त प्रकरण, राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्वास और उन्नयन के लिए भूमि के अधिग्रहण से उत्पन्न मध्यस्थता के आर्बिट्रेटर का रहेगा।
इसी तरह अपर आयुक्त कुमार लाल चैहान अनुविभाग-बिल्हा, कोटा, तखतपुर, मस्तूरी, पेण्ड्रारोड, मरवाही, पोड़ी-उपरोड़ा, लोरमी, पामगढ़, डभरा, सारंगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़, रायगढ़ एवं लैलूंगा के समस्त प्रकरण का कार्य देखेंगे। प्रशासनिक कार्य – भू-अर्जन, पुर्नवास एवं पुर्नस्थापन के प्रकरण, इण्डस्ट्रियल कारीडोर के प्रकरणों में कार्यवाही, सीएसआर, स्वच्छ भारत अभियान, नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन से संबंधित प्रकरण, धान खरीदी का निरीक्षण एवं परिवेक्षण, कौशल विकास संबंधी कार्यवाही, नजूल प्रकरणों के नवीनीकरण संबंधी कार्यवाही, विभागीय जांच से संबंधित प्रकरण, स्थायी सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र (जाति प्रमाण पत्र) के लिए द्वितीय अपीलीय अधिकारी, महामारी से विवाद, आर्बीटेशन आदि, रेल्वे कारिडोर-मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम 1996, नियमितीकरण-नगर निवेश बिलासपुर संभाग, माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर रिट याचिकाओं के प्रकरण में प्रभारी अधिकारी नियुक्त करना एवं जवाबदावा प्रस्तुत कराने के प्रकरण पर कार्यवाही तथा आयुक्त द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य प्रशासनिक कार्य देखंेगे।
आयुक्त के द्वारा प्रकरणों की सुनवाई सामान्यतः माह के प्रत्येक मंगलवार एवं प्रत्येक बुधवार को किया जायेगा। आयुक्त द्वारा रायगढ़ जिला के उपरोक्त प्रभार वाले प्रकरणों की सुनवाई मुख्यालय बिलासपुर में न्यायालयीन दिवस में की जायेगी। अपर आयुक्त द्वारा रायगढ़ जिला के उपरोक्त अनुभागों के प्रकरणों की सुनवाई माह के तृतीय गुरूवार एवं शुक्रवार को रायगढ़ कैम्प में किया जायेगा। आयुक्त एवं अपर आयुक्त, दोनों में से किसी एक के मुख्यालय में अनुपलब्ध होने की स्थिति में नये प्रकरणों में दूसरे के द्वारा सुनवाई किया जायेगा। अन्य अनुज्ञात परिस्थितियों में प्रकरणों की सुनवाई एवं क्षेत्राधिकार के संबंध में आयुक्त द्वारा निर्णय किया जायेगा।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















