छत्तीसगढ़
कोटा अनुविभाग के 10 ग्राम पंचायत कंटेन्मेन्ट जोन घोषित, 15 मई तक शादी-विवाह के सभी कार्यक्रम सरकार ने किये रद्द
बिलासपुर, 07 मई 2021/ कोविड – 19 के प्रकरणों में लगातार वृद्धि को देखते हुए कोटा अनुविभाग के 10 ग्राम पंचायतों को कंटेनमेन्ट जोन घोषित कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है जो आगामी 14 दिनों तक प्रभावशील रहेगा।
एसडीएम कोटा द्वारा जारी आदेश के अनुसार बेलगहना, करवा, कुरुवार, परसदा, चपोरा, पटैता, सत्तीबहरा, शिवतराई, सिलपहरी और उपका ग्राम पंचायतों के सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेन्ट जोन घोषित किया गया है।
उक्त पंचायतों में सभी दुकानें एवं अन्य वाणिज्य प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इसके लिये नियुक्त प्रभारी अधिकारियों द्वारा कन्टेनमेंट जोन में घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जायेगी।
कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा।
कन्टेनमेंट जोन की निगरानी हेतु लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जायेगी। कन्टेनमेंट जोन में विवाह एवं अन्य कार्यक्रम पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य की निगरानी एवं सैम्पल जांच की व्यवस्था की जायेगी।
कन्टेनमेंट जोन में एक्टिव सर्विलांस के कार्य हेतु परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास कोटा द्वारा दल गठित किया जा रहा है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानीन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आरएचओ की ड्यूटी लगाई जा रही है।
कोटा अनुविभाग में 15 मई तक सभी विवाह अनुमति निरस्त
कोविड-19 पाजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरूप कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर द्वारा 04 मई को प्रतिबंधात्मक आदेश पारित कर संपूर्ण जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 लागू की गई है।
इसके परिपालन में अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा 8 मई 2021 से 15 मई 2021 तक पूर्व में कोटा, बेलगहना एवं रतनपुर के तहसीलदारों द्वारा जारी सभी विवाह अनुमति पत्र आगामी आदेश पर्यन्त तक निरस्त कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
कोविड-19 संक्रमण का फैलाव वर्तमान में अत्यंत तीव्र गति से हो रहा है। इससे उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधियिम, 2005 की धारा 30, 40 सहपठित एपिडेमिक एक्ट, 1987 यथा संशोधित 2020 अनुसार उक्त आदेश जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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