Connect with us

देश

भालू के डर से दुम भगाकर भागा बाघ, वीडियो देख लोग बोले- ‘डर सबको लगता है’

Published

on

छत्तीसगढ़ केसरी| बचपन से हम सभी ये सुनते आ रहे हैं कि बाघ में गजब की ताकत होती है. यही वजह भी है कि बहुत कम जानवर ऐसे हैं जो जंगल में बाघ का मुकाबला कर सके, लेकिन इन दिनों जो वीडियो को हम आपको दिखाने जा रहे हैं, उसे देखने के बाद आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या वाकई बाघ खतरनाक होता है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बाघ और एक भालू दिख रहा है. वायरल वीडियो में भालू बाघ को खदेड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है.

इस वीडियो को देखने के बाद आपको भी कि इस बात का अंदाजा हो जाएगा कि, दुनिया में जीवित रहने के लिए ताकत का प्रदर्शन कितना जरूरी है. जो ताकत नहीं दिखा पाता वह मार दिया जाता है. वीडियो में भालू ने अपनी जान बचाने के लिए यही गणित लगाया. 24 सेकेंड की इस वीडियो में एक बाघ एक तालाब के पास खड़ा दिखाई दे रहा है. तभी अचानक से एक भालू वहां आ जाता है. जैसे ही भालू को वह बाघ दिखाई देता है सुस्त भालू तुरंत फुर्ती में आ जाता है और तेजी से बाघ की ओर दौड़ता है.

यह भी पढ़ें   पबजी खेलने से मना करने पर सनकी बेटे ने माता-पिता की जान ली, रात में सोते समय किया हमला

यहां देखिए वीडियो-

Sloth bear scaring away a Tiger – not quite a rare thing in the forests!

Most bears (esp mumma bears) do attempt to scare the predator at the first instance by raising it’s forelimbs to make them look large in size. This trick worked out for this bear.

Video shared by a senior pic.twitter.com/SIikET7Asm

— Sudha Ramen (@SudhaRamenIFS) July 10, 2021

भालू से डरकर भागा बाघ

Kabini?

— Rav_Sun (@rav_sun) July 10, 2021

वायरल हुआ वीडियो

Yes!Wild Animals live in jungle! What does jungle rule say! Survival of the fittest. Strength plays a very important role. For what?To create a Fear. When one can Fear other animal quickly, one put other animals into defensive. And in fight,one who is Aggressive has a upper Hand!

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

— Subhash (@Subhash54150981) July 10, 2021

भालू को अपनी ओर आता देख बाघ वहां से फुर्र हो जाता है. इस वीडियो को शेयर करते हुए सुधा रामेन ले लिखा- जंगल में ऐसे दृश्य दुर्लभ बात नहीं है. वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया डर पैदा करने के लिए ताकत बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जो लड़ाई में पहले ज्यादा खतरनाक दिखता है वह सामने वाले पर हावी हो जाता है. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि ये वीडियो देख हमें समझ जाना चाहिए कि हमें किसी से भी हार नहीं माननी चाहिए. इसके अलावा और भी लोगों ने वीडियो पर अलग-अलग कमेंट किए.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   3 साल की बच्ची ने बर्थडे पर पैरेंट्स से मंगाया अजीब केक, अब सोशल मीडिया पर छिड़ी ये बहस

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   3 साल की बच्ची ने बर्थडे पर पैरेंट्स से मंगाया अजीब केक, अब सोशल मीडिया पर छिड़ी ये बहस

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   Kanchanjunga Express Accident: राष्ट्रपति, PM मोदी, गृह मंत्री ने रेल हादसे पर जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   पबजी खेलने से मना करने पर सनकी बेटे ने माता-पिता की जान ली, रात में सोते समय किया हमला

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending