छत्तीसगढ़
रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन, 40 वाहनों से साढ़े 9 लाख का जुर्माना वसूल

सूरजपुर| कलेक्टर इफ्फत आरा के निर्देशन में रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर खनिज विभाग की सख्ती लगातार जारी है।पिछले दो महीनों में ऐसे 40 वाहनो को जप्त करते हुए वाहन मालिकों से करीब साढ़े नौ लाख रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है।बारिश के इस मौसम में नदी,नालों से रेत का उत्खनन प्रतिबंध है विभाग से अनुमति प्राप्त भंडारण केंद्रों से ही रेत की आपूर्ति की जा सकती है,ऐसे में अवैध रूप से उत्खनन व परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों पर कार्यवाही की गई है।
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले जून माह से विभाग की टीम लगातार क्षेत्रों में भ्रमण कर रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर कार्रवाई कर रही है अब तक की कार्रवाई में 40 ऐसे वाहन पकड़ में आए जो नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं जिन पर विभाग ने अलग-अलग कार्रवाई कर करीब साढ़े नौ लाख की जुर्माना वसूल किया है इस कार्रवाई में अवैध भंडारण,क्षमता से अधिक रेत परिवहन किए जाने की भी कार्यवाही शामिल है।खनिज अधिकारी संदीप नायक के अनुसार बारिश के मौसम में नियमानुसार नदी नालों से रेत की निकासी प्रतिबंधित है बावजूद कई जगह से शिकायतें मिलने पर विभाग ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की है।
विभाग की टीम राजस्व व पुलिस विभाग के सहयोग से लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की जांच पड़ताल कर रही है। नियम विरुद्ध रेत परिवहन किए जाने वाले वाहन मालिकों पर प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही हैं।जून माह से 8 अगस्त तक 40 वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई करते हुए अर्थदण्ड राशि रुपये 9 लाख 49 हजार नौ सौ पनचानवें रुपए जमा करवाया गया है। श्री नायक के अनुसार विभाग की यह कार्रवाई निरंतर जारी है जहां से भी शिकायतें मिल रही है विभाग फौरन कार्रवाई कर रही है और क्षेत्र में विभागीय टीम सघन भ्रमण कर अवैध उत्खनन व परिवहन पर नजरें रखी हुई।
आधी रात को विभाग की कार्रवाई,दो वाहन मालिको पर 78 हजार का जुर्माना
पिछले दिनों शिकायतें मिल रही थी कि भैयाथान से प्रतापपुर मार्ग पर कुछ वाहने रात के अंधेरों में रेत का अवैध परिवहन कर रहे हैं जिसको विभाग ने संज्ञान में लेते हुए स्वयं खनिज अधिकारी व राजस्व विभाग की टीम ने इस मार्ग पर जांच पड़ताल का दायरा बढ़ाया तो रविवार को दो ऐसे वाहन पकड़ में आए जो नियम विरुद्ध रेत का परिवहन कर रहे थे जिन पर कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को जप्त कर पुलिस चौकी चेंद्रा के सुपुर्द किया गया और दोनों वाहन मालिको पर करीब 78000 रू. की अर्थदंड आरोपित किया गया है। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध उत्खनन व परिवहन में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने यह कार्रवाई आधी रात को की है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















