छत्तीसगढ़
उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने अंतिम तिथि 31 जुलाई
बैंक, लोक सेवा केन्द्र, पोस्ट आफिस में करा सकते हैं बीमा
कम प्रीमियम से हो सकता है नुकसान की भरपाई
मार्गदर्शन करने ब्लॉकवार संपर्क अधिकारी नियुक्त
बिलासपुर, 19 जुलाई 2024/उद्यानिकी फसलों की पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए 31 जुलाई तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऋणि और अऋणि दोनों प्रकार के किसानों को योजना के तहत बीमा आवरण प्रदान किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा भारतीय कृषि बीमा कम्पनी के सहयोग से यह महत्वपूर्ण योजना जिले में लागू की गई है। वर्तमान खरीफ मौसम में जिले को 80 हेक्टेयर रकबा का लक्ष्य मिला है।
उप संचालक उद्यानिकी विभाग श्री लावत्रे ने बताया कि इच्छुक किसानों को निकटतम राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक सहकारी समितियां, लोक सेवा केन्द्र, भारत सरकार की बीमा पोर्टल अथवा डाक विभाग के जरिए बीमा कराया जा सकता है। बीमा कराने के लिए जो जरूरी दस्तावेज हैं, उनमें नवीनतम आधार कार्ड की कॉपी,नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र (बी1, पी 2) की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर खाता क्रमांक, आइएफएससी कोड एवं बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो, फसल बोआई का प्रमाण पत्र, किसान का वैध मोबाईल नम्बर एवं बटाईदार/कास्तकार/साझेदार किसानों के लिए फसल साझा एवं कास्तकार घोषणा पत्र अपलोड कराना होगा।
बिलासपुर जिले के लिए टमाटर, बैगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद की फसलों का बीमा कराया जा सकता है। टमाटर के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1.20 हजार एवं किसान प्रीमियम 6 हजार, बैंगन के लिए 77 हजार एवं किसान प्रीमियम 3,850 रूपये, मिर्च के लिए 90 हजार एवं किसान प्रीमियम 4500, अदरक के लिए 1.50 लाख एवं किसान प्रीमियम 7500, केला के लिए 1.65 लाख एवं प्रीमियम 8250 रू, पपीता के लिए 1.25 लाख एवं प्रीमियम 6250 तथा अमरूद के लिए 45 हजार एवं प्रीमियम राशि 2250 रूपये निर्धारित की गई है। दावा राशि का भुगतान किसानों के बैंक खाते में किया जायेगा। किसानों को फसल क्षति की सूचना बीमा कम्पनी को देने की जरूरत नहीं है। ओला एवं चक्रवाती हवाओं से नुकसान होने पर 72 घण्टे के भीतर फसल का ब्यौरा, क्षति की मात्रा, कारण और फोटो के साथ सूचित करें।
उद्यान विभाग द्वारा किसानों की सुविधा के लिए विकासखण्ड वार संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनमें बिल्हा ब्लॉक के लिए अशोक कुमार परस्ते,सीनियर एचडीओ मो. 96174 83390, तखतपुर के लिए जैनेन्द्र कुमार पैंकरा उद्यान विकास अधिकारी मो. 6265981957, कोटा के लिए साधुराम नाम सीनियर एचडीओ मो 91654 90297, मस्तुरी के लिए आरके जगत उद्यान अधीक्षक 80852 80923 तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू 99071 22727 को प्रभारी नामित किया गया है।

छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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