छत्तीसगढ़
हॉकी वर्ल्ड कप ट्रॉफी का भव्य स्वागत : सीएम हाउस में समारोह, खिलाड़ी किए गए सम्मानित

रायपुर। हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी शनिवार को छत्तीसगढ़ पहुंची है। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्रॉफी का अनावरण किया। सीएम बघेल ने चक दे इंडिया के नारे के साथ हॉकी विश्व कप की ट्राफी उठाई और भारत को विश्व विजेता बनने के लिए शुभकामनाएं दी। दरअसल, हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को हॉकी इंडिया नई दिल्ली की ओर से देश के विभिन्न 16 राज्यों में भ्रमण कराया जा रहा हैं। अंतिम पड़ाव में यह आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची है।
हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी रायपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इस ट्रॉफी के स्वागत के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री बघेल के मुख्य आतिथ्य और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएम हाउस में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में श्री बघेल ने हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी का अनावरण किया। इस दौरान हॉकी में विशेष योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
कंचे खेलने से बेहतर होगी एकाग्रता
साथ ही मुख्यमंत्री ने इस मौके पर हॉकी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। सीएम ने कहा कि हॉकी के खिलाड़ियों को अन्य खेलों पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे की फुगड़ी। ये पूरे देश में कहीं नहीं खेला जाता, सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही फुगड़ी खेला जाता है। हॉकी के खिलाड़ियों को फुगड़ी खेलना चाहिए, इसके लिए मैदान जाने की जरुरत नहीं घर पर भी प्रैक्टिस कर सकते हैं। फुगड़ी खेलने से पूरे शरीर का व्यायाम होता है, नए बच्चे नहीं खेले हैं मगर पुराने लोग इसे खेलते रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक्स में 60-65 साल की महिलाओं ने फुगड़ी खेलकर रिकॉर्ड बनाए हैं। दूसरे खेल खेलते रहने से मुख्य खेल में लाभ मिलता है, जैसे कंचे खेलने से आपकी एकाग्रता और निशाने लगाने की क्षमता बेहतर होगी।
21 स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, मैं छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ लोगों की ओर से इस खूबसूरत ट्रॉफी का तहेदिल से स्वागत करता हूं। ओडिशा में इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन से छत्तीसगढ़ के लोग भी उतने ही खुश हैं, जितने कि ओडिशा के लोग हैं। इस आयोजन से पूरे देश में उत्साह, उत्सुकता और खुशी का वातावरण है। श्री बघेल ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान छत्तीसगढ़ में सभी खेलों की अधोसंरचनाओं को लगातार मजबूत किया गया है। हमने चार वर्षों में 21 स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना की है, आज हमारे यहां हॉकी के खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय मैदान और सुविधाएं उपलब्ध हैं। सीएम ने कहा कि खेलों के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि खेल प्रतिभाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके मिले। गौरतलब है कि ओडिशा में 13 से 29 जनवरी 2023 तक एफआईएच ओडिशा मेन्स वर्ल्ड कप आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भुवनेश्वर और राउरकेला में संपन्न होगी।
पहली बार रायपुर आई हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी
छत्तीसगढ़ हॉकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि, यह पहला मौका है, जब हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी रायपुर आई है। 23 दिसंबर को फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा स्टेडियम बेंगलुरू (कर्नाटक) में एक भव्य समारोह में ट्रॉफी को छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी को सौंपा गया। अंसारी बेंगलुरू से यह ट्राफी लेकर सुबह 9 बजे फ्लाइट से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचे। जिसके बाद ये ट्रॉफी मुख्यमंत्री निवास पहुंची। रायपुर के बाद इस ट्रॉफी को विश्व कप आयोजन स्थल भुवनेश्वर के लिए रवाना किया जाएगा।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















