छत्तीसगढ़
बिलासपुर मंडल क्षेत्राधिकार के माननीय सांसदों के साथ महाप्रबंधक की बैठक का आयोजन”


श्री तोखन साहू जी, माननीय सांसद बिलासपुर एवं राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार की अध्यक्षता मे बैठक सम्पन्न”
“यात्री सुविधाओं तथा रेल विकास से संबन्धित कार्यों पर बैठक में चर्चा हुई”
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले संसदीय क्षेत्रों के माननीय सांसदों की बैठक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक सुश्री नीनु इटियेरा के साथ आज दिनांक 06 सितम्बर 2024 को आयोजित की गई । तृतीय तल सभागार महाप्रबंधक कार्यालय में आयोजित यह बैठक सौहार्दपूर्ण तथा सहयोगात्मक माहौल में श्री तोखन साहू जी, माननीय सांसद बिलासपुर एवं राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार, की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
इस बैठक में श्री तोखन साहू जी, माननीय सांसद बिलासपुर एवं राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार के अलावा श्रीमती हिमाद्री सिंह जी, माननीया सांसद शहडोल, श्रीमती कमलेश जांगड़े जी, माननीया सांसद जांजगीर-चांपा, श्री प्रदीप पुरोहित जी, माननीय सांसद बरगढ, श्री चिंतामणि महाराज जी, माननीय सांसद सरगुजा, श्री राधेश्याम राठिया जी, माननीय सांसद रायगढ, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह जी, माननीय सांसद राज्यसभा (रायगढ़) सहित श्री जे.ओराम जी, माननीय सांसद सुंदरगढ एवं केबिनेट मंत्री जन जातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार तथा डॉ.श्रीमती ज्योत्सना महंत जी, माननीया सांसद कोरबा के प्रतिनिधि व मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय, विभिन्न विभागों के प्रधान विभागाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सुश्री नीनु इटियेरा ने उपस्थित सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी के मार्गदर्शन और बहुमूल्य सुझाव का लाभ हमें अपनी सेवाओं को बेहतर करने में मिलेगा ।
बैठक में मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का परिचय, उपलब्धियों, यात्री सुविधाओं तथा विकासात्मक कार्यों से संबन्धित प्रजेंटेशन माननीय सांसदों के समक्ष प्रस्तुत किया गया । इसी क्रम मे मण्डल रेल प्रबन्धक द्वारा प्रजेंटेशन में बिलासपुर मण्डल में यात्री सुविधाओं से संबन्धित किए जा रहे कार्य ,आधारभूत संरचना का विकास, गाड़ियों का क्षमता आवर्धन, दिव्यांग जनों, अमृत भारत स्टेशन योजना, वन स्टेशन वन प्रॉडक्ट, महिलाओं के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाएं जैसे अक्षिता सेफ बबल, मेरी सहेली अभियान आदि का विशेष उल्लेख किया गया । वाई-फाई, स्वच्छता प्रोजेक्ट, रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139, यात्री सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण आदि की विस्तृत जानकारी दी गई ।
माननीय सांसदों द्वारा मंडल में हो रही विकास कार्यों, उपलब्ध यात्री सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया तथा अपने क्षेत्र से संबन्धित विभिन्न जन सरोकारों से संबन्धित मुद्दों के माध्यम से स्थानीय स्तर की समस्याओं तथा जनता की आकांक्षाएं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप विभिन्न स्टेशनों में यात्री सुविधा का विस्तार करने की आवश्कताओं से अवगत कराया गया । बैठक में विभिन्न स्टेशनों में यात्री सुविधाओं तथा रेलवे विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई ।
महाप्रबंधक ने सभी सांसदों को अपने-अपने क्षेत्र की जनता की आकांक्षाएं एवं अपेक्षाओं से रेल प्रशासन को अवगत कराने एवं विकासात्मक सुभाव देने के लिए धन्यवाद दिया । साथ ही बैठक में उठाए गए मुद्दों तथा सुझावों को नियमानुसार प्राथमिकता के साथ पूरा करने के प्रयास के प्रति आश्वस्त किया ।
बैठक के अंत में उप-महाप्रबंधक(सामान्य) श्री समीर कान्त माथुर ने सुझाव देने तथा बैठक को सफल बनाने हेतु सभी सांसदों एवं सांसद प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया ।छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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