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छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए उठाए जा रहे है एहतियाती कदम”

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“सघन पेट्रोलिंग से संरक्षित परिचालन सुनिश्चित”

“यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्द दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे”

बिलासपुर : ट्रेनों का संरक्षित परिचालन सुनिश्चित करना रेलवे की पहली प्राथमिकता रही है, और इसके लिए समय-समय पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक अभियान चलाये जा रहे हैं । इसी कड़ी में ठंड के दिनों में भी सुगम एवं निर्बाध रूप से व्यवधान-मुक्त रेल सेवा प्रदान करने हेतु शीतकालीन पेट्रोलिंग प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष ज़ोरशोर से शुरू की जा रही है ।

सर्दियों के मौसम में आमतौर पर रेल परिचालन बेहद कठिन और चैलेंजिंग हो जाता है । इस दौरान कोहरे के साथ ही रेल फ्रैक्चर की घटनाएं भी काफी दर्ज की जाती हैं । शरीर की हड्डी कंपा देने वाली इस ठंड में रेल लाइन की देखभाल करते हुए रेल यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने में बड़ी जिम्मेदारी ट्रैकमैन की होती है । ये ट्रैकमैन भारतीय रेल के रीढ़ की हड्डी हैं जो सेना के जवान की तरह काम करते हैं । ठंड हो या गर्मी यहां तक कि ख़राब मौसम में भी ये ट्रैकमैन रेलवे ट्रैक पर 24X7 अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं ।

सर्दियों में रेल लाइनों पर संरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों रेल मंडलों बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर के सभी रेलखंडों में पेट्रोलिंग कर्मचारियों की तैनाती की गई है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लगभग 900 से भी अधिक बीट है । एक बीट 2 किलोमीटर का होता है, जिसमें 02 पेट्रोलिंग कर्मचारी, जो कि ट्रेकमेन, कीमेन होते है प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से लेकर प्रातः 06 बजे तक 4 चक्कर लगाते है । इस प्रकार प्रत्येक पेट्रोलिंग दल प्रतिदिन 16 किलोमीटर चलकर रेल लाइनों का निरीक्षण करता है । सभी पेट्रोलमैन को जीपीएस ट्रैकर यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम दिया गया, जिससे पेट्रोलिंग के समय इन पर निगरानी रखी जा सके । इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में इसी ट्रैकर की मदद से मोबाइल फोन द्वारा पेट्रोलमैन से कम्यूनिकेशन किया जा सकता है ।

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रेलवे का पेट्रोलमैन आपात स्थिति में रेलवे लाइन को सुधारने वाले सभी आवश्यक उपकरणों जो कि लगभग 20 से 25 किलो सामान उठाकर रोजाना 16 से 20 किलोमीटर चलता है । रात के वक्त ट्रैक की पेट्रोलिंग करने वाले कर्मचारियों को एचएसएल लैंप (रात को इंडीकेशन करने वाली लैंप), लाल झंडी, नट बोल्ट कसने के लिए चाबी व पटाखे दिए जाते हैं । रात के वक्त यदि कोई नट बोल्ट अथवा क्लैंप ढीला पाया जाता है तो उसे तुरंत कस दिया जाता है । अगर ट्रैक में कोई दरार पाई जाती है तो पेट्रोलिंग कर्मचारी तुरंत इसकी सूचना देने के साथ नजदीक स्टेशन के स्टेशन मास्टर को देते है, ताकि समय रहते किसी भी अनहोनी को टाला जा सके ।

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का बिलासपुर-अनुपपुर, रायगढ़-झारसुगुड़ा, अनुपपुर-अम्बिकापुर, चांपा-कोरबा, दुर्ग-गोंदिया, गोंदिया-चांदाफोर्ट, गोंदिया-बालाघाट-जबलपुर, दुर्ग-दल्लीराझरा जैसे अधिकांश सेक्शन अभ्यारण्य क्षेत्र से सटा है और पूरे क्षेत्र में जंगली जानवरों की भरमार है । ऐसे में भी पेट्रोलमैन अंधेरे में जंगली जानवरों के क्षेत्र में अपनी ड्यूटी पूरी ज़िम्मेदारी के साथ निभाता है । विपरीत मौसम में, सर्दी के समय जब रात को कड़ाके की ठंड पड़ती है, ऐसे में भी पेट्रोलमैन अपना कार्य करते हैं, ताकि रेल यात्रियों का सफर संरक्षा के साथ पुरा हो सके ।

इसके साथ ही रेलवे के सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा भी शीतकालीन के दौरान विशेष संरक्षा अभियान चलाया गया है, जिसके तहत समपार फाटकों, रेल पुलों, रेल पथों, संरक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े संसाधनों, ओ.एच.ई.लाइन, सम्बद्ध उपकरणों, सिग्नल प्रणाली आदि का सघन निरीक्षण एवं जांचकर आवश्यकतानुसार उनका अनुरक्षण किया गया है, जिससे शीतकालीन के दौरान भी रेल परिचालन निर्बाध और सुचारू रूप से चलता रहे ।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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