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छत्तीसगढ़

नेशनल रेफरी सेमिनार में बिल्हा क्षेत्र के खिलाड़ियों का दबदबा कायम हुआ ।

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खेलो ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन राष्ट्रीय संस्था बिलासपुर के महासचिव श्री गणेश सागर के द्वारा बताया गया कि,
छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिभावान ताइक्वांडो खिलाड़ियों और प्रशिक्षको को उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने की कार्य योजना को फलीभूत किए जाने के उद्देश्य से, अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रशिक्षक रवि थापा एवं रूबी थापा को बिलासपुर शहर में आमंत्रित कर दिनांक 30 एवं 31 मार्च 2024 को विशेष रूप से ताइक्वांडो एडवांस ट्रेनिंग एवं हायर पुमसे ट्रेनिंग, तथा नेशनल रेफरी सेमिनार का आयोजन प्रार्थना सभा भवन जल संसाधन विभाग नेहरू चौक बिलासपुर में किया गया था ।

इस आयोजन मे मुख्य अतिथि पूर्व संभागायुक्त एस.एल. रात्रे, पुलिस उप निरीक्षक श्री संजीव ठाकुर, विशिष्ट अतिथि रोटेरियन पायल लाठ, आशीर्वाद फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्षा स्वर्णा गौराहा , अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर कु.लीला पटेल,(अधिवक्ता उच्च न्यायालय),


अति विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ कराटे फेडरेशन (सामाजिक प्रकल्प उपक्रम) की प्रदेश अध्यक्षा डॉली पटेल, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की पैनल लॉयर श्रीमती लता नायक, स्पोर्ट्स एक्टिविस्ट टिंकू बग्गा, श्रीमती सरोज गुप्ता (सामाजिक कार्यकर्ता तिफरा बिलासपुर), के हाथों भारत के 22 राज्यों के ताइक्वांडो खिलाड़ियों को ताइक्वांडो खेल रत्न सम्मान से अलंकृत होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर भारत के विभिन्न प्रांतो से आए हुए 152 से अधिक ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने बेल्ट परीक्षा भी उत्तीर्ण की। नेपाल से आये मास्टर रबि थापा, एवं श्रीमती रूबी थापा के द्वारा ताइक्वांडो पूम-से, स्पीड कीपिंग, और रेफरशिप संतुलित एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया गया ।

बॉक्सिंग के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली छत्तीसगढ़ कराटे फेडरेशन की प्रशिक्षिका कु. लीलावती पटेल को, उनके बेहतरीन खेल कौशल्य के लिए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे खेल एक्टिविस्ट टिंकू बग्गा के द्वारा विशेष गिफ्ट हैंपर और खेल रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए पूर्व संभाग आयुक्त श्री एस.एल. रात्रे के द्वारा

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छत्तीसगढ़ राज्य सहित भारत के लगभग 23 राज्य के ताइक्वांडो खिलाड़ियो, को संबोधित करते हुए बालिकाओं को आत्मरक्षा की प्रशिक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया, तथा स्वस्थ खेल भावना के अनुरूप बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की हौसला अफजाई भी की गई । इस आयोजन में पुलिस उप निरीक्षक संजीव ठाकुर जी का विशेष योगदान रहा , संजीव ठाकुर के द्वारा इस अवसर पर महिला खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नवीन परियोजना के तहत कार्य योजना का खाता तैयार करने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किया गया। इस आयोजन की सबसे विशेषता इस बात की रही कि आयोजन पत्र का आमंत्रण कार्ड छत्तीसगढ़ी भाषा के मानक अलंकारों के अनुरूप छापा गया था, एवं भारत के विभिन्न राज्यों के सभी ताइक्वांडो प्रशिक्षकों को परंपरागत रूप से पगड़ी पहनाकर, उनका सम्मान किया गया ।

इस हायर ताइक्वांडो स्पोर्ट्स तकनीकी ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल कौशल्य का प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम ऊंचा करेंगे । इस अवसर पर सभी प्रतिभावान राष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं आत्मरक्षा खेल के प्रशिक्षकों के कार्यों को रेखांकित किए जाने के लिए श्री गणेश सागर के संपादन में मार्शल आर्ट मैगजीन का विमोचन श्री संजीव ठाकुर उप निरीक्षक के द्वारा किया गया ।

छत्तीसगढ़ राज्य में दूसरी बार आयोजित किए गए इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है । आयोजन के अध्यक्ष मास्टर गणेश सागर कुकीवान ब्लैक बेल्ट के द्वारा बताया गया कि, हमारी संस्था द्वारा पुनः अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो स्पर्धा आयोजित किए जाने की कार्य योजना को आधिकारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है जिसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ राज्य करेगा , तथा यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में आयोजित की जाएगी पूरे देश 22 राज्य के कोच को खेलों ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फैडरेशन का एफिलिएशन पत्र दिया गया यादव दीपक (गुजरात), ओ.पी. विश्वकर्मा (राजस्थान ) मुन्नू पटेल जी (ओडिशा) सावित्री श्रीवास (मध्य प्रदेश) इंदर कुमार (पंजाब) हरेंद्र पाल सिंह (हरियाणा) अवधूत चिलवंत (महाराष्ट्र) डाक्टर विकास जैन ( दिल्ली) अल्ताफ खान (वेस्ट जोन उत्तर प्रदेश) संजीव कुमार साहू (नॉर्थ जोन उत्तर प्रदेश) रवि शंकर (झारखंड)

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अंजली (कर्नाटका ) खुशबू कुशवाहा (चंडीगढ़ ) शयद सुजत (जम्मू कश्मीर) दुर्गेश कुमार मांझी (छत्तीसगढ) गोबिंदो देब ( असम) मृणाल (मणिपुर )


रागिनी तिवारी (वेस्ट बंगाल) (हैदराबाद) कृष्णा (बिहार) दिप्ती कुशवाहा (सिलोंग ) इन सभी राज्यों की कोचों को एफिलिएशंन पत्र जारी किया गया इंडिया बॉडी मीटिंग भी हुई जिसमे इंडिया बॉडी की प्रेजिडेंट मास्टर रवि थापा जी वेस्ट बंगाल को बनाया गया वर्किंग प्रेजिडेंट मास्टर राजकुमार यादव जी मध्य प्रदेश को बनाया गया वाइस प्रेसिडेंट यादव दीपक गुजरात, रवि शंकर झारखंड, ओ. पी. राजस्थान, संजीव कुमार साहू उत्तर प्रदेश, हरेंद्र पाल सिंह हरियाणा, सेक्रेटरी जनरल मास्टर गणेश सागर छत्तीसगढ़ को बनाए दुर्गेश कुमार मांझी कोषाध्यक्ष , लीगल एडवाइजर एडवोकेट मनोज जायसवाल, एडवोकेट रमाकांत मिश्रा, नेशनल बॉडी के मेंबर सावित्री श्रीवास मध्य प्रदेश, निधि दास वेस्ट बंगाल, वासु देव छत्तीसगढ़, एस एल रातरे पूर्व कमिश्नर, मदेश्वर कुमार रवि, अमन कुशवाहा उत्तर प्रदेश, प्रगति तिवारी, मोनिका चक्रधारी छत्तीसगढ़, रूपेश दास वैष्णव छत्तीसगढ़,को बनाया गया


खेलों ताई क्वांडो युथ स्पोर्ट्स फैडरेशन के तरफ सभी पदाधिकारियों को से हार्दिक शुभ कामनाएं दी ।

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

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Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

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2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

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4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

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