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छत्तीसगढ़

सड़क सुरक्षा के संबंध में विभागों की उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न, दुर्घटनाओं को रोकने समन्वित प्रयास जरूरी : मुख्य सचिव

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रायपुर| मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सड़क सुरक्षा के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सहित यातायात को बेहतर बनाने प्रयास पर बल दिया गया। लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव जैन ने विभिन्न सड़कों पर ज्यादा दुर्घटना वाले ब्लैक स्पाटों पर जन सहयोग से सी.सी.टी. व्ही. कैमरा लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर पशुओ के विचरण को रोकने के लिए समुचित प्रयास करने कहा है। इसमें स्थानीय लोगो का सहयोग लिया जाएगा।

बैठक में सड़क सुरक्षा के तहत दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों द्वारा समुचित प्रयास किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटना पर नियंत्रण के लिए ओव्हर लोडिंग, अत्याधिक गति तथा नशे की हालात और बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस तथा परिवहन विभाग को दिए हैं। वाहनों की सघन जांच और तेज गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड गवर्नर लगाने की दिशा में कार्रवाई करने निर्देशित किया गया। मुख्य सचिव ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वर्चुअल कोर्ट के प्रकरण के निराकरण की भी समीक्षा की।

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मुख्य सचिव जैन ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने ब्लैक स्पॉट के चिन्हांकन पश्चात् उनमें तत्परता से सुधार की कार्रवाई के लिए भी निर्देश दिए। इसी तरह बैठक में दुर्घटना के शिकार लोगों के त्वरित उपचार हेतु व्यवस्था, राज्य में ट्रांमा सेंटर की स्थिति, पाठ्यपुस्तकों में यातायात शिक्षा सामग्री का समावेश और यातायात के नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई तथा यातायात नियमों के पालन आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने बैठक में राज्य के सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने तथा ग्रामीण सड़कों के मुख्य मार्ग में शामिल होने वाले जक्शन से अतिक्रमण हटाने सहित मार्गों में संकेतक और चेतावनी संबंधी बोर्ड को लगाए जाने के निर्देश दिए।


बैठक में डीजीपी अशोक जुनेजा ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए माईक्रो लेवल पर डेटा रखकर उसका विश्लेषण करने और जरूरी कार्यवाही करने पर जोर दिया। इसके लिए होने वाली दुर्घटनाओं का समयबद्ध जानकारी रखकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए समुचित कार्यवाही करने कहा गया है। परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने वाहनों की ओव्हर लोडिंग रोकने, वाहनों का फिटनेस, स्ट्रीट गवर्नर लगाने एवं स्कूल बसों एवं टैक्सी वाहनों पर पैनिक बटन लगाई जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए निर्भया फंड के उपयोग किया जाएगा।


बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए जन सहयोग के लिए जागरूकता के कार्यक्रम चलाने अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री संजय शर्मा ने बताया कि राज्य में ओव्हर लोड वाहनों पर कार्यवाही के तहत वर्ष 2019 में 15 करोड़ 96 लाख, वर्ष 2020 में 43 करोड़ 43 लाख और वर्ष 2021 में 01 अरब 7 करोड़ रूपए के समझौता शुल्क की वसूली की गई। बैठक में बताया गया कि राज्य में वर्ष 2021 में 12 हजार 375 सड़क दुर्घटनाओं में 5371 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 10 हजार 683 व्यक्ति घायल हुए।

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वर्ष 2022 के प्रथम छह माह में 6981 सड़क दुर्घटनाओं में 3053 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 6441 व्यक्ति घायल हुए हैं। दुर्घटना मृत्यु में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए विशेष जोर दिया गया और वाहन चालकों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। इस वर्ष जनवरी से जून तक कुल एक लाख 87 हजार 155 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही कर 6 करोड़ 88 लाख 75 हजार 750 रूपए वसूल किए गए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी.डी.सिंह, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित लोक निर्माण विभाग और नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, नेशनल हाईवे आदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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