छत्तीसगढ़
कोरबा जनसभा में गृहमंत्री अमित शाह का संबोधन, बोले- कहां गई केंद्र से दी गई DMF की 9 हजार 234 करोड़ की राशि ?

कोरबा। गृहमंत्री अमित शाह कोरबा पहुंच गए हैं, जहां पर तमाम भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। मंच से ही अमित शाह ने जनता का अभिवादन किया। यहां पर भाजपा नेताओं ने हल भेंट कर अमित शाह का स्वागत किया। लेट हो जाने के कारण अमित शाह ने सीधे झारखंड से कोरबा पहुंचे, कार्यक्रम स्थल के पास ही उनका हेलीकॉप्टर उतारा गया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ से भाजपा ने 15 सालों में नक्सलवाद को खत्म किया, हम 2024 तक देश को नक्सल मुक्त करेंगे। मध्यप्रदेश से अलग होने तक छत्तीसगढ़ बीमारू राज्य था, जिससे हमने बाहर निकाला। हमारी सरकार ने 15 साल में कई काम किए। प्रदेश को विकसित करने का काम भाजपा की सरकार ने किया, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार किया। ये जनता के पैसे हैं इन्हे ऐसे नहीं लूट सकते हैं।
केंद्रीय अमित शाह ने DMF की राशि पर सवाल पूछा, केंद्र सरकार ने DMF की राशि राज्य सरकार को दिया , 9 हजार 234 करोड़ के काम आपके यहां हुआ क्या ? ये पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए?
उन्होंने कहा कि इसका हिसाब किताब करने का समय आ गया। चुनाव में कमल का बटन दबाकर इसका हिसाब किताब आप कर देना। बाकी, कांग्रेस का हिसाब भाजपा कर ही लेगी।
Home Minister Amit Shah’s address in Korba public meeting
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सभी को अधिकार दिया, देश में गरीब परिवारों को शौचालय दिया। कोरबा में जनसभा में पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सरकार बदलने के संकल्प से भाषण शुरु किया। उन्होंने कहा कि प्रभु राम के ननिहाल में आया हूं, मेरा सौभाग्य है इसलिए मैं जय श्री राम से भाषण की शुरुआत करता हूं।
अमित शाह ने कहा कि भूपेश भैया कुछ किया हो तो सूची तैयार कर लेना जनता आपसे पूछेगी। शाह ने 2024 में फिर से मोदी सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आदिवासी की बेटी को देश का राष्ट्रपति बनाने का काम किया।
बीजेपी ने जनजाति के लिए चार गुना अधिक बजट बढ़ाया। लेकिन भूपेश सरकार ने जनजाति के लिए क्या किया? ये सवाल अमित शाह ने सीएम भूपेश से पूछा है।
अमित शाह ने कहा कि मैं यहां 23 और 24 के चुनाव की तैयारियों के लिए आया हूँ। 2024 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनानी है। 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनानी होगी। भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार के पाई पाई का हिसाब लेगी। विकास की गाड़ी को गति देनी है तो दो इंजन लगाना पड़ेगा। पहला इंजन मोदी जी का लगा हुआ है, दूसरा इंजन छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनाकर लगा दीजिए। पांच साल में वो सब काम पूरा करेंगे जो अधूरा रह गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















