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राष्ट्रपति मुर्मू 28 फरवरी को आएंगी रांची, सीयूजे के तीसरे दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

रांची (झारखंड), 20 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 फरवरी को रांची आएंगी। वे झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति 28 फरवरी को सुबह 10:30 बजे रांची पहुंचेंगी।
इसके बाद वे कांके प्रखंड अंतर्गत चेरी-मनातू स्थित विवि के नये परिसर में आयोजित समारोह में शिरकत करेंगी। यहां से वे अपराह्न तीन बजे दिल्ली लौट जायेंगी। राष्ट्रपति के रांची आगमन की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गयी है।
राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू का यह तीसरा रांची दौरा होगा। इससे पूर्व वे वर्ष 2022 में रांची और बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू गयी थीं। इसके बाद वर्ष 2023 में झारखंड हाई कोर्ट के नये भवन के उद्घाटन तथा ट्रिपल आईटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेने आयी थीं। राष्ट्रपति के विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचने के लिए दो विकल्प तैयार किये जा रहे हैं। इनमें एक बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सड़क मार्ग (रिंग रोड) होते हुए चेरी-मनातू तक तथा दूसरा चेरी-मनातू में ही हेलिपैड का निर्माण कर सेना के हेलीकॉप्टर से सीधे उतारने पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रपति विश्वविद्यालय परिसर में दिन के 12 बजे से एक बजे तक शिरकत करेंगी तथा विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करेंगी।
64 को गोल्ड और तीन को मिलेगा चांसलर मेडल
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के सत्र 2016-21 (पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स) तथा सत्र 2019-21 व सत्र 2020-22 (दो वर्षीय कोर्स) के 778 विद्यार्थियों को डिग्री दी जायेगी। 25 पीएचडी धारकों को भी डिग्री दी जायेगी। 64 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा तीन विद्यार्थियों को चांसलर मेडल दिये जायेंगे। 64 गोल्ड मेडल में 35 लड़कियां शामिल हैं।
विश्वविद्यालय ने जारी किए ड्रेस कोड
दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए ड्रेस कोड को अनिवार्य किया गया है। भारतीय परिधान को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय ने ड्रेस कोड का निर्धारण किया गया है। परीक्षा नियंत्रक के जारी पत्र के अनुसार प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले में छात्राओं को सफेद सलवार-सूट एवं छात्रों के लिए सफेद कुर्ता-पाजामा पहनकर आना निर्धारित किया गया है। एकेडेमिक कौंसिल एवं एग्जीक्यूटिव कौंसिल के पुरुष सदस्यों के लिए क्रीम रंग का कुर्ता एवं सफेद रंग का पाजामा तथा महिला सदस्यों के लिए क्रीम रंग की साड़ी को ड्रेस के तौर पर अनिवार्य किया गया है।
समारोह में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों, एकेडेमिक कौंसिल एवं एग्जीक्यूटिव कौंसिल को खादी का उत्तरीय तथा शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों को सिल्क का उत्तरीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जायेगा। दीक्षांत समारोह को लेकर विवि में तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।





















