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IFS Transfer Breaking : वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, जाने किसे मिली कहां की जिम्मेदारी, देखें लिस्ट

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इन अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना
सौरभ सिंह ठाकुर (2017) — गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर से उप संचालक, हाथी रिजर्व, सरगुजा, अंबिकापुर पद पर स्थानांतरण.
दिनेश कुमार पटेल (2018) — वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला से उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी पद पर स्थानांतरण.
गणेश यू. आर. (2019) — उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर से वनमंडलाधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल, बिलासपुर पद पर स्थानांतरण. साथ ही संचालक, अचानकमार अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार.
अभिनव कुमार (2021) — वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला पद पर स्थानांतरण.
एस. नवीन कुमार (2022) — संचालक, कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पश्चिम भानुप्रतापपुर पद पर स्थानांतरण.
गौतम पादीभर (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, गौरेला वनमंडल, मरवाही से उप संचालक, कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर पद पर स्थानांतरण.
श्वेता कंबोज  (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, अंबिकापुर वनमंडल से उप संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर पद पर स्थानांतरण.
सुमेध संजय सुरवणे (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, सुकमा वनमंडल से उप संचालक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर पद पर स्थानांतरण.
तन्मय कौशिक (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, रायगढ़ वनमंडल से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली पद पर स्थानांतरण.
वन विभाग ने 2011 बैच की अधिकारी स्टायलो मंडावी को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के पद से मुक्त किया है. इसके साथ ही उन्हें इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर के क्षेत्र निदेशक और मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर के अतिरिक्त प्रभार से भी मुक्त किया गया है. यह व्यवस्था उत्तम कुमार गुप्ता के कार्यभार ग्रहण करने के दिन से प्रभावी होगी.

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साय  सरकार के नेतृत्व में बनने वाले बीईएमएल संयंत्र से रोजगार के साथ खुलेगा मुंगेली में विकास का द्वार…

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आज एक नए औद्योगिक युग की ओर तेजी से अग्रसर है छत्तीसगढ़ राज्य। प्रदेश की इस परिवर्तनकारी यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय। जिनके सधे हुए नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले ले रही है। अपने दूरदर्शी सोच के साथ मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) के भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र की स्थापना की। उनका यह निर्णय मुंगेली के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाला है।

79.70 एकड़ भूमि का आबंटन बना एक ऐतिहासिक निर्णय

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राज्य मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि को रियायती दर पर बीईएमएल को आवंटित करने का निर्णय लिया है। यह भूमि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम चंद्रगढ़ी में स्थित है जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। मुख्यमंत्री के इस फैसले ने मुंगेली को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई और अलग पहचान दिलाई है।

प्रदेश का पहला हैवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट प्लांट होगा बीईएमएल संयंत्र


बीईएमएल संयंत्र छत्तीसगढ़ का पहला हैवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र होगा जिसमे खनन और निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक भारी मशीनों का निर्माण किया जाएगा। इस नई शुरुआत से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी और प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान प्राप्त होगी। कंपनीसमाचार

मुख्यमंत्री साय की दूरदर्शिता, कुशल नेतृत्व और उनके निर्णय लेने की क्षमता प्रदेश के विकास के हर आयाम मे दिखाई दे रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नीतियों के केंद्र बिंदु मे अक्सर स्थानीय युवाओं को अवसर, उद्योगों को प्रोत्साहन और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना ही रहा है। बीईएमएल संयंत्र की स्थापना राज्य के मुखिया की इसी सोच का प्रमाण है जो इस बात को स्थापित करती है कि साय सरकार औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए रोजगार सृजन की दिशा में गंभीर है।

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CG ED Raid Update: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल समेत करीबियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी खत्म, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त

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3000 करोड़ रूपये के शराब घोटाले मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और उनके करीबियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चल रही छापेमारी की कार्रवाई खत्म हो गई है। करीब 10 घंटे तक चली इस कार्रवाई में ED की टीम ने कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामान जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े कुछ लोगों को समन जारी कर जल्द पूछताछ कर सकती है।

इन ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ED की टीम ने गुरुवार सुबह रायपुर, धमतरी और दुर्ग समेत कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, जीडी लॉजिस्टिक्स के संचालक अनूप अग्रवाल, डॉक्टर कमलेश्वर अग्रवाल और रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसी की टीम पहुंची। इस दौरान करीब 10 घंटे तक दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई।

रायपुर में दबिश
रायपुर के रविनगर स्थित अनूप अग्रवाल के घर और कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर ED की टीम पहुंची। अधिकारियों ने यहां दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।

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रामगोपाल और उनके भतीजे के घर छापा
धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल और उनके भतीजे प्रतीक अग्रवाल से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता रामगोपाल अग्रवाल के निवास के सामने धरने पर बैठ गए। धमतरी विधायक ओंकार साहू समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई का विरोध किया।


रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर छापा
दुर्ग जिले में ED की टीम ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर भी दबिश दी। टीम ने उनके निवास और दुकानों में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। जानकारी के मुताबिक, ED की टीम करीब तीन गाड़ियों से दुर्ग के जैन गली स्थित परिसर में पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान 12 से अधिक अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए CRPF के जवानों को भी तैनात किया गया था।

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NEET परीक्षा प्रणाली फुलप्रूफ, सेंध लगाना मुश्किल…,’ मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किया दावा, शीर्ष न्यायालय बोला- UPSC से सीखिए

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Supreme Court Hearing On NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पेपर लीक के बाद किए गए सुधारों की जानकारी मोदी सरकार (Modi  government) ने सुप्रीम कोर्ट में दी। बुधवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि नीट परीक्षा कराने के लिए अभी जो सिस्टम है वह फुल प्रूफ यानी पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि सरकार ने यह भी माना कि इस प्रक्रिया में इंसानी दखल भी होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर छात्रों तक पहुंचाने में गोपनीयता को लेकर कितनी सावधानी बरती जाती है। मोदी सरकार की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप यूपीएससी (UPSC) से सीखना चाहिए।

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दरअसल नीट यूजी में गड़बड़ियां सामने आने के बाद शीर्ष अदालत आज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधारों की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि वर्तमान एनटीए को भंग किया जाए। याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को राधाकृष्णन पैनल, नंदन नीलेकणी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

वहीं सुनवाई के दौरान सरकार के कदम की जानकारी देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि NEET के प्रश्न-पत्र ले जाने वाली गाड़ियों में GPS लगा है, छोटी-सी हरकत भी रिकॉर्ड होती है। कई मॉडरेटर से प्रश्न बैंक तैयार करने को कहा गया है, उन्हें नहीं पता कि कौन-से सवाल प्रश्न-पत्र का हिस्सा बनेंगे। इसपर जज ने कहा कि आप जो बता रहे हैं, उन सब बातों की राधाकृष्णन कमिटी समीक्षा कर चुकी है। कमिटी ने संस्थागत समस्याओं की बात कही थी. हम चाहते हैं कि दूरगामी समाधान हो। उन्होंने कहा कि आप यूपीएससी को देखिए. परीक्षा बिना समस्या के आयोजित हो रही है। NTA को भी ऐसा करना होगा. विशेषज्ञ अधिकारी नियुक्त कीजिए जो बदलती तकनीक को समझते हों।

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