छत्तीसगढ़
4 अक्टूबर को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

रायपुर. विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के पूर्व प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की कार्यवाही चल रही है। पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 2 अगस्त को राज्य में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा फॉर्म-5 में मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन करने के साथ-साथ 1 अक्टूबर 2023 की अर्हता तिथि के सम्बन्ध में दावा-आपत्ति प्राप्त किए जाने नोटिस जारी किया जाएगा। इसी दिन राज्य में विशेष ग्राम सभा में मतदाता सूची का वाचन भी किया जाएगा। विधानसभा एवं जिला स्तर पर भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर आमजन में मतदाता सूची को शुद्ध बनाने जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यह मतदाता सूची राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइटhttps://ceochhattisgarh.nic.in/में भी होस्ट की जाएगी। इसकी एक फोटोयुक्त हार्ड एवं एक फोटोरहित सॉफ्ट कॉपी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी जिला स्तर पर बैठक कर प्रदान की जाएगी।
मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन के दिन से 31 अगस्त तक निर्धारित प्रारूपों में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा दावा-आपत्ति प्राप्त किए जाएंगे। 30 दिनों की इस अवधि के दौरान चार दिन, 12-13 अगस्त (शनिवार-रविवार) और 19-20 अगस्त (शनिवार-रविवार) को बूथ स्तर पर विशेष शिविर का भी आयोजन होगा। इस दौरान 1 अक्टूबर 2023 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। मृत, डुप्लीकेट या स्थाई रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। पूर्व से पंजीकृत मतदाता के विवरण में किसी प्रकार के संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरा जाएगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए वोटर हेल्पलाइन एप और वोटर सर्विस पोर्टल भी उपलब्ध हैं। बीएलओ द्वारा फॉर्म भरने के लिए बीएलओ एप का प्रयोग किया जाएगा।
31 अगस्त तक प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों की साप्ताहिक सूची सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक कर दी जाएगी। साप्ताहिक रूप से इस सूची का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी प्रकाशन किया जाएगा। 22 सितम्बर तक सभी दावा-आपत्तियों का निराकरण कर 4 अक्टूबर 2023 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन फॉर्म-16 में किया जाएगा। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची पुनः वेबसाइट में होस्ट करने के साथ-साथ इसकी एक हार्ड एवं एक सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जिला स्तर पर प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए पुनरीक्षण के दौरान सघन कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस दौरान छूटे हुए युवाओं एवं समाज के वंचित वर्गों को अधिक से अधिक जागरूक कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चार लाख 25 हजार 698 मतदाता 18-19 आयु वर्ग के हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या एक लाख 47 हजार 364 तथा 767 तृतीय लिंग समुदाय के मतदाता हैं। राज्य में मतदाता सूची का लिंगानुपात 1002 है तथा मतदाता-जनसंख्या अनुपात 64.65 प्रतिशत है। श्रीमती कंगाले ने प्रदेश के नागरिकों से पुनरीक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए अधिक से अधिक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

















