Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के तीन जिलों के 210 आंगनबाड़ियों में लगाये जाएंगे स्टील के मेडिकल ग्रेड वॉटर स्टोरेज टैंक

Published

on

Medical grade water storage tanks will be installed in Anganwadis of three districts of Chhattisgarh

रायपुर| महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने आज रायपुर के फॉरेस्ट कॉलोनी स्थित अपने निवास कार्यालय से आंगनबाडियों में पेयजल व्यवस्था के लिए स्टेनलेस स्टील के वॉटर स्टोरेज टैंक लिये गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद से 1500 लीटर क्षमता के ये मेडिकल ग्रेड स्टेनलेस स्टील वॉटर स्टोरेज टैंक प्रदेश के तीन जिले रायपुर, दुर्ग और बालोद के 210 आँगनबाड़ियों में लगाए जाएंगे। इससे आंगनबाड़ियों में बच्चों तथा आम लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा। इससे जल जनित बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। 

मंत्री श्रीमती भेंड़िया


मंत्री भेंड़िया ने कहा कि दूषित जल से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इसे देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आईसीआईसीआई बैक के माध्यम से आंगनबाड़ियों में नन्हें बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। सीएसआर मद से प्रदेश के 210 आंगनबाड़ियों में स्टेनलेस स्टील के वॉटर स्टोरेज टैंक लगाए जाएंगे। इससे बच्चों के लिए स्वच्छ जल मिल सकेगा। मंत्री भेंड़िया ने वॉटर स्टोरेज टैंक प्रदान करने के लिए आईसीआईसीआई बैक और आईसीआईसीआई फाउंडेशन का आभार जताया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा, आईसीआईसीआई बैंक और फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थी।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर : चिटफंड से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे 2 से 6 अगस्त तक, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त


उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ियों में लगाए जा रहे वॉटर टैंक मेडीकल ग्रेड स्टेनलेस स्टील के डबल लेयर्ड इंसुलेटेड टैंक हैं। इनमें पानी का तापमान वातावरण से प्रभावित नहीं होता और एक सा रहता है। मेडिकल ग्रेड स्टील से बना होने के कारण इसमें स्टोर पानी पूरी तरह से बैक्टीरिया से मुक्त रहता है। इसमें काई नहीं लगती है। टैंक के नीचे वाल्व लगा होने से इसकी आसानी से सफ़ाई हो जाती है। स्टील टैंक में विषैले रसायन निकलने जैसी समस्या आने की कोई सम्भावना नहीं होती। 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   राहुल गांधी से मिले सीएम भूपेश बघेल, विभिन्न योजनाओं को लेकर हुई चर्चा!

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   रायपुर : इंडोर स्टेडियम में 9 अप्रैल से होगी श्रीमद भागवत कथा

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   बिलासपुर में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियो के मध्य हुआ नया कार्य विभाजन

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   बीमा की करोड़ो की राशि का प्रलोभन देकर ठगी करने वाले गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   राहुल गांधी से मिले सीएम भूपेश बघेल, विभिन्न योजनाओं को लेकर हुई चर्चा!

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending