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छत्तीसगढ़

कोरिया : शासन द्वारा धान खरीदी 7 फरवरी तक बढ़ाये जाने से किसानों में हर्ष

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राज्य शासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए धान खरीदी की तिथि 7 फरवरी तक बढ़ाई गई है जिससे हर्षित होकर धान खरीदी के अंतिम दिनों में भी किसान लगातार धान का विक्रय कर रहे हैं। जिले में अब तक 27 हजार 655 किसानों से 13 लाख 51 हज़ार 234 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
जिले में लघु सीमांत किसान 27 हज़ार 261 हैं जिनमें से 21 हज़ार 623 किसान अपना धान बेच चुके हैं। इसी तरह दीर्घ किसानों की संख्या 6 हज़ार 568 हैं जिनमें से 6057 किसान अब तक धान बेच चुके हैं।
जिला खाद्य अधिकारी श्री व्ही एन शुक्ला ने बताया कि जिले में धान खरीदी का लक्ष्य 13 लाख 59 हज़ार क्विंटल है। जिले में 27 हजार 655 किसानों से अब तक 13 लाख 51 हज़ार 234 धान की खरीदी की गई है। आगामी खरीदी दिवसों में लक्ष्य प्राप्त हो जाएगा। जिले में धान खरीदी के तहत उपार्जित किये गये 13 लाख 51 हज़ार 234 क्विंटल धान में से जिले के राईस मिलर्स द्वारा 6 लाख 87 हज़ार 895 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। इस प्रकार धान उपार्जन केन्द्रों से लगभग 51 प्रतिशत धान का उठाव कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम में 32320.23 मीट्रिक टन धान जमा किया गया है। और 2375.62 मीट्रिक टन धान फ़ूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में जमा किया गया है। कलेक्टर द्वारा आगामी दिवस में भी राईस मिलर्स द्वारा शेष धान का प्रतिदिन उठाव किये जाने का लक्ष्य दिया गया है।?
जिले में 41 उपार्जन केन्द्रो के माध्यम से की गई धान खरीदी, 8 नए केन्द्र खुलने से 3 हजार से ज्यादा किसानों को मिला लाभ
    जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में जिले में 41 उपार्जन केन्द्रो के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। जिले में 8 नए उपार्जन केन्द्र खुलने से किसानों को सहूलियत हुई, नए उपार्जन केन्द्रो में 3 हजार 224 किसानों ने अब तक अपना धान बेचा। नए उपार्जन केन्द्र खुलने से किसानों को दूर धान बेचने जाने से मुक्ति मिल और समय की भी बचत हो रही है।
’समितियों में धान बेचने पहुंचे किसानों ने साझा किए अपने अनुभव’
धान खरीदी अपने अंतिम चरण में है। इस दौरान भी लगातार किसान धान बेचने समितियों में पहुंच रहे हैं। पटना समिति धान बेचने पहुंचे किसान विवेक गुप्ता ने बताया कि 172 क्विंटल धान का टोकन लिया है। जिसपर आज धान बेच रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सन्तुष्टि जताई और धान खरीदी दिवस बढ़ने पर खुशी व्यक्त की जिससे आज वे धान बेच सके। पटना समिति के ही किसान परशुराम और संतलाल ने भी बताया कि धान बेचने की व्यवस्था बढ़िया है और केंद्र में भी सभी का सहयोग मिलने से धान बेचने में आसानी हुई। खड़गवां समिति में धान बेचने आये किसानों ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए संतुष्टि जताई।
’आगामी शेष खरीदी दिवसों के लिए 838 किसानों ने लिया टोकन’
धान उपार्जन हेतु आगामी शेष खरीदी दिवस के लिए समितियों द्वारा गुरुवार और शुक्रवार को 838 किसानों से 39,860 क्विंटल धान खरीदी हेतु टोकन जारी किया गया है। जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था से जिले के किसान संतुष्ट है। अंतिम दिवसों में धान की व्यवस्थित खरीदी हेतु कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि धान उपार्जन अवधि के अंतिम दिन तक किसानों द्वारा लाये गए धान का तौल कर लिया जाए एवं एंट्री कम्प्यूटर में कर ली जाए, क्योंकि रात 12 बजे साफ्टवेयर लॉक हो जाएगा। नोडल अधिकारी द्वारा धान खरीदी के अंतिम दिन खरीदी केन्द्र में उपस्थित रहकर धान के तौल एवं एन्ट्री का कार्य सुनिश्चित कराया जाए।
’10 हज़ार से ज्यादा किसानों ने किया रकबा समर्पण’
धान खरीदी के साथ ही रकबा समर्पण की कार्यवाही भी जारी है। 03 फरवरी की स्थिति में जिले में अब तक 10 हज़ार 14 किसानों ने 1604.495 हेक्टेयर का रकबा समर्पित किया है। कलेक्टर श्री शर्मा ने धान खरीदी पूर्ण होने के उपरांत संबंधित क्षेत्र राजस्व, सहाकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खरीदे गये धान का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाये तथा उपार्जित धान के सुरक्षित रखरखाव किया जाए। किसी भी स्थिति में वास्तविक कृषक धान विक्रय से वंचित न हो, इसका विशेष ख्याल रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं। जिले में धान खरीदी हेतु जिला प्रशासन द्वारा की गई बारदाने, तौल टोकन आदि की व्यवस्था धान खरीदी सुचारू रूप से पूर्णता की ओर है तथा किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का तत्काल भुगतान भी किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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