छत्तीसगढ़
पंद्रा-पैंतीस या ग्रोथ एट पार एग्जीक्यूटिव देना ही होगा : बीएमएस

भिलाई| भिलाई इस्पात मजदूर संघ (भारतीय मजदूर संघ) के कार्यसमिति की बैठक वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई, बैठक की अध्यक्षता यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एस एम पांडेय ने किया.यूनियन के सचिव मेडिकल एबीसन के वर्गीस ने कोविड काल में हॉस्पिटल प्रबंधन एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए उनको बधाई देते हुए कहा की भारी विपरीत परिस्थितियों में भी हॉस्पिटल के कर्मचारी काम करते हैं उनका मनोबल हमेशा बना रहे प्रबन्धन को इस विषय में चिंता करना चाहिए.यूनियन के सचिव अशोक माहोर ने टाउनशिप के जर्जर मकानों, गंदे पानी की समस्या, शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए मूलभूत मेडिकल सुविधाओं में और सुधार एवम बढ़ोतरी की मांग की.

यूनियन के सचिव अंजनी द्विवेदी ने मेडिकल में कुछ टेक्नीशियन एवं पर्सनल के कुछ कर्मचारियों का ट्रेनिंग पीरियड अभी तक सर्विस पीरियड में नहीं जुड़ने का मामला उठाते हुए इस विषय पर शीघ्र ही उच्च प्रबंधन से बात करके ट्रेनिंग पीरियड को जोड़वाने की मांग यूनियन के उच्चाधिकारियों से की.यूनियन के कोषाध्यक्ष रवि चौधरी ने कहा की सस्पेंड हुए साथियों का सस्पेंशन शीघ्र समाप्त हो इस दिशा में हमारे यूनियन द्वारा किया जा रहा है प्रयास सराहनीय है, साथ ही उन्होंने ऐसा प्रयास भी करने का आग्रह किया कि 31 मई को होने वाले इंक्वायरी के साथ ही सस्पेंशन तत्काल उसी दिन इंक्वायरी के पश्चात समाप्त हो.
यूनियन के उप महामंत्री मेडिकल सनी इप्पन ने वेज रिवीजन के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि हमारा 15 – 35 या एट पार एक्जीक्यूटिव का जो प्रस्ताव है उसमें हम किसी भी परिस्थिति में कॉम्प्रमाइज नहीं करेंगे, उन्होंने कर्मचारियों से ऐसे नेता से सावधान रहने का आग्रह किया जो हमारे वेज रिवीजन में अपने वर्चस्व के खातिर कर्मचारियों के हितों को ताक पर रखने का प्रयास कर रहे हैं.यूनियन के महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय ने सभी पदाधिकारियों को सुनने के पश्चात कहा की पिछले सप्ताह यूनियन के बैठक के पश्चात प्रबंधन से एक बैठक की गई जिसमें प्रबंधन ने हमारे द्वारा प्रस्तुत विषयों पर गंभीरता से विचार की बात कही, आज उठे विषयों पर भी उच्च प्रबन्धन से चर्चा किया जाएगा, साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अन्य इस्पात संयंत्रों की तुलना में सर्वाधिक मृत्यु भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की हुई है सेकंड फेस के चेतावनी के बावजूद, कहीं ना कहीं तैयारियां में कमी के चलते हमे भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है|
थर्ड फेस को लेकर प्रबंधन क्या तैयारी कर रहा है इस संबंध में भी प्रबन्धन से चर्चा कर पूर्ण सहयोग किया जायेगा, समस्त कर्मचारियों खासकर अठारह प्लस सभी कर्मियों का टीकाकरण शीघ्रता से हो, सोमवार को पुनः प्रबंधन से बैठक कर उपरोक्त समस्त विषयों के अलावा प्रमुखता से शीघ्र निलंबन समाप्त करने की बात करेंगे, ऐसे कर्मचारी जिनके पति और पत्नी दोनों की मृत्यु कोरोना से हो चुकी है आज उनके बच्चों को सकसेशन सर्टिफिकेट के लिए घूमना पड़ रहा है, प्रबंधन को इस विषय को तत्काल हल करने हेतु आग्रह किया जावेगा. यूनियन महामंत्री दिनेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि कर्मियों के मंशा अनुरूप शीघ्र वेतन समझौता, कोरोना से मृत्यु की दशा में आश्रित को स्थाई नौकरी मिले इस हेतु बीएमएस का प्रयास निरंतर हर स्तर पर जारी है.
धन्यवाद ज्ञापन सचिव अशोक माहोर ने किया उसके पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पांडेय ने कहा कि हम वेतन समझौता हेतु दिए गए अपने प्रस्ताव से पीछे हटने वाले नहीं हैं,उन्होंने विभाग वार सदस्यता बढ़ाए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने कहा.आज की बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष एस एम पांडेय, महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय, उप महामंत्री सनी इप्पन, कोषाध्यक्ष रवि चौधरी सचिवगण अशोक माहोर,अंजनी द्विवेदी, एबीसन के वर्गिस सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे.
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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