छत्तीसगढ़
भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किसान कर रहे हैं पैरादान
रायपुर| भूमि की उर्वरा शक्ति को बढाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर किसानों द्वारा लगातार पैदादान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर पूरे प्रदेश के किसान गौठानों में पैरादान कर रहे हैं। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में अब तक 93 हजार क्विंटल (93 टन) से अधिक का पैरादान गौठानों में किया गया है।जिले के 52 गांवों के 127 किसानों ने अब तक 93.76 टन पैरा गौठानों में दान किया है।
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत जिले के ग्रामों में बने गौठानों में पशुओं को पर्याप्त चारे की व्यवस्था के लिए पिछले वर्ष की भॉति इस वर्ष भी किसान स्वयं आगे आकर फसल कटने के बाद पैरा दान कर रहें हैं। इसके लिए विभागीय अमलों के द्वारा किसानों से अपील भी की जा रहीं हैं। किसानों के द्वारा दान की गई पैरा को गौठान में संग्रहित कर व्यस्थित तरीके से रखा जा रहा है, ताकि लम्बे समय तक पशुओं को चारा मिल सके।

महासमुंद के प्रभारी उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि गांवों में ग्रामीणों की बैठक लेकर पैरादान के लिए अपील की जा रही हैं। इससे प्रेरित होकर किसान गौठानों मे पैरा उपलब्ध करा रहे है। सभी विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्राम स्तर के अधिकारी को निर्देशित किया है। पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत सरपंच/उप सरपंच/पंच तथा रोजगार सहायक से संपर्क कर अपने अधीनस्थ क्षेत्र के पैरा को गौठानों में जन सहभागिता को बढ़ावा देते हुए पैरादान के माध्यम से गौठानों में चारे की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के गौठान क्षेत्र के आसपास के गांव के किसानों को खुद से आगे बढ़कर पैरादान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि गौठानों में पशुओं के लिए वर्ष भर चारा उपलब्ध रह सके।
जिले के विभिन्न गांवों में बेलर मशीन द्वारा भी पैरा कृषकों द्वारा गौठानों मे दान किया जा रहा है, जिसे गौठानों में सुरक्षित रखा गया है।
हार्वेस्टर से फसल कटाई के बाद पैरा एकत्रित करने में अधिक मजदूरी लगने के कारण खेतों में ही किसान पैरा जला देते है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है, पैरा जलाने पर सरकार ने पूरी तरह प्रतिबंध लगाई है। इसके विकल्प के रूप में बेलर मशीन से पैरा एकत्रित करने का दोहरा लाभ है एक तो प्रदूषण से मुक्ति और सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरूआ, घुरूवा एवं बाड़ी के तहत गौठान ग्राम के लिए आसानी से पैरा भी उपलब्ध हो जा रहा है।
राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना एनजीजीबी के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विभाग की प्रेरणा से पशुचारा हेतु किसानों द्वारा पैरा को दान किया जा रहा है, कुछ किसानों द्वारा उनके खेतों में बेलर मशीन द्वारा पैरा एकत्रित कर स्वयं के ट्रैक्टर ट्राली से गौठान में इकट्ठा किया जा रहा है, इससे अन्य कृषकों को भी प्रेरणा मिले ऐसा प्रयास किया जा रहा हैं। कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर ने किसानों से अपील की है कि फसल कटने के बाद पैरा को एकत्रित करके पशुओं के लिए चारा गौठानों में दान करें।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized6 days ago
EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर 25 हजार की, 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा
-
Uncategorized4 days ago
RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…
-
Uncategorized2 days ago
WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut
-
Uncategorized24 hours ago
मुख्यमंत्री साय की ओडिशा के CM माझी से मुलाकात, बोले- महानदी जल विवाद का जल्द निकलेगा समाधान
-
Uncategorized4 hours ago
छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन अवकाश का ऐलान, जानिए कब-कब बंद रहेंगे स्कूल
