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छत्तीसगढ़

वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना, रेलवे के 31 स्टेशनों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री

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वोकल फॉर लोकल’ विजन को बढ़ावा देने, स्थानीय/स्वदेशी प्रोडक्ट के लिए एक मार्केट प्रदान करने और स्थानीय उत्पादको के लिए अतिरिक्त आय के अवसर जुटाने के उद्देश्य से रेलवे ने ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ स्कीम शुरू की है ।

रेलवे की व्यापक पहुंच और महत्व को ध्यान में रखते हुये दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर स्थानीय कपड़ों, हस्तशिल्प, मिटटी से निर्मित वस्तुएं, हथकरघा, बांस के उत्पाद, वनोपज आदि को बढ़ावा देने की योजना बनायीं गई है ।

स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नाम मात्र शुल्क के साथ स्थानीय उत्पादों को 15-15 दिनों के लिए यह व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि छोटे स्टेशनों पर यह अवधि बढ़ाकर 3 माह भी किया जा सकता है ।

इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में “वन स्टेशन वन प्रोडक्ट” योजना के 46 स्टेशनों में लगभग 50 स्टाल लगाए गए है, जिसमें स्थानीय स्तर पर निर्मित एवं प्रसिद्ध वस्तुओं की बिक्री प्रारंभ की गई है । इन स्टेशनों में बिलासपुर रेल मण्डल के अंतर्गत 15 स्टेशन – बिलासपुर, अनुपपुर, चांपा, कोरबा, पेंड्रारोड, रायगढ़, शहडोल, सक्ती, नैला, उसलापुर, अंबिकापुर, बुढ़ार, बिसरामपुर स्टेशन हैं ।

रायपुर रेल मण्डल के अंतर्गत 15 स्टेशन – रायपुर, दुर्ग, भिलाई पावर हाउस, मरौदा, दल्लीराजहरा, भाटापारा, बिलहा, निपनिया, हथबंध, सिलयारी, उरकुरा, तिल्दा, भिलाई नगर, मंदिर हसौद, बालोद, भानुपरतापपुर स्टेशन हैं ।

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नागपुर रेल मण्डल के अंतर्गत 16 स्टेशन – इतवारी, गोंदिया, नैनपुर, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, तुमसर रोड, भंडारा रोड, बालाघाट, घंसौर, ग्वारीघाट, नागभीड़, सौसर, तिरोरा, वारासिवनी, वडसा एवं छिंदवाड़ा स्टेशन शामिल हैं ।

इन स्टालों में उपलब्ध कलाकृतियों एवं सामानों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए इन विलक्षण कलाकारी से यात्री परिचित हो रहे हैं साथ ही आवश्यकतानुसार इसकी खरीददारी भी कर रहे हैं तथा इनकी कारीगरी की तारीफ भी कर रहे हैं ।

बिलासपुर स्टेशन में हर्बल मैडिसिन एवं हैंडिक्राफ्ट प्रॉडक्ट, कोरबा मे पैरा आर्ट, रायगढ़ में हर्बल प्रॉडक्ट, अनुपपुर में ट्राइबल आर्ट, शहडोल में हनी, अम्बिकापुर में हर्बल मैडिसिन, दुर्ग में होम मेड बरी, पापड़, अचार, रायपुर में होम मेड डेकोरेटिव आइटम्स, डोंगरगढ़ में होम मेड मशाला, राजनन्दगाँव में मिलेट्स, गोंदिया में बम्बू आर्ट आदि स्थानीय उत्पादों के आउटलेट्स लगाए गए हैं ।

इस योजना के तहत रेलवे छोटे किसानों और उद्यमों के लिए कुशल लॉजिस्टिक्स विकसित करेगा। प्रत्येक रेलवे स्टेशन को एक स्थानीय उत्पाद के लिए प्रचार केंद्र की तरह देखा जा सकता है।

यह किसानों और कृषि एवं उसके सहयोगी उद्यमों के लिए अधिक कुशल विकसित करने में मदद करेगा और स्टेशनों से गुजरने वाले व्यापक दर्शकों, यानी रेलवे यात्रियों के लिए अद्वितीय क्षेत्रीय उत्पाद पेश करेगा । इसका उद्देश्य रेलवे का उपयोग करके स्थानीय उत्पाद की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाना है ।

इसके लिए कियोस्क स्टॉल का निर्माण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद द्वारा किया गया है । स्टेशन पर कियोस्क रेलवे अपने खर्च पर लगाकर देगा । उत्पादकर्ता को पंद्रह दिनों के लिए कियोस्क दिया जाएगा ।

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रेलवे के इतिहास में पहली बार होगा कि कियोस्क लगाने के लिए लोगों द्वारा आवेदन किए जा रहे हैं । कियोस्क का ढांचा रेलवे देगा, जबकि जिसे यह अलाट होंगे, वे सामान रखकर बेच सकेंगे । इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में प्रत्यक्ष रूप से प्राथमिक उत्पादकों के लिए है ।

एक स्टेशन-एक उत्पाद के तहत स्थानीय कलाकार को स्टेशन पर सिर्फ 15 दिन में ही अपने उत्पाद प्रदर्शित करने दिया जाएगा । इसके बाद दूसरे कलाकारों को मौका मिलेगा ताकि अधिक से अधिक कलाकारों एवं उत्पादों को मौका मिल सके । एक माह में दो उत्पाद और एक साल में 24 उत्पाद एक स्टेशन के लिए रेलवे को चाहिए हैं ।

ऐसे में एक स्टेशन पर एक या दो नहीं बल्कि कई स्थानीय उत्पादों को यह स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है । वर्तमान में छोटे स्टेशनों में उत्पादकों को और प्रोत्साहित करने के लिए इन नियमों को और लचीला किया गया है । छोटे स्टेशन में यह स्टॉल तीन महीने तक के लिए लिया जा सकता है । साथ ही स्वयं सहायता समूह को भी इससे जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है ।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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