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छत्तीसगढ़

66वॉ रेलवे सप्ताह के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने वाले 10 अधिकारी एवं 139 कर्मचारियों को महाप्रबंधक पुरस्कार से किया गया सम्मानित

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बिलासपुर| दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 66 वॉ रेल सप्ताह समारोह का आयोजन कोविड-19 के सभी नियमों का आवश्यक रूप से पालन करते हुए दिनांक 18 जून से 24 जून, 2011 तक वर्चुअल माध्यम के साथ आयोजित किया गया । दिनांक 18 एवं 21 जून को आयोजित समारोह के दोनों पालियों में उत्कृष्ठ कार्य निष्पादन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्मानित किया गया था । आज दिनांक 24 जून, 2021 को 04-00 बजे से कान्फ्रेंस हॉल, महाप्रबंधक कार्यालय, तीसरी मंजिल में आयोजित समारोह में शील्ड वितरण के साथ रेल सप्ताह समारोह का समापन किया गया ।

परम्परा एवं पूरी गरिमा के साथ आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, गौतम बनर्जी उपस्थित थे, इस अवसर पर सेक्रो अध्यक्षा इन्दिरा बनर्जी भी उपस्थित थी । कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के समस्त विभागाध्यक्ष, तीनो रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक उपस्थित थे, साथ ही वर्चुअल माध्यम के साथ आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम मे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में जुड़े रहे ।

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भारत में पहली बार रेल का शुभारंभ 16 अप्रैल 1853 में मुम्बई से थाणे के मध्य रेल चलाकर की गई थी । इस ऐतिहासिक घटना की याद में रेल मंत्रालय सहित सभी क्षेत्रीय रेलवे, वर्कषॉप, यूनिटों एवं मंडलों में प्रति वर्ष रेल सप्ताह मनाया जाता है । रेल सप्ताह समारोह में रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विगत वित्तीय वर्ष मे उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया जाता है ।

इसी कड़ी आज आयोजित 66वॉ रेल सप्ताह समारोह में सर्वप्रथम परम्परा अनुसार मुख्य अतिथि श्री गौतम बनर्जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर इस समारोह का शुभारंभ किया गया । इसके पश्चात उप महाप्रबंधक (सा.) श्री तन्मय माहेश्वरी के द्वारा सभी अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत करते हुए भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला गया ।

इस अवसर पर महाप्रबंधक गौतम बनर्जी ने अपने सम्बोधन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के समस्त अधिकारियों/ कर्मचारियों को 66वें रेल सप्ताह पुरस्कार समारोह की बधाई देते हुए वित्तीय वर्ष 2021-21 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उपलब्धियों एवं उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया । 
महाप्रबंधक के सम्बोधन के पश्चात इस समारोह में वित्तीय वर्ष 2021-21 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी रेल मंडलो एवं विभागो को शील्ड वितरण किया गया । इसके तहत  उत्कृष्ट कार्यो के लिए तीनों रेल मंडलों के विभिन्न विभागों के मध्य 47 उत्कृष्टता शील्ड प्रदान की गयीं । साथ ही हर मापदंड पर बेहतर कार्य करने के लिए तीनों मंडलों में से बिलासपुर रेल मंडल को Over all Efficiency सतपुड़ा शील्ड से नवाजा गया है । पुरस्कार वितरण के पश्चात् मुख्य जन संपर्क अधिकारी साकेत रंजन के द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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