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छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय सेवा योजना पुरुस्कार के लिए आमंत्रण

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बिलासपुर| राष्ट्रीय सेवा योजना भारत सरकार एक प्रमुख पूर्ण वित्त पोषित योजना है,जो युवा कार्यक्रम एवम खेल मंत्रालय द्वारा राज्यो के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महाविद्यालय व विश्व विद्यालय जैसे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में संचालित होती है.जिसका मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक समुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व का विकास करना है। इसी क्रम में सचिव भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवम खेल मंत्रालय ने रा से यो पुरुस्कार 2020-21 के लिए भारत सरकार क्षेत्रीय निदेशालय मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ भोपाल क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ से प्रस्ताव आमंत्रित किये है।श्री ए एस कबीर क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवम खेल मंत्रालय रा से यो क्षेत्रीय निदेशालय मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ भोपाल ने सचिव उच्च शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन से रा से यो पुरस्कार प्रस्ताव मंत्रालय को समय सीमा में भेजने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु अनुरोध किया है।


यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किये जाते है।प्रथम पुरस्कार विश्व विद्यालय/2परिषद, द्वितीय पुरस्कार रा से यो इकाई व उनके कार्यक्रम अधिकारी, तृतीय पुरस्कार रा से यो स्वयंसेवको को रा से यो के लिए उत्कृष्ट सामाजिक सेवाओं के लिए 24 सितंबर राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर भारत के महामहिम राष्ट्रपति जी के पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को प्रदान किये जाते हैं।भारत सरकार के पुरस्कार संबंधी दिशा निर्देशो के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य से विश्व विद्यालय स्तर का 1 प्रस्ताव, रा से यो इकाई/कार्यक्रम अधिकारी (एक पुरूष,1महिला) 2 प्रस्ताव एवम रा से यो स्वयंसेवक स्तर पर 4 प्रस्ताव (2छात्र ,2छात्रा) राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के उपरांत मंत्रालय को भेजे जाएंगे।रा से यो पुरस्कार उन स्वयंसेवको/कार्यक्रम अधिकारियों/कार्यक्रम समन्वयक को प्रदान किये जाते है जिन्होंने पिछले वर्ष (वर्ष 2018-19),(वर्ष 2019-20),(वर्ष 2020-21) में रा से यो की उपलब्धियों को पूर्ण किया है एवम योजना से प्रेरित होकर समाज सेवा के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है को प्रदान किये जायेंगे।रा से यो प्रथम श्रेणी पुरस्कार विश्व विद्यालय/2 परिषद हेतु 5,00,000( 5लाख रु ),द्वितीय 3 लाख रु व प्रशस्ति पत्र व रजत पदक प्रदान किया जाता है।

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संस्था स्तर द्वितीय श्रेणी पुरस्कार रा से यो इकाई व उनके कार्यक्रम अधिकारियों को 2 लाख रु व 1,50,000 रु तथा प्रशस्ति पत्र व रजत पदक प्रदान किया जाता हैं।तृतीय श्रेणी पुरस्कार रा से यो स्वयंसेवको को 1 लाख तथा प्रशस्ति पत्र व रजत पदक प्रदान किया जाता हैं।भारत सरकार ,युवा कार्यक्रम एवम खेल मंत्रालय ने रा से यो पुरस्कार 2020-21 हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं।इस हेतु अधिकतम 1 विश्व विद्यालय/2 परिषद,2 रा से यो इकाई उनके कार्यक्रम अधिकारियों के और 4 स्वयंसेवक (2 छात्र,2छात्रा) पुरस्कार के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा जाना है।इस संख्या से अधिक प्रस्तावों को और बिना प्रमाणित चेक लिस्ट के नामांकन मंत्रालय द्वारा संक्षिप्त रूप से खारिज किये जायेंगे।पुरस्कार के लिए सिफारिश योग्यता के क्रम में किया जाना होगा।भारत सरकार युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा रा से यो पुरस्कार नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2021 तय की गई है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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