छत्तीसगढ़
फिल्मों की तरह सियासी पारी भी सुपरहिट : धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने गिनाए अपने सालभर के काम

भाजपा में शामिल होकर सियासी पारी की शुरुआत करने वाले छालीवुड के सुपरस्टार पद्मश्री अनुज शर्मा ने अपने विधायकी कार्यकाल के सालभर पूरे होने पर प्रेस से चर्चा की। उनहोंने कहा कि, नवाचार से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है।
धरसींवा: छत्तीसगढ़ के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक, पद्मश्री अनुज शर्मा के कार्यकाल का एक साल पूरा हो गया है। उनकी सियासी पारी भी फिल्मों की तरह सफलताओं से भरी रही है। महज एक साल में ही शर्मा ने करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को दी है।
अपने एक साल के विधायकी कार्यकाल पर अनुज शर्मा ने कहा कि, अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों का विश्वास जीतना मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। पिछले एक साल में, हमने मिलकर कई महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरे किए हैं। जैसे सड़क निर्माण, स्कूलों का उन्नयन, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार आदि शामिल हैं। मेरा मानना है कि, विकास एक सतत प्रक्रिया है और मैं आने वाले समय में भी क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे इस यात्रा में साथ दिया है।
जनता का जीता विश्वास
उल्लेखनीय है कि, 2023 में 3 दिसंबर को राज्य की जनता ने भाजपा की सरकार बनाने का जनादेश दिया। इस एक साल के कम समय में विधायक अनुज शर्मा ने अपने वादे के मुताबिक धरसींवा क्षेत्र के विकास में कई महत्वपूर्ण काम करते हुए जनता का विश्वास हासिल किया है। धरसींवा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 हजार 601 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। क्षेत्र में 3 करोड़ 93 लाख की लागत से स्कूल- कॉलेज भवनों के निर्माण हुए हैं।
इन पंचायतों में बही विकास की गंगा
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 144 ग्राम पंचायतों में 6626 आवास स्वीकृत कराए हैं। 261 लाख की लागत से खरोरा और कुरा ग्राम पंचायत में अधोसंरचना के 31 काम स्वीकृत कराए हैं। विधानसभा क्षेत्र में 91 लाख 7 सौ 95 माताओं बहनों को एक हजार रूपए प्रति माह महतारी वंदन योजना अंतर्गत दिए जा रहे हैं।
5 पंचायतों में 146 लाख की लागत से महतारी सदन का निर्माण कराया जा रहा है। 6 पंचायतों में 115 लाख की लागत से जन सुविधा के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण हो रहा है। 16 ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ की लागत से सीसी रोड, भवन निर्माण, यात्री प्रतिक्षालय और अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। विधायक एवं प्रभारी मंत्री निधि से 90 पंचायतों में शेड, सीसी रोड, रंगमंच समेत विभिन्न कार्यों पर 453 लाख के सांसद निधि से 50 लाख के कार्य कराए जा रहे हैं।
गांवों में सीसी रोड पर किया गया फोकस
धरसींवा विधान सभा क्षेत्र के 22 ग्राम पंचायतों में 200 लाख की लागत से सड़कों के निर्माण कराए जा रहे हैं। समग्र विकास योजना अंतर्गत 1 करोड़ की लागत से सीसी रोड एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। मंडी बोर्ड निधि से 13 पंचायतों में 575 लाख की लागत से सीसी रोड निर्माण का कार्य कराया जा रहा है तथा धरसीवां में नवीन तहसील ऑफिस का निर्माण 72 लाख का साथ ही धरसींवा विधानसभा में करोड़ों की लागत से विकास के कार्य तेजी के साथ चल रहे हैं, अवैध शराब, लॉ एन आर्डर की स्थित पर विधायक अनुज शर्मा जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। यह शुरूआत है आने वाले दिनों में क्षेत्र के विकाय कार्यों को और तेजी के साथ बढ़ाया जाएगा।
अवैध शराब बिक्री के खिलाफ बरती कड़ाई, 731 कोचिये जेल भेजे गए
प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों को विधायक अनुज शर्मा ने बताया कि, चुनाव के समय गांव में अवैध शराब की बिक्री पर बोले कि अब जनता की सहयोग से गांव में इस बुराई की लड़ाई शुरू हो गई है जिसके तहत धरसींवा विधान सभा के तहत तीन थानों में 731 अवैध शराब कोचियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल दाखिल किया गया है। कुछ माह पूर्व ही धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में एक पखवाडे़ के भीतर ही जिले के अधिकारियों की समन्वय बैठक लेते हुए कहा कि, हमारा सर्वोपरी उद्देश्य उनके विधानसभा क्षेत्र के एक-एक गांव विकास करना है।
साथ ही ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना है कि उनके क्षेत्र का ग्राम आदर्श ग्राम के रूप राष्ट्रीयस्तर पर सम्मानित हो। शर्मा ने कहा कि किसी भी हाल में अवैध शराब के बिक्री पर रोक लगाने पुलिस एवं आबकारी विभाग टीम बनाकर निरंतर गांव का दौरा करें और ऐसे कोचियों पर कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही ऐसे प्रकरणों की सूची बनाकर उसका परीक्षण करें ताकि इसकी पुनरावृति ना होने पाए।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















