छत्तीसगढ़
सुहागरात में पत्नी ने किया इंकार तो पति ने कर दिया बलात्कार…पीरियड्स में जबरन सेक्स से….
मिस्र। मिस्र में एक टीवी शो पर दिखाए गए एक सीन के बाद महिलाओं ने अपने साथ हुए बुरे अनुभवों को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इन पोस्ट्स में एक महिला का कहना था कि उनके पति बहुत संवेदनशील और बेहतरीन इंसान थे लेकिन जब वह प्रेग्नेंट थी तो उसने काफी बुरा बर्ताव किया, उसके चलते उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. उनके इस पोस्ट में लिखा था वो शख्स शानदार था. हालांकि जब हमारी शादी को एक साल हुआ था, उस समय मैं प्रेग्नेंट हो गई थी और मेरी डिलीवरी होने वाली थी. हालांकि इस बीच हमारी लड़ाई हो गई थी जिसके बाद उसने मुझे सजा देने का फैसला किया था.
इस महिला ने आगे लिखा कि उसने मेरे साथ जबरदस्ती संबंध बनाने की कोशिश की और मेरा रेप किया था. इस के चलते मेरा मिसकैरिज हो गया था. मैंने एक लंबी लड़ाई के बाद अपने पति से तलाक लिया था और उससे अलग हो गई थी लेकिन आज भी अपने बच्चे को गंवाने का दर्द मेरे जहन में है. इसके अलावा 34 साल की एक और महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सुहागरात पर मुझे पीरियड्स थे तो मैंने उसे सेक्स से मना कर दिया था. उसे लगा कि मैं उसे इन्टिमेट होने से मना कर रही हूं. इसके बाद उसने मेरी पिटाई की और मेरा रेप किया. बिस्तर पर चारों तरफ कून ही खून पैल गया था।
नेशनल काउंसिल फॉर वीमेन की एक रिपोर्ट के अनुसार, हर साल औसतन 6500 ऐसे केस मिस्र में आते हैं जिनमें पति द्वारा महिलाओं पर मैरिटल रेप, सेक्शुएल हैरेसमेंट और जबरदस्ती सेक्शुएल प्रैक्टिस की घटनाएं शामिल होती हैं. वीमेन सेंटर फॉर गाइडेन्स के एक वकील और एक्जक्यूटिव डायरेक्टर ने बीबीसी (BBC News) के साथ बातचीत में कहा कि मिस्र में एक कल्चर काफी सामान्य है जिसके अनुसार एक महिला अपने पति के लिए संबंध बनाने के लिए 24 घंटे उपलब्ध है जिसके चलते मैरिटल रेप जैसी घटनाएं सामने आती हैं.
हालांकि इस मामले में मिस्त्र के इस्लामिक एडवाइजरी बॉजी के सदस्य दार एल-ईफ्ता ने कहा कि अगर कोई शख्स संबंध बनाने के लिए पत्नी पर हिंसा करता है तो महिला के पास पूरा हक है कि वो अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती है और उसे सजा दिला सकती है. इसके बावजूद पिछले दो सालों में वीमेन सेंटर फॉर गाइडेन्स ने 200 से अधिक मैरिटल रेप पिछले दो सालों में दर्ज किए हैं. गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, मैरिटल रेप एक तरह की सेक्शुएल हिंसा है लेकिन मिस्त्र के कानूनों में मैरिटेल रेप को अपराध नहीं माना गया है.
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized5 days ago
बड़ी खबर : तीन साल से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे, GAD ने जारी किया आदेश
-
Uncategorized5 days ago
फार्मेसी काउंसिल की बैठक रही हंगामेदार: फार्मासिस्ट अभिषेक चंदा का निलंबन बहाल, पक्षपात के आरोपों के बीच रजिस्ट्रार पर बैठक छोड़कर जाने का आरोप
-
Uncategorized5 days ago
एचटीएटी परीक्षा चार अक्टूबर को: प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक बनने का मौका, जाने कब करे आवेदन
-
Uncategorized4 days ago
पीएम मोदी का नया वीडियो मैसेज, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ‘स्वदेशी’ का संदेश दिया
-
Uncategorized3 days ago
बिना सुविधाओं के रचा इतिहास : छोटे से गांव ने देश को दिए 17 अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी….
-
Uncategorized1 day ago
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए
-
Uncategorized6 hours ago
राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…
