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छत्तीसगढ़

ग्राम फुलवार में पोकलेन मशीन से हो रहा है रेत का अवैध उत्खनन, UP एवं MP नंबर की दर्जनों ट्रक के कारण मेले जैसा माहौल… कांग्रेस के बड़े नेता का नाम लेकर कर रहे कार्य

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बलरामपुर| रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत छतरपुर के ग्राम फुलवार कन्हर नदी में विगत 1 सप्ताह से अवैध रेत उत्खनन के लिए दो पोकलेन मशीन लगाई गई है वहीं यूपी एवं एमपी नंबर की दर्जनों ट्रक खड़ी है जिनसे परिवहन हो रहा है। खनिज विभाग के अकर्मण्यता से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में एवं जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है जो कभी भी आंदोलन का स्वरूप ले सकता है।


गौरतलब है कि रेत माफियाओं की नजर आजकल क्षेत्र में उन सभी रेत खदानों पर है जहां से भरपूर मात्रा में रेत निकल सकती है रेत माफिया बेखौफ होकर सब कायदे कानून को धत्ता बताते हुए अवैध उत्खनन में संलिप्त है। इनके हौसले इतने बड़े हुए हैं कि इनमे अवैध काम करने पर भी प्रशासन खौफ नहीं है इस कारण वह रात दिन रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत छतरपुर के ग्राम फुलवार से अवैध रेत उत्खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विगत 1 सप्ताह से यहां दो पोकलेन मशीन के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है वही यूपी एवं एमपी नंबर की गाड़ियां परिवहन कर रही है। रेत माफियाओं का यह ऐसा ख़ौफ़ है कि ग्रामीण चाह कर भी विरोध नहीं कर पा रहे हैं वही इसे लेकर पूरे गांव में आक्रोश से वही जनप्रतिनिधि भी आक्रोशित है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।

गांव के मिट्टी के सड़क पर बड़ी वाहनों के चलने से मोटर साइकिल चलने लायक भी रास्ता नहीं रह गया– लुर्गी रामचन्द्रपुर मुख्य सड़क से करीब 5 किलोमीटर मिट्टी सड़क होते फुलवार से रेत माफियाओं के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है यहां 1 सप्ताह के अंदर ही इतनी गाड़ियां आना-जाना की की गांव का मिट्टीकृत सड़क में मोटरसाइकिल चलाना भी मुश्किल हो रहा है। गांव वाले चिंतित है कि यदि इसी प्रकार बड़ी वाहने चलती रही तो हम आना-जाना कैसे करेंगे।

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धूल के गुब्बार से गांव वाले हो रहे हैं बीमार–
रेत अवैध उत्खनन के लिए 1 सप्ताह के अंदर ही मिट्टी के सड़क से कितनी गाड़ियां आना-जाना की की सड़क के किनारे स्थित घरों के लोग अब बीमार गाड़ियों के आने जाने से उठने वाले धूल के गुब्बार के कारण हो रहे हैं।
रेत के अवैध उत्खनन के लिए नदी में बना दिया है रैंप–

रेत माफियाओं के द्वारा रेत के अवैध उत्खनन के लिए फुलवार कनहर नदी में रैंप का निर्माण कर दिया गया है रैंप का निर्माण काफी लंबे चौड़े क्षेत्र में किया गया है जैसे-जैसे उत्खनन करते जा रहे हैं वैसे वैसे रेम्प को आगे बढ़ाते जा रहे हैं।
नदी में कर दिए गए हैं 10 से 15 फीट के गड्ढे–

रेत माफियाओं के द्वारा नदी में रेत के अवैध उत्खनन करने के लिए 10 से 15 फीट के गड्ढे कर दिए गए हैं वहीं यह गड्ढा और गहरा कर रहे हैं जिससे आने वाले समय में बड़ी दुर्घटना घट सकती है क्योंकि यहां गांव के बच्चे स्नान करने आते हैं। तत्काल इस और प्रशासन को ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

रेत का हो रहा है अवैध भंडारण भी–
रेत माफियाओं के हौसले किस प्रकार से बुलंद है इसे इससे समझा जा सकता है कि रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन तो हो ही रहा है वहीं रेत का अवैध भंडारण भी यही किया जा रहा है।

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रायपुर के बड़े कांग्रेसी नेता का नाम लेकर कर रहे अवैध कार्य–

1 सप्ताह से यहां अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है यहां रेत उत्खनन कराने वाले रेत माफिया रायपुर के एक बड़े कांग्रेसी नेता का नाम लेकर अवैध रेत उत्खनन को अंजाम दे रहे हैं।

रेत उत्खनन करने के लिए पेड़ पौधों को किया गया बड़ी संख्या में नुकसान–

यहां अवैध रेत उत्खनन करने के लिए एक ओर जहां वन्य भूमि से गाड़ियां आना-जाना कर ही रही है वही बड़ी संख्या में पेड़ पौधों को भी नुकसान किया गया है वन विभाग को भी इस पर कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है।

लॉकडाउन में यहां है मेले जैसा माहौल–

अवैध रेत उत्खनन करने के लिए यहां बड़ी संख्या में ट्रक दिन भर खड़ी रहती है वही यहां मेले जैसा माहौल दिन भर बना रहता है ऐसे में गांव में संक्रमण और तेजी से फैल सकता है क्योंकि दूसरे प्रदेश के लोग भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में यहां आ रहे हैं।
इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी कुमार मंडावी से उनका पक्ष जाने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनसे संपर्क नहीं हो सका।\इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यदि वहां अवैध रेत उत्खनन हो रहा है तो इसे मैं दिखवाता हूं। यदि अवैध रेत उत्खनन हो रहा होगा तो कार्रवाई की जाएगी।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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